देश में कमर्शियल सिलिण्डर की भारी क़िल्लत के बीच उसकी क़ीमत में एक मुश्त 993 रुपयों की फिर की गयी वृद्धि व उसका आम जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से जुडी ख़बरें इलेक्ट्रानिक सहित सभी मीडिया जगत की सुर्ख़ियों में हैं और इस आशंका से कि जल्द ही रसोई गैस, पेट्रोल व डीज़ल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतें भी ज़रूर बढ़ेंगी, लोगों में बेचैनी व्याप्त है।
इसका वास्तविक कारण चाहे अमेरिका-इजराइल का ईरान पर युद्ध हो या अन्य कुछ और, सरकार ने जिस प्रकार से राज्यों के विधानसभा आमचुनाव के मद्देनज़र ख़ासकर पेट्रोलियम पदार्थों आदि की क़ीमत को काफी कुछ नियंत्रण में रखा, उस नीति को वर्तमान में भी व्यापक जनहित व जनकल्याण के तहत् जारी रखना चाहिये तो यह देशहित में उचित होगा।
दिल्ली में भी नई दर पर कमर्शियल सिलेण्डर की कीमत अब लगभग तीन हजार से अधिक हो जायेगी। पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों के इस प्रकार से बढ़ने से पहले से ही महंगाई से त्रस्त देश के अधिकतर ग़रीब व मध्यम वर्गों के लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका ऑकलन करके ही सरकार अपनी नीतियों का निर्धारण करे तो यह बेहतर।
आज बुद्ध पूर्णिमा के अति पावन अवसर पर समस्त देशवासियों, विशेषकर बहुजन समाज के हमारे भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
तथागत गौतम बुद्ध का जीवन हम सभी को करुणा, समता, शांति और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भी भगवान बुद्ध के धम्म को अपनाकर शोषित-पीड़ित समाज को सम्मान से जीने की राह दिखाई थी।
आज के दौर में जब समाज में नफरत, अन्याय और गैर-बराबरी फैलाने वाली शक्तियाँ सक्रिय हैं, तब भगवान बुद्ध की शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो जाती हैं। आज जरूरत है कि हम संवाद, न्याय और भाईचारे को मजबूत करें।
आइए, हम सब मिलकर भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलते हुए एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ समाज के हर व्यक्ति को सम्मान, बराबरी और समान अवसर मिले।
जय भीम, नमो बुद्धाय।
जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला ग़ाज़ियाबाद द्वारा कल श्री जय प्रकाश सिंह को तथा बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला बुलन्दशहर द्वारा आज श्री धर्मवीर सिंह अशोक, पूर्व विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिसकी काफी चर्चा मीडिया में है, लेकिन आज ही बाद में पाटी के तीन वरिष्ठ लोगों - श्री मेवालाल गौतम, श्री मुनक़ाद अली व श्री नौशाद अली - को पार्टी से निष्कासित करने वाला बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला बुलन्दशहर के जाली लेटरपैड पर जारी प्रेस विज्ञप्ति पूर्णतः फेक व फ़र्ज़ी है। इसीलिये उस पर क़तई ध्यान नहीं दिया जाये। मीडिया भी ऐसे तथ्यहीन ख़बरों से बचे तथा आगे ऐसे फेक ख़बरों पर ज़रूरी सावधानी बरते अर्थात् पुष्टि/सत्यापन ज़रूर कर ले तो यह उचित होगा।
1. ख़ासकर उत्तर प्रदेश स्टेट के बी.एस.पी. के सभी ज़िला अध्यक्ष एवं छोटे-बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्तागण, आज मैं पार्टी के कार्यों से दिल्ली जा रही हूँ और कार्य पूरा होते ही जल्दी वापिस भी आ जाऊँगी। और इस दौरान् पार्टी की पिछले महीने दिनांक 31 मार्च सन् 2026 को लखनऊ में हुई यू.पी. प्रदेश-स्तरीय बड़ी बैठक में पार्टी संगठन को तैयार करने व कैडर आदि के ज़रिये पार्टी का जनाधार बढ़ाने एवं आर्थिक मज़बूती देने तथा यू.पी. विधानसभा आमचुनाव की तैयारी से सम्बन्धित जो भी ज़रुरी दिशा-निर्देश दिये गये थे, उस पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अमल करते रहना है।
2. साथ ही, बैठकों में यू.पी. में बी.एस.पी. के नेतृत्व में रही सरकार में प्रदेश के विकास व जनहित आदि में किये गये कार्यों के बारे में ज़रूर बताना है। बैठकों में यह भी बताना है कि यू.पी. में अब तक जितने भी एक्सप्रेस-वे आदि बने हैं तथा नोएडा में एयरपोर्ट भी बना है ऐसे अनेकों और भी जनहित के कार्य किये गये हैं जिनकी योजना व रुपरेखा बी.एस.पी. की रही सरकार में ही बनाई गयी थी और ये सभी कार्य काफी हद तक ज़रूर पूरे हो जाते यदि उस समय केन्द्र की रही कांग्रेसी सरकार बी.एस.पी. के प्रति अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते इनमें रुकावटें पैदा नहीं करती।
3. कहने का तात्पर्य यह है कि यूपी के समुचित विकास व सर्वसमाज की उन्नति/तरक़्क़ी व बेहतर कानून व्यवस्था हेतु ’कानून द्वारा कानून का राज’ के ज़रिये बी.एस.पी. के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ शासन में ही यह संभव हो सकता है, जिस पर भी ध्यान देने की अपील।
4. इतना ही नहीं बल्कि लखनऊ में दिनांक 22 फरवरी सन् 2026 की यू.पी. को छोड़कर आल-इण्डिया की हुई बड़ी बैठक में, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में जो भी ज़रुरी दिशा-निर्देश दिये गये थे, तो उन्हें भी समय से ज़रूर पूरा करना है।
5. इसके इलावा, यू.पी. सहित पूरे देश में, पार्टी द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों को लेकर स्थानीय स्तर पर पार्टी की बुलाई जा रही सभी इन बैठकों में महिला आरक्षण को लेकर अभी हाल ही में, मेरे द्वारा दिनांक 15 अप्रैल 2026 को मीडिया में पार्टी का जो स्टैण्ड रखा गया है तथा उसके बाद एक्स पर पोस्ट भी किया गया है और ज़रुरत पड़ने पर आगे भी बयान दिये जायेंगे।
6. अर्थात् महिला आरक्षण के समर्थन के मामले में अभी भी पार्टी का स्टैण्ड दिनांक 15 अप्रैल वाला ही है, इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है, उसके बारे में भी इन बैठकों में ज़रूर बताना है ताकि महिला आरक्षण के इस ख़ास मुद्दे पर पार्टी के लोग गुमराह ना हो सकें, लेकिन इसके लिए पार्टी के अनुशासन के मुताबिक़ कोई भी धरना-प्रदर्शन आदि नहीं करना है।
देश में सामाजिक परिवर्तन के पितामह महात्मा ज्योतिबा फुले जी को आज उनकी जयंती पर मैं कोटि कोटि नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।
ज्योतिबा फुले जी ने जो मशाल जलाई है उसे बाबा साहेब ने और आदरणीय बहन जी ने नई ऊंचाई दी है। लेकिन स्वार्थी राजनीतिक दलों ने हमारे महापुरुषों को अपने जातिवादी द्वेष की वजह से इनके सम्मान में बने जिलों का नाम बदल दिया। ऐसे स्वार्थी लोगों से सावधान रहना है।
जय भीम, जय भारत
ईद-उल-फ़ित्र की मुबारकबाद!
आज ईद की खुशी के दिन मैं सभी मुस्लिम भाइयों, बहनों और उनके परिवारों को दिल से बधाई देता हूँ।
आप सब इस त्योहार को मिलजुलकर, प्यार और खुशी के साथ मनाएं।
ईद मुबारक!
1. सपा व कांग्रेस आदि ये दलित-विरोधी पार्टियाँ, इस बार यू.पी. में विधानसभा आमचुनाव के नज़दीक आते ही, इनके वोटों के स्वार्थ में बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की सोची-समझी रणनीति के तहत् जयंती मनाकर तथा कांग्रेस पार्टी तो अपनी केन्द्र की सरकार में रहकर इनको ’भारतरत्न’ की उपाधि ना देकर, अब दूसरी पार्टी की सरकार से देने की माँग कर रही है, यह हास्यास्पद नहीं है तो क्या है?
2. जबकि ये पार्टियाँ शुरू से ही, बी.एस.पी. को ख़त्म करने में लगी रही हैं, जिस पार्टी की मान्यवर श्री कांशीराम जी ने ख़ुद नींव रखी है। जिसे इनकी एकमात्र उत्तराधिकारी व बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष के जीते-जी कोई हिला नहीं सकता है।
3. इतना ही नहीं बल्कि इससे ऐसा भी लगता है कि इन पार्टियों के महापुरुषों में कोई जान नहीं रही है, जो अब ये हमारे महापुरुषों को भुनाने में लगे हैं, जिन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी के जीते-जी हर मामले में हमेशा इनकी उपेक्षा की है।
4. तथा इनके सम्मान में बी.एस.पी. सरकार द्वारा किये गये कार्यों को भी सपा सरकार द्वारा अधिकांशः बदल दिया गया है। यह है इन पार्टियों का इनके प्रति दोग़ला चाल व चरित्र। इसलिए यदि सपा व कांग्रेस आदि के ख़ासकर दलित चमचे चुप रहें तो उनके लिए यह बेहतर होगा। यही सलाह। हालाँकि ऐसे लोगों से दूरी बनाने के लिए ही मान्यवर श्री कांशीराम जी ने ’चमचा युग’ के नाम से अंग्रेज़ी में एक किताब भी लिखी है।
रमज़ान के मुबारक/पवित्र महीने में एक महीना का रोज़ा और तरावीह आदि की इबादतों के बाद आज ईद-उल-फ़ित्र त्योहार के ख़ुशी की उत्तर प्रदेश व समस्त देशवासियों में भी ख़ासकर देश एवं दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुसलमान परिवारों को मेरी दिली मुबारकबाद तथा अन्य भारतीयों के साथ-साथ उन सभी के लिए भी अच्छी ज़िन्दगी की शुभकामनायें, जिसकी गारण्टी परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को दी है।
सभी लोग आपसी मेलजोल, भाईचारा, सौहार्द, संयम व सहनशीलता की परम्परा को बनाए रखने में अपना पूरा योगदान दें, ताकि देश में समतामूलक विकास की बात आगे बढ़े और यहाँ देश की ख़ुशी एवं ख़ुशहाली में सभी लोग उसके हिस्सेदार बनकर उस पर गर्व करें।
बहुजन समाज के मसीहा एवं सामाजिक परिवर्तन के महानायक मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी की जयंती पर आज आदरणीय बहन कु @Mayawati जी के निर्देशानुसार राजस्थान के भरतपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
हजारों की संख्या में पहुंचे मेहनतकश लोगों, युवा साथी,महिलाएं और बडे बुजुर्ग, मान्यवर साहेब के अनुयायी, बहुजन समाज पार्टी राजस्थान यूनिट के पदाधिकारी और बीवीएफ के वॉलंटियर्स का बहुत आभार शुक्रिया।
बहुजन समाज पार्टी के यूपी के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री विश्वनाथ पाल जी को उनके बड़े पुत्र के विवाह के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएँ।
श्री जितेंद्र पाल जी एवं उनकी धर्मपत्नी को नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए मेरी ओर से मंगलकामनाएँ। तथागत भगवान बुद्ध की कृपा और आशीर्वाद आप दोनों पर सदैव बना रहे।
आपके जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि का निरंतर आगमन हो।
भारतीय संविधान के आदर्श व मान-मर्यादा के मुताबिक़ सभी को मा. राष्ट्रपति पद का सम्मान करना एवं इनके प्रोटोकाल का भी ध्यान रखना ज़रूरी तथा इस पद का किसी भी रूप में राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है।
वर्तमान में देश की राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ-साथ वे आदिवासी समाज से भी हैं। लेकिन अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे के लेकर जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिये था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण।
इसी प्रकार, पिछले कुछ समय से संसद में भी ख़ासकर लोकसभा अध्यक्ष के पद का भी जो राजनीतिकरण कर दिया गया है, यह भी उचित नहीं है। सभी को संवैधानिक पदों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आदर-सम्मान व उनकी गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिये तो यह बेहतर होगा।
इसी क्रम में संसद का कल से शुरू हो रहा सत्र देश व जनहित में पूरी तरह से सही से चले, यही लोगों की अपेक्षा व समय की भी माँग।
T-20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में शानदार प्रवेश पर पूरी भारतीय टीम को हार्दिक बधाई! भारत ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर अद्भुत खेल भावना और आत्मविश्वास का परिचय दिया है।
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