वाह मोदी जी वाह!
लाखों प्रवासी मज़दूरों को सड़कों पर भूखे पेट पैदल चलने और मरने के लिए छोड़ने वाले प्रधानमंत्री पक्षियों को दाना डालते हुए अपना फोटोशूट करवा रहे हैं। जब नेता इतना ‘आत्ममुग्ध’ हो, तो जनता के पास ‘आत्मनिर्भर’ बनने के सिवा कोई विकल्प भी नहीं है।
@RubikaLiyaquat प्रधानमंत्री का भाषण हमने सुनना छोड़ दिया जो कहते है वो करते नही।। लगता है वो एक खास तबके के प्रधानमंत्री है। आपको शर्म आनी चाहिए एक झुटे आदमी का साथ देते हो चंद सिक्कों के लिए।
@umashankarsingh ऐसी डिबेटस मे सिर्फ नफरत बाँटने का काम होता है। अमीर सत्ता पक्ष ने चैनलो को भी खरीद रखा है। इनका एजँडा ही हिंदू मुसलमान होता हो या फिर काँगरेस या नेहरु होता है। मंहगाई कानुन वेवसता महिला सँगरकक्शन।गिरती अर्थ वेवसता कभी नहीं होता ऐसी डिबेटस पर बैन होना चाहिए।