#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#हिन्दू_भाई_संभलो
गीता अध्याय 8 श्लोक 5 व 7 में भी है
जिसमें गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि हे अर्जुन! तू युद्ध भी कर, मेरा स्मरण भी कर।
Hindu Bhai Dhokhe Mein
#हिन्दू_भाई_संभलो
गीता अध्याय 8 श्लोक 5 व 7 में भी है
जिसमें गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि हे अर्जुन! तू युद्ध भी कर, मेरा स्मरण भी कर।
Hindu Bhai Dhokhe Mein
#शास्त्रविरुद्ध_Vs_शास्त्रानुकूल
अनुत्तम का अर्थ अश्रेष्ठ है जबकि इसका अर्थ ‘‘अति उत्तम’’ किया है जो गलत है।
गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में कहा है कि मेरी भक्ति से पूर्ण मोक्ष प्राप्त नहीं होता यानि
अपनी गति अर्थात मोक्ष को अश्रेष्ठ बताया है।
Sant Rampal Ji Mahara
#शास्त्रविरुद्ध_Vs_शास्त्रानुकूल
अनुत्तम का अर्थ अश्रेष्ठ है जबकि इसका अर्थ ‘‘अति उत्तम’’ किया है जो गलत है।
गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में कहा है कि मेरी भक्ति से पूर्ण मोक्ष प्राप्त नहीं होता यानि
अपनी गति अर्थात मोक्ष को अश्रेष्ठ बताया है।
Sant Rampal Ji Mahara
#शास्त्रविरुद्ध_Vs_शास्त्रानुकूल
अनुत्तम का अर्थ अश्रेष्ठ है जबकि इसका अर्थ ‘‘अति उत्तम’’ किया है जो गलत है।
गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में कहा है कि मेरी भक्ति से पूर्ण मोक्ष प्राप्त नहीं होता यानि
अपनी गति अर्थात मोक्ष को अश्रेष्ठ बताया है।
Sant Rampal Ji Mahara
#शास्त्रविरुद्ध_Vs_शास्त्रानुकूल
अनुत्तम का अर्थ अश्रेष्ठ है जबकि इसका अर्थ ‘‘अति उत्तम’’ किया है जो गलत है।
गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में कहा है कि मेरी भक्ति से पूर्ण मोक्ष प्राप्त नहीं होता यानि
अपनी गति अर्थात मोक्ष को अश्रेष्ठ बताया है।
Sant Rampal Ji Mahara
#शास्त्रविरुद्ध_Vs_शास्त्रानुकूल
अनुत्तम का अर्थ अश्रेष्ठ है जबकि इसका अर्थ ‘‘अति उत्तम’’ किया है जो गलत है।
गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में कहा है कि मेरी भक्ति से पूर्ण मोक्ष प्राप्त नहीं होता यानि
अपनी गति अर्थात मोक्ष को अश्रेष्ठ बताया है।
Sant Rampal Ji Mahara