झारखंड में आंदोलन की शुरूआत हो चुकी है 🔥
हर छात्र और खुरपेंच टीम अपने स्तर पर छात्रों का साथ दे रही है, आप सबसे अपील है कि छात्रों को न्याय दिलाने में साथ आइए
अभी यही वीडियो किसी भाजपा शासित प्रदेश का होता तो पूरा ट्विटर हाय दैय्या तानाशाह कहीं का लिखकर पोस्ट कर रहे होते,
लेकिन बात झारखंड की है तो सब कान में तेल और मुँह में दही जमा के बैठे हैं
नेता कभी किसी के सगे नहीं थे,
कल को NEET पेपर लीक पे अपने मुंह पे गोदरेज का ताला लगाये बैठे थे
आज झारखंड लीक में मोर्चा खोले हुए हैं।
उधर विपक्ष झारखंड लीक पे सनक नहीं रहा है क्यूँकि केंद्रीय मंत्री का इस्तीफ़ा हो ही गया है अब लीक से क्या लेना देना।
एक और पेपर लीक?
दिल्ली से झारखंड तक... छात्रों की जिंदगी के साथ खेल हो रहा है।
कल दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल की खबर आई थी। अब झारखंड से ये खबर है। रविवार को JSSC - Jharkhand Excise Constable Exam हुए।
एग्जाम से कुछ घंटे पहले ही 159 aspirants और कुछ पेपर लीक स्कीम चलाने वाले पकड़े गए थे।
सरकार ने कहा है- गैंग के पास असली पेपर नहीं थे, नकली पेपर ही 10 से 15 लाख में बेच रहे थे... इसलिए JSSC ने एग्जाम कैंसिल नहीं कराया.... !!
लेकिन मीडिया की रिपोर्ट है - नकल कराने वाला गैंग, एडवांस में 3 लाख ही ले रहा था...
#JSSC
दिनांक 20/02/2026 को षष्ठम झारखण्ड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र के तीसरे दिन मेरे द्वारा ये मुख्य प्रश्न उठाये जाएंगे....
#सिल्ली#विधानसभा
शून्यकाल....#JSSC द्वारा विज्ञापित #कक्षपाल नियुक्ति में अधिकतम उम्र सीमा में अतिरिक्त छूट प्रदान करने के संबंध में।
झारखंड में 10 साल बाद कक्षपाल के पद पर नियुक्ति होने जा रही है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने इसके लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इस विज्ञापन के अनुसार कक्षपाल के 1634 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इससे पूर्व 2015 में कक्षपाल के पद पर नियुक्ति की गयी थी। जेएसएससी ने 2015 में इसके लिए विज्ञापन निकाला था। उस समय 1394 पदों के लिए यह विज्ञापन निकाला गया था और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गयी थी। लेकिन दिलचस्प रूप से 10 वर्ष बाद होनेवाली इस नियुक्ति प्रक्रिया के अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में कोई छूट नहीं दी गयी है। 2015 में अभ्यर्थियों के लिए जो उम्र सीमा तय थी, वही उम्र सीमा 2025 के भी विज्ञापन में दिया गया है। अभ्यर्थी उम्र सीमा में छूट की मांग कर रहे हैं।
@HemantSorenJMM
अब तो अभ्यर्थियों को न्याय दिला दीजिए हेमंत जी।
झारखंड सरकार ने पहले JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी से इनकार किया। बाद में गड़बड़ी साबित हो गई तो अभियुक्तों को पकड़ने में हेमंत सरकार विफल रही।
लेकिन आज @Uppolice ने JSSC CGL पेपर लीक के एक अहम सरगना को धर दबोचा।
इस सरकार से युवाओं को न्याय की आशा बिलकुल नहीं है। इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
JSSC CGL पेपर लीक : झारखंड सरकार की नाकामी, यूपी सरकार की कार्रवाई!
झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार और राज्य पुलिस सिर्फ “अफवाह” और राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित रही। वहीं यूपी STF ने आरोपी विनय साह को गिरफ्तार कर यह सिद्ध कर दिया कि जब नीयत साफ़ हो तो कार्रवाई कैसे होती है।
लेकिन याद रहे : इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड, बड़े नाम और संगठित गिरोह आज भी पकड़ से बाहर है, और झारखंड सरकार इन सबों को बचाने में लगी हुई है।
यह बेहद जरूरी है कि इस मामले की जांच सीबीआई करें तभी सच सामने आएगा !
सच्चाई अब सामने है :
• इंटरनेट बंद कराकर पेपर लीक कराने का काला खेल उजागर
• पूरा सिंडिकेट बेनकाब होने की कगार पर
• युवाओं के भविष्य के साथ संगठित धोखाधड़ी के सबूत सामने
हमने शुरुआत से इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूत तरीके से उठाया और आगे भी छात्रों के हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।
झारखंड के युवाओं, आपकी मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ हम डटकर खड़े हैं — यही हमारा संकल्प है।
यहां झारखंड सरकार की पूरी मशीनरी आरोप लगाने, तथा भ्रम एवं अफवाहें फैलाने में व्यस्त थी, लेकिन आज @Uppolice ने JSSC CGL पेपर लीक के एक अहम सरगना को धर दबोचा। #JSSC
इस अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं स्वीकारोक्ति ने कम से कम यह तो साफ कर दिया कि सीआईडी मामले को सुलझाने की जगह, उसे भटकाने एवं उलझाने में ज्यादा रुचि दिखा रही थी।
इस मामले की सीबीआई जांच जरूरी है, तभी उन लाखों अभ्यर्थियों को न्याय मिल पायेगा, जिनके सपनों, उम्मीदों एवं आकांक्षाओं का सौदा कर के कुछ लोग, ऐसा जता रहे हैं, मानो कुछ हुआ ही ना हो।
सीबीआई ना सिर्फ मामले का पर्दाफाश करेगी, बल्कि निष्पक्ष कार्यवाही द्वारा इस परीक्षा की पारदर्शिता एवं इसके प्रति अभ्यर्थियों के भरोसे को भी वापस लौटाने में कारगर सिद्ध होगी।
JSSC-CGL पेपर लीक मामला
हाईकोर्ट ने फैसला रिज़र्व रखा है, लेकिन इस बीच सच बोलने वाले कुणाल प्रताप सिंह @kunalpratap86 को CID का नोटिस भेजा गया है।
क्या यही इनाम है ईमानदारी का? जब पेपर लीक माफिया आज़ाद घूम रहे हैं, तब जनता की आवाज़ उठाने वाले पर कार्रवाई हो रही है।
कुणाल ने वो किया जो सिस्टम में बैठे अफसर नहीं कर पाए - युवाओं की लड़ाई को अदालत तक पहुँचाया, पारदर्शिता की मांग की।
अब उसी पर दबाव डालकर डराने की कोशिश हो रही है।
यह सिर्फ कुणाल का नहीं, हर अभ्यर्थी का मामला है जो मेहनत से परीक्षा देता है
क्या झारखंड में सच बोलना गुनाह बन गया है?
#JusticeForKunal #JSSC_CGL #Jharkhand #ExamScam #StudentVoice
@ExamsFighters
झारखंड सरकार की तानाशाही का एक और उदाहरण:
राज्य की बहुचर्चित JSSC-CGL परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में माननीय झारखंड हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
परंतु चौंकाने वाली बात यह है कि जब यह मामला न्यायालय के अधीन है, तब भी झारखंड सरकार और उसकी एजेंसियाँ छात्रों की आवाज़ उठाने वाले अगुआ कुणाल प्रताप जी को डराने-धमकाने में जुटी हैं।
पेपर लीक जैसे गंभीर मामले को लगातार उठाने वाले कुणाल प्रताप सिंह और प्रकाश पोद्दार को अब CID द्वारा नोटिस भेजा जाना यह दर्शाता है कि हेमंत सरकार अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए CID का दुरुपयोग कर रही है तथा असली दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
हमें ज्ञात हुआ है कि 28 लड़के जो नेपाल पेपर पढ़ने गए थे और उनमें से जो 10 लोग पास हुए हैं, CID ने उन 10 में से सिर्फ 1 को आरोपी बनाया है बाकी 9 लोगों को आरोपी नहीं बनाया गया है। साथ ही साथ मामले में कोर्ट में ये बाते भी कही गई की जिस मनीष और दीपिका के बयान पर सरकार के अधिकारी संतोष मस्ताना को जेल भेजा गया, वे दोनों लोग परीक्षा में सफल हैं और कोर्ट में इंटरवेनर भी बने हुए है।
जब कोर्ट में ये लोग इंटरवेनर बने हैं, साथ ही साथ परीक्षा में सफल भी हुए हैं, तो वो संतोष मस्ताना के पक्ष में बयान कैसे दे सकते हैं?
जिन स्थानों पर पेपर लीक की बातें सामने आई हैं और जिनका उल्लेख FIR में भी किया गया है… जैसे नियामतपुर, रांची, हजारीबाग, पटना और मंत्री रेजिडेंसी, क्या इन सभी जगहों पर परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों से परीक्षा से 2–3 दिन पहले तक का कॉल डंप निकालकर सत्यापन किया गया?
क्या इन स्थानों की CCTV फुटेज की जांच की गई? साथ ही, नेपाल के जिन होटलों में अभ्यर्थी ठहरे थे, क्या वहां पर सही ढंग से जांच की गई? या किसी प्रकार की फिजिकल जांच की गई?
@HemantSorenJMM जी, युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिशें इतिहास में कभी सफल नहीं हुईं हैं। झारखंड के युवा अब जाग चुके हैं, और अन्याय के ख़िलाफ़ एकजुट होकर लड़ने को तैयार हैं। यह सरकार चाहे जितना दमन करे, सत्य और न्याय की जीत निश्चित है।
साथ ही CID के अधिकारियों से भी एक बात कहना चाहूंगा कि आप निष्पक्ष होकर इस पूरे प्रकरण की जांच करें क्योंकि समय बदलता है, सरकारें बदलती है, व्यवस्थाएं बदलती है और अगर कल को इस मामले में हाई कोर्ट से CBI जांच का आदेश पारित होता है, तो आपके दामन पर कोई दाग ना आए इसलिए मैं आपसे उम्मीद करूंगा कि आप इस मामले की निष्पक्ष होकर जांच करें और अनावश्यक युवाओं को परेशान करना बंद करें।
#jssc #JsscCglScam
@BJP4India@narendramodi@JPNadda@AmitShah@blsanthosh@BJP4Jharkhand@ExamsFighters@kunalpratap86@prakashpoddarjh
माननीय मुख्यमंत्री जी JSSC CGL का मामला माननीय न्यायालय में है और फैसला को रिजर्व कर लिया गया है, लेकिन आपके जांच एजेंसियां लगातार नोटिस जारी करके कुछ शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है, माननीय मुख्यमंत्री जी ये कहां से उचित है
@HemantSorenJMM@ChampaiSoren@yourBabulal