एक कर्मचारी कम्पनी के सभी कामों से बचती थी लेकिन बॉस को मक्खन लगाने में बड़ा माहिर थी.
वह बॉस के आदेश के अनुसार सभी काम करथी थी । ऑफिशियल काम को छोड़ कर वह बॉस के सभी निजी काम जैसे उनकी कार की सर्विसिंग का काम, उनके प्रोजेक्ट पूरा करना, यानी लगभग सब कुछ करती इसलिए जाहिर था कि, वह बॉस का पसंदीदा थी उसे सभी प्रोत्साहन और इन्क्रीमेंट समय से मिलता था और दूसरी तरफ बाक़ी कर्मचारी, ऑफ़िशियल काम पूरा करने पर भी बॉस की डाँट खाते रहते थे।
एक दिन अचानक बॉस के तोते 🦜 के निधन की खबर मिली। सारे कर्मचारी बहुत उदास चेहरे के साथ उनके घर भागे जैसे उनके ही pet तोते का देहांत हो गया हो।
और हैरानी की बात यह थी कि ऐसे वक्त में वह बंदी बॉस के घर के आस पास भी नहीं देखीं गई , जिसके बारे में हर कोई कयास लगा रहा था कि वह अनुपस्थित कैसे..
अब अन्य कर्मचारियों ने माल्यार्पण से सुसज्जित वाहन की व्यवस्था की और बॉस के pet तोते को श्मशान ले जाया गया…
लेकिन जब सब शवदाह गृह पहुंचे तो पहले से ही 16 शव बिजली से जलने के लिए कतार में थे। प्रत्येक शरीर को जलने में लगभग 1 घन्टा लग रहा था…. यानी कि कुल मिलाकर सूर्यास्त से पहले दाह संस्कार संभव नहीं था। बॉस का चेहरा लाल हो रखा था और बाक़ी सब भी परेशान थे.
अचानक कतार में पड़े 16 शव में से दूसरा शव उठ बैठा।
उपस्थित सब लोग मारे डर के भाग खड़े हुए।
बाद में पूर्ण आश्चर्य के साथ पता चला कि यह कोई शव नहीं था बल्कि वही बंदी थी ।
उसने तुरंत बॉस को बताया:
श्री मान , माफ़ी चाहूंगी सुबह से आपके घर नहीं आ पायी था क्योंकि जैसे ही आपके pet तोते के देहांत का समाचार सुना और देखा कि सब आपके घर की तरफ भाग रहे हैं तो ख्याल आया कि पहले यहां का भी इंतजाम देख लूँ और देखा तो पाया कि जब आप बॉडी लेकर आयेंगे तो शाम तक मुश्किल से नंबर आ पायेगा। आज तो बस आपके खातिर सुबह से ही आपके pet तोते का नंबर लगा दिया सर सुबह 8 बजे से ही आपके pet तोते की लाश बनकर लेटी हूं यहाँ..”
सब उसकी प्रतिबद्धता के स्तर को देखकर दंग रह गए। और बॉस कभी उसको बड़े प्यार से देखते और कभी बाक़ी कर्मचारियों को खा जाने वाली निगाहों से। 😄
नोट: वीडियो धयनाकर्षण हेतु
अगर आप 60 प्लस हैं और संगीत में तनिक भी रुचि रखते हैं, तो यह 12 मिनट का वीडियो संगीत का श्रेष्ठ नहीं श्रेष्ठतम से आपका परिचय कराएगा, वीडियो के पहले गीत के मुखड़े को सुनकर आपको लगेगा यह आपका सबसे प्रिय गीत है जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ेगा हर गीत का मुखड़ा पिछले से और ज्यादा आपको बेहतर लगने लगेगा।
Sr. Citizen, don't miss this if you are music lover.
“ अर्चना गौतम को जो Bigg Boss की कंटेस्टेंट रही है , उन्हें ये नहीं मालूम था की Incoming Call के लिए भी पैसा लगता है Recharge होता है “
अर्चना ने अपनी नानी को कॉल की तो नहीं लगी फिर किसी और पर कॉल करके नानी से बात की , और पूछा फ़ोन क्यों नहीं लगा उन्होंने कहा रिचार्ज नहीं है इसीलिए नहीं लगा है
अर्चना ने कहा की इनकमिंग के लिए भी पैसा लगता है नानी ने कहा हाँ,
अब देखो ऐसे देश में ना जाने कितने परिवार होंगे जो रिचार्ज कराना भूल जाते होंगे या पैसे की वजह से नहीं कराते होंगे और अगर उन्हें इमरजेंसी बात करनी पड़ जाये तब ???
आज अर्चना की फ़ैमिली के ऊपर गुजरी है बात तो उन्होंने आवाज उठायी है लेकिन ऐसी लाखो करोड़ो फ़ैमिली है जिनके नंबर Switch Off मिलेगें आपको !
कोई भी टेलीकॉम कंपनी हो उनको इनकमिंग कॉल फ्री रखना चाहिए जैसे पहले था पहले भी तो रहा है तो फिर अब क्यों नहीं ??
सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहने वाले बेरोजगार साथियों को घर बैठे बैठे रोजगार हम देंगे🔥🔥🔥
अगर आप घर बैठ कर काम करके पैसा कमाना चाहते हैं तो कृपया इसे आरटी करके मुझे अपना फ़ोन नंबर मेसेज कर दें।
ये है दिलजीत दोसांझ
बंदे को लोग बहुत ट्रोल करते है कुछ तो इसको देश विरोधी तक बोल देते है
जो सरकार भी नहीं कर पा रही वो बंदे ने कर दिखाया है
आज जब punjab मुसीबत में है कई इलाके पूरे के पूरे पानी में डूबे हुए है तो इस एक अकेले दिलजीत दोसांझ पंजाब के शेर ने 10 गांवो को गोद लिया है
जहाँ ये तीन फेज में सब कुछ करेगा राहत से लेकर रिबिल्ड तक .
मैं हूँ पंजाब , पंजाबी आ गए ओये ❤️
डीएम लोगों से जनता का एक मासूम सवाल है, क्यों इतने सालों बाद आया जवाब है?
… जिस तरह कासगंज, बाराबंकी, जौनपुर के DM हमारे 18000 शपथपत्रों के बारे में अचानक अति सक्रिय हो गये हैं, उसने एक बात तो साबित कर दी है कि जो चुनाव आयोग कह रहा था कि ‘एफ़िडेविट की बात गलत है’ मतलब एफ़िडेविट नहीं मिले, उनकी वो बात झूठी निकली। अगर कोई एफ़िडेविट मिला ही नहीं, तो ये ज़िलाधिकारी लोग जवाब किस बात का दे रहे हैं। अब सतही जवाब देकर ख़ानापूर्ति करेनवाले इन ज़िलाधिकारियों की संलिप्तता की भी जाँच होनी चाहिए। कोर्ट संज्ञान ले, चुनाव आयोग या डीएम में से कोई एक तो गलत है ही ना?
जो सीसीटीवी पर पकड़े गये हों उनके द्वारा अपने घपलों पर दी गयी सफ़ाई पर किसी को भी रत्ती भर विश्वास नहीं है।
झूठ का गठजोड़ कितना भी ताकतवर दिखे पर आख़िरकार झूठ हारता ही है क्योंकि नकारात्मक लोगों का साझा-गोरखधंधा अपने-अपने स्वार्थों की पूर्ति करने के लिए होता है, ऐसे भ्रष्ट लोग न तो अपने ईमान के सगे होते हैं, न परिवार, न समाज के, तो फिर भला अपने साझेदारों के कैसे होंगे। ये बेईमान लोग देश और देशवासियों से ताउम्र दगा करते हैं और अंततः पकड़े जाने पर अपमान से भरी ज़िंदगी जीने की सज़ा काटते हैं।
भाजपा सरकार, चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत वो ‘चुनावी तीन तिगाड़ा’ है, जिसने सारा काम बिगाड़ा है और देश के लोकतंत्र पर डाका डाला है।
अब जनता इस ’त्रिगुट’ की अदालत लगाएगी…
जो यादव
जो कुर्मी
खुद को हिंदुत्व रक्षक समझते हैं,उन्हें यह वीडियो देखना चाहिए। कैसे एक यादव समाज के व्यक्ति को सिर्फ़ कथा कहने के जुर्म में उनका मुंडन कर उनको नाक रगड़वाया गया।
कुछ समय पहले आपको याद होगा ही देविका पटेल जी को कथा कहने से रोका गया था।
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नमस्कार साथियों।
मैं पिछले लगभग एक महीने के करीब से हस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं।
परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है।
मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं-
जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें।
**जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बग़ैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया।
**फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा।
**पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है।
सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री जी को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ।
मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं।
सरकार ने मुझे बदनाम करने में पुरी ताकत लगा दी, अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या?
हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज़ भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर) #satyapalmalik
वीआईपी लोगो की शादियों की तस्वीरे आम तौर पर ऐसे पब्लिक में नहीं आती जैसे रिंकू और प्रिया की आ रही है
दोनों बहुत सिंपल और अच्छे है . सबसे बड़ी चीज़ जो फोटोग्राफर और कुछ दोस्त लोग वहाँ मौजूद है उनका कहना है की दोनों बहुत ही सिंपल है कोई अकड़ नहीं है दोनों में .
इसलिए शायद एक लाखो दिलो पर क्रिकेट के ज़रिए राज करता है और प्रिया अपने इलाके की सेवा करके .
@Officialchang_1 @JaikyYadav16 The attached image with Hindi text explains that "Iraj" in Sanskrit can mean "born of the wind" (linked to Hanuman as Vayu Putra) or "happiness," contrasting with the Urdu "Iraz," showing how linguistic overlaps fuel polarized interpretations in India's culturally diverse
… दरअसल भाजपाई ऐसी कार्रवाई करके उन लोगों को धमकाना चाहते हैं जो उनके कुकृत्यों का भंडाफोड़ कर रहे हैं। भाजपा के कट्टर से कट्टर समर्थक भी इसके लिए बेहद-बेहद शर्मिंदा होंगे। भाजपाइयों के कांड जैसे-जैसे खुलते जा रहे हैं उनके समर्थकों के सिर वैसे-वैसे झुकते जा रहे हैं।
अब क्या भाजपा सीसीटीवी भी बर्खास्त करेगी या हटवा देगी, जो लगातार उनकी पोल खोल रहा है।