Important:
Is CEC Gyanesh Kumar a citizen of India?
In the Delhi draft SIR electoral roll, CEC Gyanesh Kumar is shown as a voter. He is registered as Gyanesh Kumar, son of Subodh Kumar.
If a person cannot be mapped to the last SIR in 2002/2003, they are flagged as a “logical discrepancy” & receive a notice.
Now, Gyanesh Kumar was born in UP, is a Kerala cadre IAS officer, and has done postings in Delhi.
So I searched for “Gyanesh Kumar, son of Subodh Kumar” in the last SIR for these 3 states.
Shockingly, in all 3 states, there is NOBODY registered as Gyanesh Kumar, son of Subodh Kumar in the last SIR.
Now, if such an entry doesn’t exist in previous SIR, his current name on voter list should be flagged as a “logical discrepancy” & he should’ve gotten a notice.
So can the ECI pls clarify:
- Which state’s previous SIR is CEC Gyanesh Kumar marked in?
- Was Gyanesh Kumar a registered voter in 2002/2023?
- If he’s missing from the last SIR in Kerala, Delhi, and UP, how is his name on the current voter list?
- Has Gyanesh Kumar received a notice for “logical discrepancy” and for being an “unmapped voter”?
Thank you in advance for your clarification. The country must know.
“उस मासूम की क्या गलती थी?”
सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे, अर्पित जाज, को खोने वाला परिवार डबडबाई आंखों से यही सवाल पूछ रहा है।
अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता। और अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं - एक ऐसी त्रासदी, जिसकी कल्पना उन बच्चों और उनके माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।
सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया।
अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है। वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े।
सिस्टम से मेरा सीधा सवाल है: नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे? छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
🚨TRUTH BOMB
She is sarita patel she used to expose govt. And administration failure. She was found tied and kidnapped in mirzapur...
I cant share more details with you
"DAR SABKO LAGTA HAI MUJHE BHI"
"सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है - हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?"
यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा।
गाँव से पढ़ने शहर आई। हॉस्टल है नहीं, तो PG में रहना पड़ता है। सिर्फ़ सुरक्षित रहने में लाखों ख़र्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता, और बेघर होने का डर - इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
कई लड़कियाँ इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ़ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है।
और आवास भत्ता? महंगाई के साथ बढ़ता नहीं, ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।
@narendramodi जी - उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?
देश को बरबाद करने में आपका भी अहम योगदान है
@sakshijoshii जी क्योंकि आप भी अंधभक्त रह चुकी हैं।
देश के बरबादी करने में अपने इस योगदान देने के लिए स्वर्गीय डॉ मनमोहन सिंह जी से माफी माँग लीजिए
Is this a joke, @ShayarImran?
An “Advisory Council” of 100 people?
Even a second-year MBA student knows this isn’t governance , it’s pure job distribution and photo-op politics.
You wouldn’t have cleared the first semester of management with this level of thinking.
कांग्रेस के दफ़्तर में बैठे लोगों ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ में NSUI का सूपड़ा साफ़ करने के लिए जो शानदार मेहनत की है, उसके लिए उन्हें विशेष सम्मान मिलना चाहिए।
बधाई हो आप लोग एक और बार सफल हुए और नई पीढ़ी को मैसेज दिया कि मेहनत से यहाँ कुछ नहीं होता, सेटिंग ज़रूरी है।
राहुल जी, भीतर के छात्रों की गूँज नहीं सुनेंगे तो बाहर के छात्रों की गूँज का असर नहीं होगा।
आपके आसपास जो लोग बैठे हैं वे इस देश में सांप्रदायिक ताक़तों को मज़बूत बनाने के लिए जो अथक मेहनत कर रहे हैं, वह आपकी मेहनत को कामयाब नहीं होने देगी।
शुभकामनाएं
दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस नेता मनीष चतरथ के बेटे वीर चतरथ शर्मनाक तरीके से चुनाव हार रहे हैं वहीं, NSUI के बागी छात्र नेता दीपांशु शौकीन आगे चल रहे हैं।
वीर चतरथ के चुनावी प्रदर्शन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल टिकट को लेकर उठ रहा है आखिर किसके दबाव या सिफारिश पर वीर चतरथ को टिकट दिया गया था?
वैसे मनीष चतरथ के नेतृत्व में 2023 में मेघालय में कांग्रेस पार्टी का यही हाल हुआ था।
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