#झूठीमीडिया_शर्म_करो
बिकाऊ मीडिया कुछ तो शर्म करो।
संत रामपाल जी महाराज निर्दोष है। और विश्व के कल्याण के लिए जेल में गए है हुए है। भ्रष्ट मीडिया अपने टीआरपी बढ़ाने के लिए संत रामपाल जी महाराज को बदनाम करने की कुचेष्टा कर रही है।
Media Apologize To Sant RampalJi
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
509 वर्ष पूर्व झूठे गुरुओं द्वारा ईर्ष्यावश कबीर साहिब जी को काशी से निकालने हेतु झूठा प्रचार किया कि कबीर साहिब भंडारा करेंगे। जिससे 18 लाख लोग काशी में इकट्ठा हो गए, इस अवसर पर कबीर जी ने 18 लाख लोगों को मोहन भोजन कराया
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस पर अद्भुत जानकारी
परमात्मा कबीर जी केशव बंजारा(व्यापारी) रुप में नौ लाख बैलों के ऊपर बोरे(थैले) में भर-भर कर पका पकाया भोजन अपने सतलोक से लेकर आए व एक लाख सेवादार भी साथ लाए। तथा काशी में दिव्य विशाल भंडारा कराया था।
7_8_9 November
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस
खुल्या भंडारा गैबका, बिन चिटठी बिन नाम।
गरीबदास मुक्ता तुलैं, धन्य केशौ बलि जांव।।
परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी ने काशी शहर में 3 दिन तक सभी संप्रदाय के 18 लाख लोगों को, बिना कोई चिठ्ठी - बिना कोई नाम भंडारा करवाया था।
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झूठा प्रचार किया किसी मुरख ने, कबीर करें भंडारा।
दो रोटी का साधन न था, भेख जुड़ा अति भारा।।
509 वर्ष पूर्व झूठे गुरुओं द्वारा ईर्ष्यावश कबीर साहिब जी को काशी से निकालने हेतु झूठा प्रचार किया कि कबीर साहिब भंडारा करेंगे।
कहां से उतरी जो ऊपर से ट्यूबलवैल की तरह गिर रही थी। मटके भर-भरकर रखे जा रहे थे। उन्हीं से भण्डारे में पीने के लिए प्रयोग किया जा रहा था।
7_8_9 November
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अपरमपार पार गति तेरी, कित उतरी जल धारा।।
उस भंडारे(लंगर) में नौ लाख भोजन करने वालों को पानी भी मिट्टी के सकोरों में पिलाया जा रहा था जो उस समय प्रचलित थे। संत गरीबदास जी ने कहा है कि वह स्वच्छ पीने के पानी की धारा
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एक शेखतकी नाम के मुस्लिम पीर ने झूठी चिट्ठी लिखकर 18 लाख साधू संतों को आंमत्रण भिजवा दिया कि इस दिन कबीर सेठ भंडारा कराएंगे।
परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी ने सतलोक जाकर केशव बंजारा(व्यापारी) रुप बनाया फिर वहीं के
सतलोक पहुंचे और केशव नाम के बंजारे(व्यापारी-सौदागर) का रुप बनाया। वहीं से सभी प्रकार के पकवान लाए गए। नौ लाख बैलों में व एक लाख सेवादार भी वहीं से आए। फिर काशी में अद्भुत भंडारा चला।
7_8_9 November
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी काशी में जब आए थे तो आम जनता की तरह जीवन व्यतीत करते थे।
शेख तकी ने ईर्ष्या वश कबीर साहेब जी की ओर से झूठी चिट्ठी सबके पास भिजवा दी। जिसमें 18 लाख साधू- संत लंगर खाने पहुंच गए, परमात्मा ने अपनी समर्थता दिखाते हुए,
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
विशाल भंडारा - "दिव्य धर्म यज्ञ दिवस" इस उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 7 से 9 नवंबर 2022 को विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है जिस प्रकार 509 वर्ष पूर्व परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी ने दिव्य धर्म यज्ञ (विशाल भंडारा) 3 दिन तक किया था,
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
केशो आया है बनजारा, काशी ल्याया माल अपारा।।
नौलख बोडी भरी विश्म्भर, दिया कबीर भण्डारा।
509 वर्ष पूर्व परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी 18 लाख लोगों के लिए भोजन भंडारा सतलोक से लाये तथा प्रत्येक भोजन करने वाले को एक दोहर और एक मोहर दी।
गीता अध्याय 16 श्लोक 23, 24 के अनुसार शास्त्रविधि अनुसार भक्ति से ही लाभ (सुख, कार्यसिद्धि तथा मोक्ष) सम्भव है। शास्त्रविरुद्ध साधना मनमाना आचरण होने से व्यर्थ है।
#KnowAboutChhathPuja
लोगों का मानना है कि छठी मैया और सूर्य देव की पूजा करने से संतान सुख, दीर्घायु और सुख-समृद्ध की प्राप्ति होती है। जब कि छठ पूजा शास्त्र विरुद्ध साधना है।