मोहब्बत न रही जिससे
न नफरत हो सकेगी जिससे
बेसबब तड़पता हुआ
तू दिले हाल बन कर रह जायेगा
और होगा जिसे देखकर पत्थर भी इक रोज हैरान
बेहिसी की तू ऐसी
अजब मिसाल बनकर रह जायेगा ।।
तू मेरे जह़न में एक मलाल बन कर रह जायेगा
जो न सुलझे कभी वो
सवाल बन कर रह जायेगा
सोचना न चाहूँ जिसे
बेइंतहा तन्हाई के दौर में भी
तू एक वैसा अनचाहा
ख़याल बन कर रह जायेगा
जिस पर हँसा भी न जा सके
और रोया भी न जाए
कमब़ख्त बेबसी का तू
वो हाल बन कर रह जायेगा
क्रमशः👇
बुद्धि के बल पर अर्जित किया गया ज्ञान संसार में सफलता दिला सकता है पर तृप्ति तो वही ज्ञान दे सकता है जो भीतर से उपजा है, वही आत्मा के द्���ार पर ले जाने वाला है।