बीजेपी और मोदी सरकार की गलतियों ने आज सवर्ण समाज को एकजुट होने और सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
यह तस्वीर मध्य प्रदेश के गुना की है, जहाँ सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब अपने आप में बहुत कुछ बयां कर रहा है। UGC, SC/ST एक्ट और जातिगत आरक्षण के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे हैं।
यह तस्वीर बताती है कि लोगों के अंदर कितना आक्रोश है। सरकार समय रहते संभल जाए, इस आवाज को गंभीरता से सुने और सवर्ण समाज की मांगों पर ध्यान दे।
क्योंकि अगर सरकार ने समय रहते जनता की आवाज नहीं सुनी, तो आने वाले चुनाव बीजेपी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। सत्ता तक पहुँचने का रास्ता आसान नहीं होगा।
जैन समाज के संत पुलक सागर जी ने UGC,आरक्षण और SC/ST एक्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या UGC पर इसी तरह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा जी और देवकीनंदन ठाकुर जी समेत अन्य हिंदू धर्म के संतों का भी बयान आ सकता है?
SC/ST एक्ट, यूजीसी दिशानिर्देश और आरक्षण नीतियों के विरोध में GC समुदाय का प्रदर्शन
कौशांबी: जिला मुख्यालय मंझनपुर में GC समुदाय से जुड़े लोगों ने SC/ST एक्ट, यूजीसी के दिशानिर्देशों और आरक्षण नीतियों के विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न नीतियों को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं और संबंधित मांगों पर कार्रवाई की मांग की। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से उचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
डोम समाज के बच्चों के साथ स्कूल में जातिगत भेदभाव का यह वीडियो सिर्फ एक घटना नहीं, एक सच्चाई दिखाता है।
आरोप है कि जाटव समाज का शिक्षक डोम समुदाय की बच्ची को अलग बैठाता है, पढ़ाने से इनकार करता है और कहता है — “यह डोमजात की लड़की है, इसे मत पढ़ाओ।”
जो लोग सालों से छुआछूत के खिलाफ लड़ते आए, वही जब शिक्षक बनकर दूसरे दलित बच्चे के साथ भेदभाव करें तो सवाल उठना लाजमी है।
अम्बेडकरवाद का मतलब सिर्फ सवर्ण बनाम दलित नहीं था। अंबेडकर खुद जाति-जाति के अंदर भी ऊँच-नीच खत्म करने की बात करते थे। आज उसी समुदाय के अंदर डोम, मुसहर, बाल्मीकि जैसी सबसे पिछड़ी जातियों को आरक्षण का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा। जाटव जैसी अपेक्षाकृत संगठित और शिक्षित उप-जाति का बड़ा हिस्सा नौकरियों और पदों पर है।
इसीलिए सुप्रीम कोर्ट ने SC आरक्षण में उप-वर्गीकरण की अनुमति दी। यह सही दिशा है। सबसे कमजोर को सबसे पहले फायदा मिले, वरना आरक्षण का लाभ एक ही समूह के पास सिमटता जाएगा और बाकी दलित बच्चे स्कूल में भी अपमान सहते रहेंगे।
भेदभाव गलत है — चाहे करने वाला कोई भी हो। बच्चों की पढ़ाई जाति देखकर नहीं होनी चाहिए। जांच हो, दोषी पर कार्रवाई हो, और आरक्षण का बंटवारा भी न्यायपूर्ण हो। @ajeetbharti
अब खामोश रहने का समय बीत चुका है। अपनी आवाज बुलंद करो, इस तानाशाही नीति का विरोध करो!
सवर्णों की अनदेखी अब बर्दास्त से बाहर है। अब सवर्ण समाज को हर हाल में अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़नी ही होगी।
SC/ST Act भारत को बर्बाद कर देगा ...
स्वतंत्रत भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, अगली सुनवाई 14 दिनों बाद होगी..
कोई जानबुझकर SC/ST Act लगा देता है?
फिर किसी व्यक्ति की जिंदगी तुरंत बर्बाद हो जाती है...
क्या यही भारत की न्याय व्यवस्था हैं?
।।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण की कृपा से हर व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। उनका जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता का शाश्वत संदेश हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के पथ पर सदैव दृढ़ रखे।
जय श्री कृष्ण!