एक कर्मचारी से अनेक प्रकार के अतिरिक्त कार्य लेने से मूल कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कार्यों का युक्तिसंगत वितरण किया जाए।
#एक_वेतन_एक_हल्का
"ईमानदारी का इनाम मौत"
बरेली में लेखपाल #मनीषकश्यप का 27 नवंबर को अपहरण हुआ था, आज उनकी लाश नाले में पड़ी मिली,
परिजनों ने बताया मनीष ने 250 करोड़ रुपए का जमीन घोटाला खोला था इसलिए जमीन माफिया उनके पीछे पड़ गए थे।
लेकिन सरकार ने सालों पहले कहा था भू-माफिया प्रदेश छोड़ जा चुके हैं? फिर ये भूमाफिया कौन है
#manishkashyap #UttarPradesh #उत्तरप्रदेश
बरेली - लेखपाल मनीष हत्याकांड का मामला
➡मृतक मनीष के परिजन कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे
➡परिजनों ने पुलिस, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
➡18 दिन बाद कल मनीष का कंकाल हुआ बरामद
➡SDM, इंस्पेक्टर पर परिजन लगा रहे गम्भीर आरोप
➡पुलिस ने अपहरण मामले में 2 आरोपियों को कल पकड़ा था
➡फरीदपुर थाने में दर्ज हुई थी लेखपाल के अपहरण की रिपोर्ट
➡कैंट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर के पास नाले में मिला था शव.
#Bareilly @bareillypolice
उत्तर प्रदेश के #बरेली में लेखपाल मनीष कश्यप की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई…
प्रदेश में अपहरण उद्योग नई ऊँचाइयाँ छूता हुआ…भूमाफ़ियों ने मनीष पर ज़मीन को लेकर दबाव बनाया वो डरे नहीं।
“बेहतरीन सुरक्षा” के खोखले दावों को सच मानने की क़ीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी…
27 नवंबर से लापता लेखपाल मनीष कश्यप का शव आज बरेली में एक नाले में पड़ा मिला।
कुछ दिन पहले ही लेखपाल के परिजनों ने भू-माफिया, तहसीलदार और एसडीएम पर अपहरण करने का आरोप लगाया था।
लेखपाल ने 250 बीघा ग्राम समाज की भूमि के घोटाले का पर्दाफाश किया था, जिसकी रिपोर्ट वह शासन को भेजने वाला था।
इसके बाद उसका अपहरण हो गया और आज उसकी लाश बरामद हो गयी है।
योगी आदित्यनाथ की भ्रष्ट व्यवस्था और अपराधिक नीति में ईमानदार व्यक्तियों की कोई जगह नहीं है।
इस सरकार का विश्वास ईमानदारी से इस कदर उठ चुका है कि ऐसा करने और सत्यनिष्ठा से जीने वालों के लिए उनके पास केवल मौत की सजा है।
ब्रेकिंग न्यूज़
बरेली में लेखपाल मनीष कश्यप की अपहरण के बाद हत्या।
मनीष कश्यप 27 नवंबर को लापता हुए थे। आज लाश नाले में पड़ी मिली।
परिजनों ने बताया– लेखपाल ने 250 करोड़ रुपए का जमीन घोटाला खोला था। इसलिए अधिकारी और जमीन माफिया उनके पीछे पड़ गए थे।
#Bareilly@bareillypolice@Uppolice@dmbareilly
बरेली -बरेली में लेखपाल मनीष कश्यप की अपहरण के बाद हत्या
➡27 नवंबर से लापता मनीष कश्यप का नाले में शव मिला
➡18 दिन बाद लेखपाल मनीष का शव मिलने से हड़कंप
➡पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा
➡कैंट क्षेत्र के मिर्जापुर गांव के पास नाले से शव बरामद
➡लेखपाल ने 250 बीघा जमीन घोटाला खोला था
➡अधिकारी,जमीन माफिया उनके पीछे पड़ गए थे
#Bareilly @bareillypolice@Uppolice@dmbareilly
बरेली, यूपी में लेखपाल मनीष कश्यप की अपहरण के बाद हत्या। मनीष 27 नवंबर को लापता हुए थे। आज लाश नाले में पड़ी मिली।
परिजनों ने बताया– लेखपाल ने 250 करोड़ रुपए का जमीन घोटाला खोला था। इसलिए अधिकारी और जमीन माफिया उनके पीछे पड़ गए थे।
ये मनीष कश्यप हैं,
बरेली में लेखपाल थे,
बरेली में इन्होंने भू माफिया के कब्जे में मौजूद
250 बीघा जमीन के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की थी,
भू माफिया ने धमकी दी, कि मान जाओ,
रिपोर्ट मत भेजो,
27 नवंबर को मनीष को रिपोर्ट शासन को भेजनी थी,
उसी दिन इनका अपहरण हो गया,
आज लेखपाल मनीष कश्यप का शव बरेली में एक नाले से बरामद हुआ है,