भैंस के तबेले में सरकारी स्कूल चलाएंगे लेकिन किसी ने अगर सच दिखाया तो उस पर हमले करेंगे.
ABP न्यूज के हवाले से जयपुर के पास चल रहे सरकारी स्कूल का हाल देखिए
हम स्कूल ठीक करना चाह रहे है। लेकिन पूरे देश में भाजपा के गुंडे सिर्फ हिंसा फैला रहे है।
अब्दुल की सिर्फ यह गलती थी कि वो अपने गांव का स्कूल ठीक कराना चाहता था। लेकिन भाजपा के गुंडों ने उसके पिताजी को इतना मारा कि उनकी मौत हो गई।
: आशुतोष रंका
भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए की डबल इंजन उत्तर प्रदेश सरकार “महिला सम्मान” के नाम पर ₹50,000 देने की योजना बना रही है—चुनाव से पहले ₹20,000 और चुनाव के बाद ₹10,000 की तीन किस्तें।
चुनाव से पहले भाजपा शासित राज्यों में भी ऐसी योजनाओं के वादे किए गए, लेकिन बाद में पात्रता की शर्तें कड़ी कर, सत्यापन के नाम पर लाभार्थियों की संख्या घटाई गई और बड़ी संख्या में महिलाओं को योजनाओं से बाहर कर दिय�� गया। कई जगह राशि वापस न कर पाने वाली महिलाओं को थाने-कचहरी और मुकदमों के चक्कर तक लगाने पड़े।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आगरा जिले की ये तस्वीरें उत्तर प्रदेश में आपके “महिला सम्मान” के दावों की हकीकत बयां कर रही हैं।
महिलाओं के सम्मान को चुनावी घोषणा और वोट की राजनीति का साधन बनाना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।
महिला सम्मान चाहिए, चुनावी छलावा नहीं!
धीरे धीरे सबका चेहरा बेनक़ाब होगा,
कब तक आप लोगों को भ्रम में रखेंगे?
12 साल हो गए सत्ता में आए और अब कितना बहाना बनाएंगे,
ना नौकरी ना रोजगार फिर ये किस बात की सरकार,
भारत एक युवा शक्ति देश है ऐसे में युवाओं को दरकिनार करके कब तक सत्ता चलाएंगे?
कभी तो सोचिए युवाओं के भविष्य को लेकर,
देश की जनता सब देख रही है समय आने पर जवाब देगी।
जो बच्चे अपनी बात कहने के लिए सड़क पर उतरे थे, क्या उनके साथ ऐसा व्यवहार किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार किया जा सकता है? यह वीडियो बिहार का बताया जा रहा है।
पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों और छात्राओं द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर 20 जुलाई को हुई बर्बरतापूर्ण सरकारी कार्रवाई के विरोध में आज भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में आज लखनऊ रहा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान जी का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत है। यह उन लाखों विद्यार्थियों की आवाज़ की जीत है, जिन्होंने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया।
लेकिन हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
इस संघर्ष से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी छात्र-छात्राओं, युवाओं और साथियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।