NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
मेरी दादी को 32 गोली मारी गई, मेरे पिता को टुकड़ों में उड़ा दिया गया !
हमने इस देश के लिए खून की कुर्बानी दी, शायद आपको इसकी कदर न हो !
राहुल गांधी का सबसे भावुक भाषण ! 🔥
सब कुछ छोड़ो और 2 मिनट राहुल गांधजी के इस भाषण को सुनो !
संसद में सबसे आख़िर में बोलने का फ़ायदा उठाके तालियाँ बजवाकर काम नहीं चलता और न ही हर वैश्विक नेता को माई फ़्रेंड लिखकर बधाई देने से।
काश विपक्ष के नेता की बात ध्यान से सुन ली होती।
“इंदिरा गांधी — एक नाम, एक साहस, एक युग”
जिसने देश को केवल शासन नहीं, दिशा दी थी।
उस आयरन लेडी जैसा ना पहले कोई था, ना बाद में आया, और शायद अब कभी न आएगा..
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#IndiraGandhi#IndianArmy
कौन राहुल?
वही राहुल जो नोटबंदी पर सही थे
वही राहुल जो GST पर सही थे
वही राहुल जो कोविड पर सही थे
वही राहुल जो बेरोज़गारी पर सही थे
वही राहुल जो कृषि क़ानून पर सही थे
वही राहुल जो अडानी घोटाले पर सही थे
वही राहुल जो इलेक्टोरल बांड पर सही थे
वही राहुल जो चीन की घुसपैठ पर सही थे
वही राहुल जो जाति जनगणना पर सही थे
इनको ताउम्र याद रहेंगे, वही राहुल!
AIIMS के बाहर नरक!
देशभर से आए ग़रीब मरीज और उनके परिवार AIIMS के बाहर ठंड, गंदगी और भूख के बीच सोने को मजबूर हैं।
उनके पास न छत है, न खाना, न शौचालय और न पीने का पानी।
बड़े-बड़े दावे करने वाली केंद्र और दिल्ली सरकार ने इस मानवीय संकट पर आंखें क्यों मूंद ली हैं?
Few people in politics inspire the kind of respect that Sardar Manmohan Singh ji did.
His honesty will always be an inspiration for us and he will forever stand tall among those who truly love this country as someone who remained steadfast in his commitment to serve the nation despite being subjected to unfair and deeply personal attacks by his opponents.
He was genuinely egalitarian, wise, strongwilled and courageous until the end. A uniquely dignified and gentle man in the rough world of politics.