An NRI,automobile professional, keep eyes on indian political & economic affairs, Ex. President of indian caltural Association In Nigeria, resident of Varanasi
@DharmenSinha Pawan sir, it is called day dreaming. Please stop it. We don't want Modi government one more time but not RAGA.
#VoteForNota क्योंकि ग़लत करना और ग़लत बर्दास्त करना दोनों ही ग़लत है
#ugcrollback#saynotoreservation
भी चयनित नहीं होता है और 30% प्राप्त दूसरे व्यक्ति का चयन हो जाता है तो क्या यह उचित है?
यदि हां,तो मैं अपने सर्वोच्च न्यायालय और संसद से अपील करता हूं कि कांग्रेस को WB में सरकार बनाने की अनुमति दी जाए क्योंकि वे पिछले 36वर्षों से अधिक समय से दबे & पिछड़े हुए हैं बावजू�� 2 सीट है
बात समझ से परे है,जब प्रतिभा या सर्वोच्चता की बात आती है तो नौकरी के लिए पहली प्राथमिकता या प्रवेश में लागू क्यो नहीं है?
अभी हाल है कि घाटा लीजिए,बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में क्लीन स्वीप किया,फिर भी CM ने इस्तीफा नहीं दिया,तो संवैधानिक संकट!
लेकिन जब कोई 90% प्राप्त करने के बाद
चुनाव हार गई थी,तब वे EWS लेकर आए, लेकिन उससे पहले जो कुछ हुआ वह इतिहास है,भूल नहीं सकते
अब समय आ गया है,हम BJP को एक और सबक दें,हमारे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें,बाकी चुनाव के बाद, UGC status बाद तय करेंगे
#VoteForNota क्योकी गलत करना और गलत बर्दाश्त करना दोनों ही गलत
19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर जो कुछ हुआ,मेरा मानना है कि वह पांच राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनजर सरकार की सोची-समझी साजिश का हिस्सा था
सरकार स्वर्ण या अन्य किसी भी वर्ग के वोट खोने की स्थिति में नहीं है,जो एक बार फिर यह उजागर करता है कि सरकार के लिए
वोट बैंक ही सब कुछ है,बाकी सब कुछ,गतिविधियां या प्रयास वोट हासिल करने का एक तरीका मात्र हैं
इसलिए यह हमारी सर्वोपरि जिम्मेदारी है कि BJP पांचों राज्यों में हार जाए,क्योंकि कुछ लोग हार के बाद ही अपनी गलती सुधारने की आदत रखतेहैं
2018 की घटना याद कीजिए जब BJP मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ
3. UGC के माध्यम से सामान्य वर्ग को शिक्षा से वंचित करने के लिए फिर से एक नई योजना लेकर आना।
सर, मेरी राय में हमारे पास केवल एक ही विकल्प है।
#VoteForNota क्योंकि गलत करना और गलत बर्दाश्त करना दोनों ही गलत हैं।
जो लोग कह रहे हैं UGC मोदी सरकार की एकमात्र गलती है,मैं कहना चाहता हूं कि यह पहली बार है जब उन्हें सामान्य वर्ग के विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है,अन्यथा सामान्य वर्ग को दबाने के कई प्रयास किए गए हैं
1.SCST Actके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटना
2.जहां तक 10% EWS का सवाल ह
सुप्रीम कोर्ट के SCSTफैसले को पलटने के बाद सामान्य वर्ग & करणी सेना के गुस्से के कारण,भाजपा MP हार गई जहां नोटा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।भाजपा 10% EWS का मु��्दा लेकर आई, यह केवल एक छल या ध्यान भटकाने की रणनीति थी
#voteForNota
इसके बाद,सामान्य वर्ग को शिक्षा से वंचित करने के लिए नयाUGCलाने का निर्णय लिया गया
विश्वविद्यालय में छात्र के पास करियर बनाने के लिए4-5साल से अधिक का समय नहीं होता है,यदि फर्जी ममले से 2साल बर्बाद कर दे तो भले ही निर्दोष पाया जाए फिरभी दौड़ से बाहर हो जाता है,यहीUGC का उद्देश्य ह
#votefornota
UGCसामान्य वर्ग के लोगों के शिक्षा के अधिकार को छीनने का एक प्रयास मात्र है,
न भूलें कि पहलेआरक्षित सीटों के लिए पात्रता मानदंड कम कर दिए गए,फिर भी आरक्षित सीटें नहीं भरी,इन सीटों को भरने के राजनीतिक दबाव भी डाला गया,दूसरी ओर सामान्य वर्ग के छात्र 90+के साथ मौजूद थे
में कटऑफ अंक-40% तक पहुंच गए ? यह सब सीधी बात है,वोट की राजनीति।इतना ही नहीं,सब कुछ सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है,पहले जनसंख्या नियंत्रण के नाम पर "हम दो हमारे दो"का नारा दिया जाता था,जोअब बदलकर "जिसकी जितनी संख्या भरी उसकी उतनी हिस्सेदारी"हो गया है।यह एक सोची-समझी रणनीतिहै
आजकल नेता UGC के मुद्दे पर कह रहे हैं,मामला सुप्��ीम कोर्ट में है,इसलिए कोई टिप्पणी नहीं
यह SC की आड़ में छिपने के अलावा और कुछ नहीं है।सवाल ये हैं
UGC किसने लाया
SC/STअधिनियम पर SC के फैसले को किसने पलटा,जिसके कारण मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार हुई?किसके शासन में नीट परीक्षा
@BJP4India Okay sir but UGC law you brought, it is again creat a division in Hindu society. We were expecting a united hindu society....but efforts of 11 year is gone for a toss.....very Sad
इसके बिना यह law 1992 के पूजा Act के समान है,जिसके तहत आप अपने बुनियादी अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकते.
Moral of story is, cong and BJP both are in vote bank policies,
In that case we don't have any options but to vote for NOTA.
Govt UGC में बेह��� दुर्भाग्यपूर्ण प्रावधान लागू किए हैं। हमें तब तक इनका विरोध करना चाहिए जब तक कि इनमें दो संशोधन नहीं हो जाते
1.जातिगत टिप्पणी या दुर्व्यवहार के लिए एफआईआर का प्रावधान,चाहे व्यक्ति किसी भी जाति का हो
2.झूठी शिकायतों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा का प्रावधान
@SanjayYadav__SP@JaikyYadav16 JY & SYभाई,सच कहूं तो आप भी यादव हो,आप CM का चेहरा बन ��ाओ मुझे जैसे बहुत सारे लोग जो बदलाव चाहते हैं आप के लिए वोट करेंगे,लेकिन तेजस्वी? नहीं,किसी अन्य कारण से नहीं बल्कि शिक्षा के प्रति उनके अनादर के कारण
मैं नीतीश जी को नहीं चाहता लेकिन इन दोनों में चुनना हो तो कोई विकल्प नहीं