The dilapidated sections of the old fort at Asothar in Uttar Pradesh's Fatehpur district a structure originally commissioned by Raja Bariyar Singh, a ruler of the Khichi Chauhan Rajput dynasty of Asothar and the grandson of Raja Bhagwant Singh Khichi.
#Asothar#Fatehpur
Please come forward and support Ajayveer Singh Rathore 12-year-old sister. 🙏
She is at risk of losing her eyesight after being diagnosed with glaucoma and vitreous hemorrhage. Please help amplify this appeal by sharing/reposting and tagging the concerned authorities.
यह घटन��� जमुई जिले के मरवा (Marva) गाँव की है, जो सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में आता है
जमुई उसके बगल की विधानसभा है, ठीक वैसे ही जैसे तारापुर है, जहाँ से सम्राट चौधरी विधायक हैं और मुख्यमंत्री भी हैं
पर सम्राट चौधरी की नींद अभी तक नहीं टूटी है
उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी को राजस्व देने से भी स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया और मुगलसराय और सैयदराजा के बीच ग्रैंड ट्रंक रोड को अवरुद्ध कर दिया, जिससे ब्रिटिश सैन्य आपूर्ति और डाक व्यवस्था बाधित हुई
���्रिटिश सहयोगी बनारस के महाराजा ने सेना के साथ उन्हें दबाने का प्रयास किया
बरहौलिया राजपूतों के शाहाबाद के उज्जैनिया राजपूतों से भी मजबूत संब��ध थे
जब अमर सिंह करमनासा पार कर इस क्षेत्र में पहुँचे, तो बरहौलिया राजपूतों ने उन्हें स्थानीय सहयोग और रसद उपलब्ध कराई
जून 1857 में बनारस में सैनिक विद्रोह की चिंगारी भड़कते ही, तत्कालीन बनारस जिले के चंदौली स्थित बारह ���रगना के बरहौलिया राजपूत भी विद्रोह में शामिल हो गए
बरहौलिया राजपूतों ने सकलडीहा की सरकारी तहसील और पुलिस थाने पर हमला कर क्षेत्र ��े ब्रिटिश नियंत्रण समाप्त कर दिया
दिल्ली की जनसंख्या
1931 → 6,36,246
2026 (अनुमानित) → 2.34 करोड़
हिंदू जाट
1931 → 50,509
2026 (अनुमानित) → 2.5–3 लाख (×5–6 times)
प्रवासी जाट → ~2.5 लाख
कुल जाट → ~5–5.5 लाख
अभी दिल्ली में जाटों की आबादी अधिकतम 1–1.2% है
@ROHITKU34512577@JADOUNtzx@hail_bhavani@AsendraSingh10 Bhai mere yeha to na jane kitni ahirandi roj pilti hai hum log ko dewana kar rakha hai jitno leni hai aoo free me dilunga phele mujra karunga fir aram se dilunga
अधिकतर लोगो को इसकी जानकारी नहीं होगी कि कुंडा क्षेत्र का पुराना नाम विहार यानी बिहार था।
इस क्षेत्र में अंग्रेजो को कई विशालकाय बौद्ध स्तूपों के अवशेष मिले थे अंग्रेजो ने इस क्षेत्र में 19वीं सदी तक बुद्ध की पूजा होने का भी ब्यौरा दिया है।
कुशीनगर और पावा के मल्ल क्षत्रियों के वंशज राजा रघुराज प्रताप सिंह बिसेन उर��फ राजा भैया के पूर्वज कई सदियों तक बौद्ध धर्म को संरक्षण देते आए है।
The family’s property was encroached upon in village.
Ironically, the man who gave up his life for country’s freedom has faded into oblivion today. Is anyone listening?
Article Published in 'The Tribune' by Anuradha Shukla.
Naman to brave freedom fighter Mahavir Singh Rathore.