🚨 दिल्ली के सरकारी स्कूल��ं की ये तस्वीरें सवाल पूछती हैं!
भाटी माइंस और कोटला मुबारक में स्कूलों में कूड़ा, गंदे/बंद शौचालय, टिन की छत, खराब मिड-डे मील, बंद क्लासरूम और कंप्यूटर, बच्चे पढ़ें या व्यवस्था की लापरवाही झेलें?
🚨 बिना टिकट पकड़े गए भाजपा नेता 🚨
👉 AC COACH में सफ़र कर रहे BJP नेता और उनके साथी के पास TTE पहुंच गया, जैसे ही टिकट पूछा नेता जी फायर हो गए।
👉 टीटीई ने कहा टिकट दिखाओ नेतागिरी नहीं, इतना सुनते ही नेता जी ने फर्जी आरोप लगाते हुए कहा मोदी जी को गाली दे रहे हो अभी तु��्हारी नौकरी लेता हूं।
👉 टीटीई ने कहा कहां के नेता हो, नेता जी ने कहा सांसद विधायक के साथ मेरा उठना बैठना है, 22 साल से BJP में हूं, बक्सर के किसी भी अधिकारी को फोन लगाकर मेरे बारे में पूछो सब बता देंगे।
RSS द्वारा देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर क़ब्ज़े की कहानी : भाग 2
आजकल शिक्षा जगत पर RSS के बढ़ते प्रभाव और विश्वविद्यालयों के भगवाकरण को लेकर देशभर मे�� गंभीर चर्चा चल रही है। ऐसे समय में मैं आपके लिए कुछ ऐसे सबूत साझा करने की यह श्रृंखला लेकर आया हूँ, जिन्हें हमने पिछले कई वर्षों से लगातार आपके सामने रखा था, ताकि समय रहते आपको आगाह किया जा सके। आज वही सवाल राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुके हैं।
यह वीडियो भी कुछ महीने पुराना है, जिसे मैंने अपने सोशल मीडिया संग्रहालय से आपके लिए निकाला है। इस वीडियो को स्वतंत्र पत्रकार @harshdelhise ने बनाया था। आज इसे दोबारा साझा करने का उद्देश्य केवल इतना है कि लोग देखें—जो बातें तब कही जा रही थीं, व��� आज किस तरह वास्तविकता के रूप में हमारे सामने खड़ी हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में "युवा कुंभ" जैसे आयोजनों के नाम पर RSS से जुड़े कार्यक्रम खुलेआम आयोजित किए जा रहे थे। कई जगह कॉलेज प्रशासन अलग-अलग नामों से अनुमति देकर इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनता दिखाई दिया। ऐसे आयोजनों को लेकर छात्र संगठनों और शिक्षकों के एक वर्ग ने विश्वविद्यालय की संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठाए और विरोध भी दर्ज कराया।
विश्वविद्यालय विचार, बहस, शोध और आलोचनात्मक चिंतन के केंद्र होने चाहिए। लेकिन जब सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग किसी एक वैचारिक एजेंडे के प्रचार के लिए होने लगे, तो यह केवल एक कार्यक्रम का सवाल नहीं रह जाता, बल्कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक चरित्र का प्रश्न बन जाता है।
छात्र विरोध में उतर चुके हैं, जनता सवाल पूछ रही है और कैंपस का माहौल बिगाड़ने की यह कोशिश अब सबके सामने है। सरकारी संस्थानों को किसी भी वैचारिक या राजनीतिक प्रभाव का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति पर ��ंभीर बहस और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।
यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। दस्तावेज़ों, वीडियो और तथ्यों के साथ हम उन घटनाओं को सामने लाते रहेंगे, जिन्हें उस समय नज़रअंदाज़ किया गया, लेकिन जिनके परिणाम आज पूरे देश के सामने दिखाई दे रहे हैं।
Friends मोदी का गोदी कह रहा है “मोदी के वीडियो ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए”
जबकि हकीकत ये है की उस वीडियो पर पड़ने वाली गालियों आलोचनाओं और नकारात्मक टिप्पणियों ने सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं।
देखिए पूरा सच।
Congratulations ❤️❤️❤️ my Dear Cockroaches.. Dear Sonam wangchuk sir and every single one who stood by the youth . You Have proved that you can bring a regime down to its knees . 💪💪💪 #justasking
लड़की को गलत जगह डंडा मारना, बिना वर्दी वाले लाठीबाज बेकाबू पुलिस कानून को अपने हाथ में लिया।
दिल्ली पुलिस की ये हरकतें सिर्फ गैरकानूनी नहीं, शर्मनाक भी हैं।
#Delhipolice