@UPPCLLKO महोदय थोड़ा ध्यान यहां भी दे दीजिए, आलमनगर लखनऊ बुद्धेश्वर FCI पावर हाउस एक हफ्ते से 15 -15 घंटे बिजली गुल है। पानी के लिए तक परेशान है । इंसान कानून हाथ में लेने पर उतारू है। आपके कर्मचारियों से ठीक नहीं हो रहा है।
आलमनगर लखनऊ बुद्धेश्वर FCI पावर हाउस की बिजली व्यवस्था न ठीक हुई थी न होगी, एक हफ्ते से 15 घंटे बिजली गुल रहती है न कोई सुनवाई न कोई हल । लोग इस तरह परेशान है क्या बताए। अब लगता है लोगों को बड़ा कदम उठाना पड़ेगा ।
@MVVNLHQ@UPPCLLKO@aksharmaBharat@myogiadityanath@EMofficeUP
@bstvlive सिर्फ यही नहीं गंगा पुल का हाल देखिए,
गंगा पुल से रामादेवी, नौबस्ता जाने वाला फ्लाईओवर देखिए शहर में घुसने से लेकर निकलने तक कहीं का हाल सही नहीं है। सड़कें तो खतम है लेकिन यहां के आकाओं के आंखों का पानी भी खतम है।
@HansrajMeena जेल और न्यायालयों का डर होता तो ये साले ऐसा करते क्या बीच सड़क पर अपराध किया तो सजा भी बीच सड़क पर मिलनी चाहिए। जेल और न्यायालय इनके घर है कांड करो और केस लड़ो सालों तक बेल पर बाहर रहो और एक और कांड करो। लेकिन अब ये नहीं चलेगा।
#डबल_इंजन_सरकार
अब इसे क्या कहेंगे ! इस इंसान को अगर सपोर्ट नहीं मिला तो बाहर जाकर पैसे कमा लेगा, लेकिन न फिर से अजनार साफ हो पाएगी और न ही उसके जैसे और नदी नाले सड़क गलियाँ।
@CMMadhyaPradesh@govofindia
@UnreservedMERIT रावण को अब इसकी प्रतिमा बनवानी चाहिए और इसके नाम से स्मारक बनवाना चाहिए। इसके घर वालों के भविष्य के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करनी चाहिए। तब मानेंगे ये दलितों के नेता है।
@Shwetaraiii ये सीधा सीधा वोट खरीदी है, पप्पू चाहते तो राहत सामग्री भी दे सकते हैं। लेकिन उससे सेवा होती है जो पप्पू नहीं करना चाहते। और राहत सामग्री 500 से कहीं ज्यादा की होगी, लेकिन लोभी लोग 500 में बिक रहे है।
@afjalrajguru ट्रेनों में अब ये सब आम बात हो गई है हमारे रेल मंत्री जी ने ट्रेन को असुविधा और समस्याओं का अड्डा बना दिया आप चाहे रिजर्वेशन कराए चाहे ट्रेन बुक कराए यात्रा आपकी जिल्लत की ही होगी।
@brajeshpathakup@BJP4India@BJP4UP ये बात कहना गलत नहीं है कि, बिजली व्यवस्था 2014 के बाद काफी हद तक सही हुई है। ✅ लेकिन अभी इसपे बहुत काम वाकी है। अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में 6 -8 घंटे गायब रहती खास कर उस समय ज्यादा जरूरत होती है। 🛑
@Newsofpmc स्लीपर हो या एसी ! रिजर्वेशन के किसी डिब्बे में चाहे वो पुलिस हो वकील हो फौजी हो या कोई नेता बिना रिजर्वेशन के नहीं बैठ सकता। हां अगर सीट अवेलेबल है तो टीटी से सीट अलॉट करा के यात्रा कर सकता है । ये उन आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा का सवाल है जो महीनों पहले रिजर्वेशन कराते हैं।
@BJP4India@NitinNabin दरअसल ऐसा है कि, नमाजवादी पार्टी ने हमेशा ईद बकरीद जैसे ढकोसले मनाए और हमेशा सामने जानवर ही देखा थाली में , उनको ये पता ही नहीं है कि देश में और भी प्रकार के भोजन है । तो जो खाया वही याद है। शर्म करो नास्तिकों 😡