सीमलवाड़ा में महेंद्र के घर पर हुए कथित हमला व तोड़फोड़ की निष्पक्ष जाँच कर, यदि पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हों, तो सभी आरोपियों के विरुद्ध BNS की लागू धाराओं के तहत तत्काल गिरफ्तारी एवं सख्त कार्रवाई की जाए।
@DungarpurP@RajPoliceHelp@DmDungarpur#जयेश_कटारा_को_गिरफ्तार_करो
डूंगरपुर की धरती का आदिवासी पूर्वजों की वीरता और बलिदान से जुड़ा है। जनमान्यता के अनुसार भीलराजा डूंगर बरंडा ने डूंगरपुर की स्थापना की थी। उनके ऐतिहासिक योगदान के सम्मान में डूंगरपुर रेलवे स्टेशन का नामकरण भीलराजा डूंगर बरंडा के नाम पर किया जाए।
#डूंगर_बरंडा_स्टेशन_नामकरण_हो
UP: सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दलितों पर लाठीचार्ज का किया विरोध, बोले- मैं मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा...
@BhimArmyChief | @AzadSamajParty
@डूंगरपुर की नीव रखने वाले डूंगरपुर के भील राजा डूंगर बरंड़ा के नाम एक चौराहा और रेलवे स्टेशन, कॉलेज तक नहीं, जबकि अन्य नेताओं के नाम पर कई स्थान हैं। सरकार से हमारी मांग है कि स्थानीय इतिहास और आदिवासी विरासत को भी समान सम्मान दिया जाए।
#डूंगर_बरंडा_स्टेशन_नामकरण_हो@roat_mla
क्या भील राजा डूंगर बरंडा का सम्मान करने में शर्म आती है? 😠 इतिहास के पन्नों में जगह नहीं दी, अब रेलवे स्टेशन पर भी आंखें चुरा रहे हो? यह गद्दारी आदिवासी समाज कभी नहीं भूलेगा। नामकरण करो, यही आखिरी चेतावनी है! ✊🔥
#डूंगर_बरंडा_स्टेशन_नामकरण_हो
मेरठ के SSP अविनाश पांडेय जी का स्तर इतना गिर गया कि उन्होंने बन्दीवेन में घुसकर एक रवि गौतम व्यक्ति को थप्पड़ जड़ने लगे।
बताया जाता है कि रवि गौतम नामक व्यक्ति मेरठ में दलित लोगों के प्रदर्शन में अपनी बात रख रहा था तभी पुलिस द्वारा उसे गाड़ी में डाल के SSP साहब ने थप्पड़ मारे।
@CMOfficeUP@dgpup
मेरठ में दलित बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है।
यदि पुलिस हिरासत में बैठे व्यक्ति के साथ भी कथित मारपीट होती है, तो यह कानून के शासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और SSP अविनाश पांडे ने जो कृत्य किया है उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
संविधान ने हमें न्याय मांगने, शांतिपूर्ण विरोध करने और अपनी बात रखने का अधिकार दिया है। इन अधिकारों की रक्षा होना ही लोकतंत्र की असली पहचान है।
क्या आदिवासी पूर्वजों का सम्मान करना आपके चुनावी एजेंडे में है ही नहीं? भील राजा डूंगर बरंडा की उपेक्षा करना बंद करो। आपकी यह चुप्पी आदिवासी समाज का अपमान है। स्टेशन का नामकरण डूँगरीया भील के नाम पर ही होगा—यह आदेश है, मांग नहीं!
@BhajanlalBjp#डूंगर_बरंडा_स्टेशन_नामकरण_हो