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*पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई शर्त का मंत्रालयिक कर्मचारियों ने किया विरोध, आदेश संशोधन की ��ांग*
जयपुर, 18 जून। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पदोन्नति में अनुभव एवं सेवा अवधि में 2 वर्ष की छूट प्रदान किए जाने के आदेश का मंत्रालयिक कर्मचारियों में व्यापक विरोध शुरू हो गया है। अखिल राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज उपमुख्यमंत्री महोदया से मुलाकात कर आदेश में लगाई गई शर्तों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए तत्काल संशोधन की मांग की।
महासंघ के पदाधिकारियो��� ने कहा कि सरकार ने पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट तो प्रदान की है, लेकिन इसके साथ यह शर्त जोड़ दी गई है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में जिन कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार की अनुभव अथवा सेवा अवधि शिथिलता का लाभ लिया है, वे इस छूट के पात्र नहीं होंगे। इस कारण अधिकांश मंत्रालयिक कर्मचारी पदोन्नति के लाभ से वंचित हो जाएंगे और आदेश का वास्तविक उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान आदेश कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करता है तथा इससे केवल सीमित संख्या में कर्मचारियों को ही लाभ मिलने की संभावना है। वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों कर्मचारियों की उम्मीदों पर यह आदेश पानी फेरने का कार्य कर रहा है।
महासंघ ने मांग की कि पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई उक्त शर्त को तत्काल हट��या जाए तथा सभी पात्र कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्रदान किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में पदोन्नति प्रक्रिया को गति देना चाहती है तो छूट का लाभ सभी पात्र कार्मिकों को मिलना चाहिए।
महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी हित में शीघ्र संशोधित आदेश जारी नहीं किया गया तो राज्यभर के मंत्रालयिक कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध���य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन, पेन डाउन तथा सामूहिक ह��़ताल जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।