हे भगवान, बीजेपी के चेहरे पर और कितनी कालिख पोतोगे?
मोदी जी का diamond facial बर्बाद हो जाएगा।
जिन मामलों का ढोल पीट-पीटकर इन्होंने हमारे नेताओं को बदनाम किया था, उन्हीं मामलों को एक-एक करके देश की अदालतों ने, वो भी इन्हीं के शासन के दौरान, ख़ारिज कर दिया।
इनके सितारे गर्दिश में हैं। जल्द ही बिस्तर गोल होगा।
The master has been outdone by the apprentice.
In a country where 800 million people depend on free rations just to afford two meals a day,
Over the past 11 years, the Modi government has blown nearly ₹6,000 crore on self-congratulatory advertisements – an average of ₹1.49 crore every single day.
Yogi has gone a step further.
In just eight years, his government has spent over ₹7,000 crore on advertising – an average of ₹2.3 crore every single day.
What greater admission of failure could there be?
Governments that deliver don't need billion-rupee advertising campaigns. Only those that fail do.
मैं वही लड़की हूं- जिसने मुंबई में पुलिस की वैन को रोका था और अब मेरे बारे में कई नैरेटिव चलाए जा रहे हैं।
मैंने 20 बच्चों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने से रोका था। अब मुझे हैरेस किया जा रहा है, जो कि क्राइम है।
मैंने 27 जुलाई को पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन आज 5 अगस्त है और अब तक FIR नहीं हुई है। हालांकि, मुझे खुशी है कि मैं जिन युवाओं के लिए खड़ी हुई, आज वे मेरे साथ खड़े हैं।
: रिया अहीर जी
पाँच, दस और पचास ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बाद में बना लीजिए, मोदी "जी"।
पहले अस्पताल बनाइए।
जिन अस्पतालों में लोग ठीक होने जाते हैं, वहीं से ज़ख्मी होकर लौट रहे हैं।
क्या मज़ाक बना रखा है?
यह एक बहादुर देश की कायर सरकार है।
बीजेपी के समर्थक गुंडों की धमकियों और ज़हरीली ट्रोलिंग के बावजूद, इन युवाओं में आज भी प्रेस के सामने खड़े होने का साहस है।
पर गृहमंत्री अमित शाह और PM नरेन्द्र मोदी यहाँ आकर खड़ा होना तो छोड़िए, संसद तक में आने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
''अमित शाह जवाब दो''
छात्रों पर हुई बर्बरता और चढ़ावा चोरी के खिलाफ विपक्ष के सांसदों का पैदल मार्च।
मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सदन में आकर जवाब देना ही होगा।
📍 दिल्ली
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' और छात्रों पर की गई बर्बरता पर जवाब दें।
लेकिन PM मोदी और अमित शाह सदन में आने को तैयार ही नहीं हैं। ऐसा न करके वे सदन के सदस्यों और देश की जनता का अपमान कर रहे हैं।
PM मोदी सदन में आकर बात करने के बजाए Instagram पर रील बनाते हुए कहते हैं- मैंने बच्चों को माफ कर दिया। जबकि छात्रों और युवाओं पर की गई बर्बरता के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
हम बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार जवाब देने के बजाए, छात्रों को डरा-धमका रही है। ये हमारे लोकतंत्र के लिए खतरा है।
मोदी सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से सदन में बात रखकर राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge
बीजेपी भी अजीब है।
साधु के वस्त्र चंदा चोर पहने, कोई और नहीं।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में अनिल मिश्रा साधु के वस्त्र पहनकर मोदी जी के बगल में ही खड़े थे। ये वही अनिल मिश्रा हैं जिन्हें चंदा चोरी विवाद में अपनी कथित भूमिका के कारण राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफ़ा देना पड़ा।
तब किसी को सनातन धर्म या साधु-संतों का अपमान नज़र नहीं आया।
लेकिन वही वस्त्र एक जनप्रतिनिधि व्यंग्य के लिए पहने, तो पाप हो गया।
आज चंदा चोरी से लेकर पेपर लीक और बच्चों पर हुए दमन तक, हर मोर्चे पर इस सरकार की थू-थू हो रही है।
इसलिए अब असंगत केस करके ध्यान भटकाने और अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश की जा रही है।
The Delhi Police seems remarkably efficient when it comes to repressing students peacefully demanding their constitutional rights.
But when it comes to protecting a vocal Opposition leader – even a sitting Member of Parliament – at his own residence, it suddenly falls short.
Ever since Anurag Kumar took charge as Delhi's Police Commissioner, the force's record has gone from bad to worse.
Let's shift the perspective for @DelhiPolice
Under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi and the guidance of Union Home Minister Shri Amit Shah, individuals who have defrauded Indian banks for about ₹40,000 crore fled India and remain beyond the reach of Indian law.
Aap chronology samajhiye:
2016: Vijay Mallya left India after defaulting on bank loans worth ₹9,000 crore.
2016: The promoters of Ram Dev International Limited fled India after defrauding a consortium of banks led by SBI of ₹414 crore.
2017: The Sandesara Group fled India after defrauding Indian banks of ₹15,000 crore.
2018: Nirav Modi fled India in connection with the ₹6,500 crore Punjab National Bank fraud.
2018: Mehul Choksi fled India and is accused in a fraud involving ₹7,100 crore.
2018: Manjit Singh Makhni left India and is accused in fraud involving ₹351 crore.
Mo-Sha ji, you've managed to bring back pickpockets. When will you bring back those who emptied India's bank vaults?
Also while you're at it, why not bring back your favourite – Jatin Mehta, whom you didn’t even file a case against for years?
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
राम मंदिर में हुई 'चढ़ावा चोरी' और अमित शाह के संसद से गायब रहने के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
देश की जनता छात्रों पर की गई बर्बरता और 'चढ़ावा चोरी' पर सवाल पूछ रही है। जनता को बताना होगा- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?
BJP जवाबदेही से भागने की लाख कोशिश कर ले, लेकिन सरकार को जवाब देना होगा।
📍 संसद परिसर, दिल्ली
अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।
ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल।
पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है।
और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ़" करने की बात करते हैं।
क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं!
भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए।