हर कदम पेपर लीक सरकार के खिलाफ,हर कदम बेहतर शिक्षा के लिए
जयपुर में छात्रों का यह जनसैलाब आज उनकी बुलंद आवाज़ बनकर सड़कों पर उतरा है। अवसर है “Run For Against Paper Leak” 🏃 मैराथन का।
इन तस्वीरों से साफ है कि देश का छात्र पेपर लीक और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक बदलाव चाहता है। छात्र जवाबदेही चाहते हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
सोनम वांगचुक जी की जान भी चली जाए तो इस तानाशाह-भ्रष्ट भाजपा सरकार को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा- उनकी बला से- किसी की जान से प्यारी प्रधानमंत्री मोदी को अपने निकम्मे-नाकारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चिंता है जिसकी वजह से आज लाखों-करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और कितने ही छात्र उम्मीदों के साथ साथ दम भी तोड़ रहे हैं,
मेरी निजी राय है कि @Wangchuk66 जी को अपनी भूख हड़ताल ख़त्म करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी के रास्ते पर चलते हुए #ChhatronKiGoonj अभियान का हिस्सा बन युवाओं और छात्रों को साथ लेते हुए इस भ्रष्ट भाजपा सरकार को नीव से उखाड़ फैकने के प्रयास करने चाहिए. अब बस यही एक मात्र रास्ता है.
#SackDharmenderPradhan #ResignPradhan
रिया पेशे से अध्यापक थी और सुनार के पास ज्वेलरी खरीदने गई.!
प्यास लगी तो बोला भईया पानी पिला दों..
ग्राहक के लिए सेठजी ने नौकर से बोला सामने दुकान से बिसलेरी पानी की बोतल लाना.!
बोतल आई रिया ने पानी पिया और पुरा मुँह और अंदर से फूड पाईप जल गई.
अब रिया मेरठ मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत की जंग लड रही है.!
अब रिया को कोर्ट जाकर इतने जुर्माने की मांग करनी चाहिए ताकि ये ब्रांडेड बोतल बंद पानी वाले कभी लापरवाही करने से पहले सौ बार सोचें.!
हांलाकि सुनार का दावा है मेनें दुकान से मंगवाई और दुकानदार का दावा है पानी बोतलबंद था और देखते है अब @BisleriZone वाले क्या सफाई देते है.
हालांकि जाँच चल रही है जल्द सच्चाई सामने आयेंगी.. 👍
भविष्य मे इसे भजनलाल सरकार की उपलब्धियो मे गिना जायेगा
RPSC 2nd Grade परीक्षा का नज़ारा...
अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुँचे, लेकिन परीक्षा केंद्र की जगह मिला क्रिकेट का मैदान बच्चे बल्ला घुमा रहे थे और उम्मीदवार एडमिट कार्ड लेकर केंद्र तलाश रहे थे।
सवाल — सिखों के खिलाफ 1984 के दंगों पर आप क्या कहेंगे?
Rahul Gandhi — “उस समय मैं राजनीति में नहीं था, लेकिन मैं ज़िम्मेदारी लेता हूँ। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
और दूसरी तरफ हमारे 56 इंच के PM हैं जो अपने ही 12 साल के शासनकाल की जवाबदेही तय नहीं कर सकते.. 😭
पेपर लीक, डोनेशन की चोरी, महंगाई, शेयर बाज़ार में गिरावट, बेरोज़गारी या विदेश नीति पर 00 प्रेस कॉन्फ्रेंस! 🫡
बाडमेर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती का पेपर देने जा रहे बेरोजगार युवक के साथ मारपीट निदनीय है..!!
रोडवेज बस कंडक्टर को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए लोकसेवक का आमजन के साथ ऐसा व्यवहार असहनीय है.!!
@RajCMO@BhajanlalBjp
तो जनता ने मना किया था कि प्रधानमंत्री प्रेस कांफ्रेंस करें ? गांव वालों के कारण पीएम प्रेस कांफ्रेंस नहीं कर रहे । अच्छा-अच्छा। बाकी जनता ने राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव को जनता ने प्रेस कांफ्रेंस करने से मना नहीं किया।?
लोकसभा सीट : 25 से बढ़ाकर 37 संभव..!
हनुमान बेनीवाल, दुष्यंत सिंह, राव राजेंद्र सिंह को नई सीटें तलाशनी होगी ..!!
बीजेपी से जुड़े स्टडी ग्रुप्स ने रिपोर्ट तैयार करवाई है..अगर यह हु-ब-हू लागू होता है तो...!
परिसीमन में ये 7 सीटें एससी करने का सुझाव : नागौर— डीडवाना—कुचामन, जयपुर ग्रामीण, टोंक, अनूपगढ़, कोटपूतली—बहरोड़, करौली, जालौर—सांचौर ।
ये 5 सीटें एसटी करने का सुझाव : बांसवाड़ा, डूंगरपुर—सलूंबर, सिरोही, बारां— झालावाड़, सवाईमाधोपुर—गंगापुर।
बीकानेर, दौसा सीट अनारक्षित करने का प्रस्ताव..!!
'अगर कोई रिश्वत मांगे, तो बस कह देना कि आप रिश्वत नहीं देंगे और मेरा नाम ले लेना. सीधे उस अधिकारी का नाम मुझे बता देना. उसके बाद का मैं देख लूंगा…'
- 'थलापति' विजय, सीएम, तमिलनाडु
RGHS योजना : OPD को लेकर बड़े बदलाव..!
ओपीडी के अंतर्गत रुपए 2000 के अधिक की जांच करवाने के लिए पूर्व अनुमति लेने से संबंधित
1. 2,000/- तक की कुल लागत वाली नियमित जांच पूर्व-अनुमति प्राप्त किए बिना निर्धारित और संपन्न की जा सकती हैं।
2. जिन मामलों में निर्धारित नियमित जांचों की कुल लागत ₹2,000/- से अधिक हो जाती है, ऐसी जांच करने से पहले आरजीएचएस पोर्टल के माध्यम से पूर्व-अनुमति अनिवार्य होगी।
3. आपातकालीन मामलों में, पूर्व-अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उपचार करने वाला अस्पताल/चिकित्सक आवश्यक जांच तुरंत शुरू कर सकता है, बशर्ते उचित नैदानिक दस्तावेज और औचित्य आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड किए गए हों।
4. पूर्व-अनुमति के लिए अनुरोध प्रस्तुत करते समय, उपचार करने वाले डॉक्टर/अस्पताल को आरजीएचएस पोर्टल पर निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
ओपीडी प्रिस्क्रिप्शन/परामर्श पर्ची:
प्रासंगिक चिकित्सीय इतिहास और नैदानिक निष्कर्ष: जहां भी लागू हो, पूर्व जांच रिपोर्टें; और प्रस्तावित जांचों की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से दर्शाने वाला नैदानिक औचित्य।
5. तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पूर्व-प्राधिकरण के अनुरोध की जांच और प्रक्रिया करेगा। तत्काल जांच के अनुरोध का निपटारा अनुरोध जमा करने के समय से एक (01) घंटे के भीतर और गैर-तत्काल जांच के अनुरोध का निपटारा तीन (03) घंटों के भीतर किया जाएगा। यदि निर्धारित समय के भीतर कोई निर्णय सूचित नहीं किया जाता है, तो अनुरोध स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
6. सभी निजी सूचीबद्ध अस्पताल, सूचीबद्ध निदान केंद्र, तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) और सभी संबंधित हितधारक इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
7. यह आदेश 13.07.2026 से प्रभावी होगा और 13.07.2026 को या उसके बाद प्रस्तुत किए गए सभी ओपीडी रूटीन इन्वेस्टिगेशन अनुरोधों पर लागू होगा।
अजब भाजपा सरकार, गजब तबादला व्यवस्था!
पटवारियों की तबादला सूची में पटवारी की जगह भाजपा विधायक का नाम!
ये सिर्फ लापरवाही नहीं.. भाजपा सरकार की कार्यशैली का आईना है।