60 साल के बलजिंदर सिंह हर शुक्रवार अमृतसर की खैरुद्दीन जामा मस्जिद में 'सेवा' करते हैं. हर जुमे की नमाज़ के बाद तक मस्जिद आकर लोगों के जूते-चप्पलों का साफ कर 'सेवा' का काम करते हैं. वे कहते हैं, मैं स्वभाव से जन्म और धर्मनिरपेक्ष हूं. मेरे लिए, मानवता किसी भी धर्म से ऊपर है.