Assistant Professor @OfficialRamjas Ex-Shyam Lal College (E) University of Delhi. State Politics, Federal Studies, Security & Development Studies #HappyGoLucky
The Election Commission of India is under fire like never before.
The SIR has struck 13 crore names off draft rolls, putting the EC at the centre of intense public debate over its role in deciding who gets to vote — and who doesn’t.
HOWEVER, what nobody knew: through that same period, some of the sharpest questions were being asked from inside.
Out today, after months of work. Our #ExpressInvestigation 🧵
(1/10)
हाल के वर्षों की यह एक महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्ट है, जिसे Indian Express की पत्रकार Ritika Chopra ने ठोस तथ्यों के साथ पेश किया है. महत्पूर्ण सूचना और शोध-आधारित इस खबर के प्रकाशन के बाद देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पास अपने कई 'एकतरफा और असंवैधानिक फैसलों' के बचाव में कहने को कुछ भी नहीं बचता!
देश के दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों: एस एस संधू और विवेक जोशी ने किस तरह बीते 10 महीने में 14 मौकों और मुद्दों पर चुनाव आयोग में लिये जा रहे 'एकतरफ़ा फैसलों' पर सवाल उठाये; रिपोर्ट में इसका ब्योरा भी दर्ज है!
अब क्या करेंगे CEC ज्ञानेश कुमार?
माजी पंतप्रधान श्री @narendramodi जी यांनी भारताची सांस्कृतिक ओळख सार्वजनिक चर्चेच्या केंद्रस्थानी आणण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली आहे. भारतीय मानसिकतेचे वि-वसाहतीकरण (decolonising) करण्यावर आणि आपल्या सांस्कृतिक स्मृती व बौद्धिक परंपरांशी पुन्हा जोडले जाण्यावर त्यांचा असलेला भर, भारताच्या सांस्कृतिक वारशाचा पुनरुज्जीवन आणि पुनर्दावा करण्याचा एक वैशिष्ट्यपूर्ण दृष्टिकोन दर्शवतो.
त्यांना वाढदिवसाच्या हार्दिक शुभेच्छा आणि येत्या काही वर्षांत त्यांना निरंतर शक्ती लाभो हीच कामना.
#HappyBdayPMModi
: @BJP4India के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल आदरणीय श्री @KalrajMishra जी की धर्मपत्नी दिवंगत सत्यवती मिश्र जी को श्रृद्धासुमन अर्पित किया । अनौपचारिक बातचीत में श्री कलराज जी ने संघ कार्य के अनेक अनसुने प्रसंग सुनाए । साथ में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो @RamBilashG भी थे ।
हमारी विस्मृत हो रही विरासत और भुला दी गई सभ्यताई पहचान को पुनः भारतीयों की चेतना में लाने और राष्ट्र प्रथम का भाव को जगाने का काम माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने किया है । वे एक विचार बन गए हैं ।उनके जन्म दिन १७ सितंबर को उनके दीर्घायु होने के लिए शुभकामना के प्रतीक के रूप में आइए हम सब एक दीया 🪔 जलायें ।
1980s कैसा था @UPGovt के लिए? @CMOfficeUP पद पर पाँच लोग आए— वीपी सिंह, श्रीपति मिश्र, वीर बहादुर सिंह, एनडी तिवारी, मुलायम सिंह यादव. सभी एक से बढ़कर एक. कांग्रेस का सफाया हुआ, मुलायम सिंह का उदय हुआ और भाजपा की जड़ें जमीं. प्रदेश की राजनीति बदली और आगे के वर्षों में बदलती चली गई… पढ़िए मेरी पुस्तक #AtTheHeartOfPower में… @Rupa_Books@rudrawrites
44 लाख हेक्टेयर जमीन लोगों ने भूमिहीनों में बाँटने केलिए दान किया । यह दुनिया के इतिहास में अनोखी जमीन दान की घटना है । यह था आचार्य विनोबा जी का भूदान यज्ञ ।पवनार (वर्धा) में उनका आश्रम है और अब उनके 20 के करीब शिष्य बच्चे हुए हैं । उनके सहायक बाल विजय जी 101 और अनन्य सहयोग श्रीगौतम बजाज जी 91, ऊषा दीदी , गंगा दीदी सब 94 से अधिक आयु के हैं ।विषमता को विनोबा जी ने जन चेतना से जोड़ दिया था उसी का परिणाम भूदान की सफलता थी । उनकी जयंती पर नमन ।
(फाइल फोटो)
वाह 👌 इंडियन एक्सप्रेस ने ये क्लिप Unedited चलाई 😂😂
वरिष्ठ पत्रकार (एडिटर) श्यामलाल जी ने जब बताया कि अप्रैल 1967 में चौधरी चरण सिंह संयुक्त विधायक दल के नेता के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, उनकी गैर-कांग्रेसी सरकार के घटक दलों में जनसंघ भी शामिल था. इस दौर में अचानक उत्तर प्रदेश में ज़मीनों पर कब्जे होने लगे. चौधरी चरण सिंह इससे बहुत परेशान हुए और बाद में जब उन्होंने कांग्रेस के साथ सरकार बनाई, तो इन्हीं संघी लोगों के खिलाफ ‘गुंडा एक्ट’ लेकर आए थे.
जब श्यामलाल जी यह बात कह रहे थे, तो नीरज चौधरी (वरिष्ठ पत्रकार कह लें) और सौरभ द्विवेदी के दिल में होते हुए कष्ट को दोनों के चेहरों पर आसानी से पढ़ा जा सकता है 🙄
और तो और, श्यामलाल जी ने उन्हें आखिर में भी नहीं छोड़ा और बिना चूके कह दिया कि आप लोग संघियों से बातें तो करते ही रहते हैं.
श्यामलाल जी के अनुसार पहले इन संघियों के भ्रष्ट कुकृत्य छिप जाया करते थे क्योंकि इनकी सरकार की पारी alternate होती थी, लेकिन अब इनकी निरंतर सत्ता से इनके भ्रष्ट आचरण की पोलें खुल रही है!
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने दस साल में भारतीय मन मस्तिष्क को औपनिवेशिक विचार प्रवृत्तियों से मुक्ति का संकल्प दिया है । Decolonisation of Indian Mind की शृंखला में तीसरा सेमिनार: सीएसडीसी का मानसिक चिकित्सा Mental Health पर औपनिवेशिक छाय
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi ज़ी की प्रेरणा से हुए अमृत महोत्सव के दैरान मुझे दो ऐसे लोग मिले थे जिनका जन्म स्वतंत्रता संग्राम (Quit India movement)में अपने पूज्य पिता के बलिदान के बाद हुआ। 1.वर्धा के डा अरविंद मालपे जी के पिता डा गोविंद राव मालपे जी ने 16 अगस्त 1942 को अंग्रेजी हुकूमत का विरोध करते हुए महाराष्ट्र के आष्टि में बलिदान दिया।2. मेघौल ,बेगूसराय,के शहीद कुमार जी का जन्म पिता राधा प्रसाद सिंह जी के बलिदान के बाद हुआ।दोनों का जन्म पिता के बलिदान के 4 महीने बाद हुआ ।
अपने निवास पर मालपे जी का अभिनंदन किया ।कलCSDC के द्वारा उनका सम्मान कार्यक्रम है ।
दस साल पहले @IndianExpress में प्रकाशित हुई खोजबीन. केंद्रीय वित्त मंत्रालय की आंख में धूल झोंकने की इस कोशिश का पर्दाफाश कैसे हुआ था, इसकी तह तक कैसे पहुंचा गया था और इसके छपने का असर क्या हुआ था, चाहें तो पढ़ें मेरी पुस्तक #JournalismThroughRTI@routledgebooks में... और हां, इसके लिए हमें एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म @ACJIndia का उत्कृष्ट खोजी पत्रकारिता पुरस्कार मिला था
अपने लेखों, भाषणों और विमर्श से समाज और युवाओं को प्रेरित करने वाले पूर्व राज्य-सभा सांसद प्रो राकेश सिन्हा सर @RakeshSinha01 को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 💐🎂
#HBDProfRakeshSinha sir