अब मुझे यह समझ में नहीं आ रहा कि सरकार ने UGC पर इंगेज नहीं किया, CBSE/NEET पर जब बोलना था, तब एक शब्द नहीं बोला, आज कैसे थूक चाटने लगे?
यही बात तो पार्टी के समर्थक सात महीने से बोल रहे थे। पूरा कम्यूनिकेशन ब्लैकआउट किया, मीडिया में अपने प्रवक्ताओं को भेजना बंद किया, हाउस अरेस्ट कराया, सुप्रीम कोर्ट से स्टे के बाद से ऐसे जताया कि उपकार कर दिया हो, आज घुटनों पर आ गए?
यही इस सरकार का पैटर्न बन चुका है। फोड़े को बवासीर बनने देते हैं, फिर जब लगता है कि अब मामला हाथ से निकल गया, तब झुक कर बात मानने को तैयार हो जाते हैं।
सुबह के 11 बजे तक यह आंदोलन सरकार के हिसाब से चल रहा था, नियंत्रण में था। अब यह स्पष्ट है कि नड्डा के घर बुलाने और तीन माँगें सुनने के बाद, तिलचट्टों का विश्वास आकाश पर है और वो CAA, किसान आंदोलन की तरह, भारत को नया, फर्जी आंदोलन देने जा रहे हैं।
अब मुझे देखना है कि माँगों पर सरकार करती क्या है! आत्महत्या करने वालों के परिजनों को एक करोड़ की माँग उचित है, क्योंकि अधिकांश पेपर लीक के कारण ही ‘सॉरी’ लिख कर मरे। दो अन्य माँगों में से एक प्रधान के त्यागपत्र की है, जो होना तो जनवरी में ही था, पर ईगो के कारण आज तक खींच लाई सरकार।
प्रधान अब इनके गले की फाँस बन चुका है।ये हर वो चीज करते हैं, जिसका इन्होंने पहले विरोध किया पर वामपंथी इनसे करवाते हैं। ‘कास्ट सेंसस’ ये राहुल के कहने पर करा रहे हैं, और प्रधान अब तिलचट्टों के कहने से जाएगा।
इनकी पुलिस आज फिर पिटी है, जैसे लाल किला वाले आंदोलन में पिटी थी। आईटीसेलिए फिर से विक्टिम बने घूम रहे हैं और यह पूछ रहे हैं कि ‘क्या ऐसे लोग विद्यार्थी हैं’? फिर अपने मालिक से पूछो न कि क्यों नड्डा से मीटिंग को तैयार हो गए?
जब सरकार अपने समर्थकों पर थूकती है तब उन्हें दूसरों का थूका चाटना ही पड़ता है।
नैतिक आधार पर धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के साथ हूँ, लेकिन 'ब्राह्मणवाद' और 'मनुवाद' से आजादी माँगने वाले टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ बिलकुल नहीं।
Resignation was the simplest and easiest task to do... Could have saved all of us from such a mess!!!! Students have died... A minister's seat cant be that important!!! Definitely not more important than the young lives!
JDU के नेता हैं। इनपर नौकरी के बदले घुस लेने का केस दर्ज हुआ है। लेकिन ये पटना में मंत्री जी के साथ घूम रहे हैं।
और कोई युवा इस बारे में,परीक्षा की गड़बड़ी के बारे में सवाल पूछ लेगा तो तुरंत सवाल एक्शन उसपर हो जाएगा । उसे राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बता दिया जाएगा!
हिस्ट्रीशीटर अपराधी जिसपर हत्या सहित दर्जनों अपराध के केस दर्ज हैं के नेतृत्व मे
भारी महिला पुलिस और एक भाजपा की मेरी बहन ने मऊ में मेरे खिलाफ महिला महिला आरक्षण के नाम पर विरोध प्रदर्शन किया 😊
काश ! मैं वहाँ होता बहन आपको भी मिठाई खिला कर और सच समझा कर भेजता ।वैसे ये दर्जनों जघन्य अपराधों का आरोपी आपके साथ क्या कर रहे हैं? कोई और नहीं मिला? @BJP4India@yadavakhilesh
नारी वंदन!
यूपी- चंदौली का अंकित सिंह मऊ में डूडाकर्मी रहते हुए अपनी सहकर्मी वसुन्धरा रावत के साथ रिलेशन में था. यह 5 साल से साथ रह रहे थे. अचानक अंकित सिंह ने वसुंधरा को धोखा दिया और ब्रेकअप कर लिया. वसुन्धरा अंकित के साथ शादी करना चाहती थी. शादी के विकल्प खत्म होने पर उसने धोखेबाज अंकित के खिलाफ केस दर्ज करा दिया.
अंकित जेल से छूटा और उसके परिवार ने उसकी शादी तय कर दी.
कल चंदौली में अंकित का तिलक समारोह था. वसुन्धरा वहां पहुंची और बबाल काटा. पुलिस ने वसुन्धरा को उठाया और हाइवे पर छोड़ दिया. धमकी दी कि अगर बबाल किया तो मुकदमा हो जायेगा. अंकित 3 BJP नेताओं को वसुन्धरा के पास केस वापिसी का दबाब बनाने के लिए भेज चुका है.
बद्रीनाथ पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 3 मई से गौरक्षा यात्रा निकालेंगे
गोरखपुर से शुरू होकर 24 जुलाई को यात्रा का समापन लखनऊ में होगा।
ढाई महीने से ज्यादा दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी शंकराचार्य की चतुरांगिनी सेना सम्भालेगी…
राष्ट्रद्रोही शक्तियों ने भारत के मनोबल को तोड़ने की कोशिश की है। पाकिस्तान का यह कायराना हमला है। हम केंद्र सरकार से मांग करते है एक बार पुनः भारत को पाकिस्तान में छुपे आतंकियों को पाकिस्तान में घुसकर एक बार फिर से सबक सिखाना होगा। पूरा भारत इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता है
भाजपा के नेता, विधायक आजकल बीच सड़क पर आपस मे ही लड़ ले रहे हैं।
वायरल वीडियो में #आगरा कैंट से #भाजपा विधायक जी एस धर्मेश और पूर्व मंत्री राम बाबू हरित में हाथापाई हो रही है
निकान्त जैन की जमानत याचिका को ख़ारिज करते हुए अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इन्वेस्ट यूपी घोटाले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने IO को निर्देश दिया कि लोकसेवक से जुड़ी धाराओं को FIR से हटाइए।
जिन अफसरों के नाम FIR में शामिल हैं उन्हें विवेचना का हिस्सा बनाया जाए…
सूत्रों की मानें तो चार अन्य अफसरों के नाम भी शामिल किए जा सकते हैं। जल्द ही कुछ और निलंबन की खबर सामने आ सकती है…