When we already had FICCI ( Federation of Indian Chambers of Commerce & Industry ) since 1927 , then what was the need of DICCI ( Dalit Indian Chamber of Commerce and Industry ) ..??
If such specific provisions can be done then why don't open DIT , DIM , DIIMS and give 100% reservation there and leave other institutions just for MERIT .!!
Courtesy @ajeetbharti
Finally Reservation topic is gaining momentum.
Time to demand some changes-
1. One Family One Reservation
2. One Time Reservation- use either for studies or jobs
3. Sunset Clause- Reservation should end after specific period
The students are at top priority, educationally n security-wise, so they need not worry and have their parents worried for them. The Honorable Prime Minister has tweeted, and I am sure that he will take strict action against all those people who are responsible for this leak. So students, plz go back to your parents n homes.
Sonam, it's done, bro. Don't extend this. Keep the spirit for another day if there be a need, which I doubt, n eat something. If u want, will send u food from home.
उफ़! ये पुराने वीडियो...
सत्ता और विपक्ष से बाहर होते ही नेताओं के पुराने वीडियो डिजिटल स्पेस से ऑटोमेटिक डिलीट हो जाने चाहिए। ढूंढने पर भी खोजे नहीं जा सकें, ऐसी कोई पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। वरना ये पुराने वीडियो बहुत परेशान करते हैं।
सत्ता का रौब अलग तरह का होता है और विपक्ष की बेतकल्लुफी भी अलग तरह की होती है। दोनों ही स्थिति में नेता लोग अपनी ठसक के हिसाब से बयान दे देते हैं। बयान रिकॉर्ड हो जाते हैं और वे वायरल तब होते हैं जब नेता नहीं चाहते कि वे वायरल हों। बड़ी अजीबो-गरीब स्थिति हो जाती है।
ये हमारे गोविंद सिंह डोटासरा जी हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सबसे ज्यादा मुखर हैं। चूंकि नीट का पेपर लीक हुआ है और उस वक्त शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं, इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन जब आप स्वयं शिक्षा मंत्री थे और रीट का पेपर लीक हुआ तब आपके तर्क अलग होते हैं।
विरोधाभास ही विरोधाभास हैं
इसलिए हम हमारे देश के आईटी पेशेवरों का आह्वान करते हैं कि वे ऐसी तकनीक विकसित करें कि एक निश्चित टाइम फ्रेम में यह बयान वाले वीडियो डिजिटल स्पेस से ऑटोमेटेकली गायब हो जाएं। ताकिवक्त आने पर हमारे नेताओं को शर्मिंदा नहीं होना पड़े।
UGC जैसे कानून नहीं आता तो अभी तक सवर्ण इन आंदोलन के सारे नैरेटिव को हवा में उड़ा दिया होता क्योंकि caa और किसान बिल से बड़ा प्रोटेस्ट नहीं है।
सवर्ण समाज ग्राउंड और सोशल मीडिया पे फ्री में प्रचार करता था
लेकिन ugc ने सवर्णों की आंख खोल दी
पत्रकार - REET पेपर लीक के वक्त आप शिक्षा मंत्री थे ?
डोटासरा- "परीक्षा मेने थोड़ी करवाई है , परीक्षा तो शिक्षा बोर्ड ने करवाई है "
मतलब शिक्षा मंत्री अपने शिक्षा विभाग के प्रति ही जबाबदेह नहीं है ..?
फिर तो धर्मेन्द्र प्रधान कह दे --
--NEET मेने नहीं NTA ने करवाई है मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं
विडिओ 2021 का है
जब राजस्थान मे शिक्षक भर्ती का पेपर लीक हुआ था ,तब सरकार ने केवल पेपर रद्द किया ,इस्तीफा नहीं
Delhi police was standing peacefully.
A guy used pepper spray on Police.
When police started beating him, CJP Supporters started making videos to show police brutality.
Nobody will show the reality.
आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic
सोनाली बेंद्रे ने अली फ़ज़ल की बोलती बंद कर दी! 🔥
एक जवाब और पूरा नैरेटिव ही पलट गया! 😹
360° वाला तर्क आते ही एक्टिविज़्म की स्क्रिप्ट बदल गई,जोश में शुरू हुई बहस, होश पर आकर खत्म हुई!
अली फ़ज़ल: कलाकारों को राजनीति पर अपनी राय रखनी चाहिए।
आमिर बशीर: कलाकारों को गलत मुद्दों पर चुप नहीं रहना चाहिए।
सोनाली बेंद्रे: किसी भी मुद्दे पर तब तक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, जब तक उसका पूरा 360° संदर्भ समझ न लिया जाए.. 🔥
मोदी जब तक चुनाव जीत रहे हैं, तब तक उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका कौन-सा मंत्री क्या गलत कर रहा है। न वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, न उस पर बोलेंगे और न ही मंत्री का इस्तीफा मांगेंगे।
जब तक लोगों के पास हिंदुत्व का कोई दूसरा विकल्प नहीं है, तब तक मोदी इसी तरह राज करते रहेंगे और अपनी मनमानी करते रहेंगे..
@ARanganathan72@ajeetbharti
अगर मैं आपसे कहूँ कि अगर आपने एक बार शराब पी ली तो आपकी किडनी तुरंत खराब हो जाएगी, तो आप मान लोगे? कोई डॉक्टर इस बात को साबित कर दे
कितनी बार शराब पीने से किडनी खराब होती है, कोई डॉक्टर है जो बता दे ये बात?
इसी तरह एथेनॉल से गाड़ी खराब होने वाला मामला है, इसलिए गडकरी गान मराये
आंखों देखे व्यक्ति द्वारा आप सच्चाई सुन सकते है
कुछ लोग जस्टिफाई कर रहे है तो भाई आपका कुछ नहीं हो सकता
#नशेड़ी_प्रवृत्ति के लोगों से आखिर में #आम_जनता क्या हीं उम्मीद कर सकती है
@hanumanbeniwal#NEXT_CM