#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9
कहता है कि
शिशु रूप में प्रकट परमात्मा के पालन पोषण की लीला कुंवारी गाय के दूध से होती है।
ऋग्वेद 9.1.9
अनिरर्जनितो जातवेदाः देवेभ्यः । श्यावाश्वा दुहते मद्य ।।
भावार्थः
वह (परमात्मा) सर्वज्ञ, जनित, जातवेदा है। कुंवार
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
कबीर जी, काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान जिला संत कबीर नगर) से सशरीर गए थे। इसलिए काशी वाला कबीर भगवान
🚩 21 जून 2026 | विशेष सत्संग श्रृंखला – भाग 05
क्या महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों का सही अर्थ किया था?
या फिर वेदों के कुछ गूढ़ रहस्य उनकी व्याख्या से अलग हैं?
📖 वेदों, गीता, बाइबल, कुरान शरीफ एवं गुरु ग्रंथ साहिब के प्रमाणों के आधार पर इस महत्वपूर्ण विषय की गहन पड़ताल की जाएगी।
✨ विशेष विषय:
🔸 "अग्नि" शब्द का वास्तविक अर्थ
🔸 साकार या निराकार परमात्मा?
🔸 वेदों के छिपे हुए रहस्य
🔸 सत्यार्थ प्रकाश और वैदिक प्रमाणों का विश्लेषण
🔸 शास्त्रों के आधार पर सत्य की खोज
🎥 LIVE सत्संग
📅 21 जून 2026
⏰ प्रातः 11:00 बजे
सत्य को परंपराओं से नहीं, शास्त्रों के प्रमाणों से परखिए।
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महर्षि दयानंद के वेदों के गलत अनुवाद का पर्दाफाश | दयानंद जी की सबसे बड़ी भूल | Sant Rampal Ji LIVE
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इस विशेष सत्संग में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा किए गए वेदों के भाष्यों तथा सत्यार्थ प्रकाश में वर्णित सिद्धांतों की शास्त्रों के आधार पर विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की है।
क्या परमात्मा वास्तव में निराकार है, जैसा कि महर्षि दयानंद ने बताया? या फिर पवित्र चारों वेद — ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद — परमात्मा के साकार स्वरूप का प्रमाण देते हैं?
इस प्रवचन में संत रामपाल जी महाराज वेदों के मंत्रों, पवित्र बाइबल, कुरान शरीफ तथा गुरु ग्रंथ साहिब के प्रमाणों के आधार पर परमात्मा के वास्तविक स्वरूप का विवेचन करते हैं। साथ ही, महर्षि दयानंद द्वारा किए गए कुछ भाष्यों में दिखाई देने वाले विरोधाभासों पर भी प्रकाश डालते हैं।
मुख्य विषय
✅ वेदों में "अग्नि" शब्द का वास्तविक अर्थ
✅ महर्षि दयानंद द्वारा एक ही मंत्र के अलग-अलग अर्थों का विश्लेषण
✅ यजुर्वेद के प्रमाणों के आधार पर परमात्मा के स्वरूप की चर्चा
✅ पवित्र बाइबल, कुरान शरीफ एवं गुरु ग्रंथ साहिब में परमात्मा संबंधी प्रमाण
✅ महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन और मृत्यु से जुड़े प्रसंग
✅ गीता अध्याय 8 श्लोक 13 में "ॐ" नाम के जाप का महत्व
✅ पूर्ण मोक्ष एवं सत्य भक्ति का मार्ग
सत्य को परंपराओं से नहीं, बल्कि शास्त्रों के प्रमाणों से परखिए।
⏱️ Chapter Timestamps
00:00 – संत रामपाल जी महाराज के समाज कल्याण कार्य
05:54 – क्या परमात्मा वास्तव में निराकार है? एक बड़ी भ्रांति
09:10 – महर्षि दयानंद और वेदों के भाष्यों का विश्लेषण
14:00 – ऋग्वेद के प्रथम मंत्र में दयानंद की भूल का विश्लेषण
17:00 – एक ही मंत्र के दो अलग-अलग अर्थों की समीक्षा
27:12 – सत्यार्थ प्रकाश और "अग्नि" शब्द की व्याख्या
31:45 – यजुर्वेद: "अग्ने तनुरसि" मंत्र पर चर्चा
41:30 – वेद-विरुद्ध माने गए कथनों का परीक्षण
53:00 – अथर्ववेद में कबीर देव (अल्लाह कबीर) संबंधी प्रमाण
01:01:15 – पवित्र बाइबल में परमात्मा संबंधी प्रमाण
01:23:15 – पवित्र कुरान शरीफ में पूर्ण अल्लाह का वर्णन
01:35:30 – गुरु ग्रंथ साहिब में कबीर साहेब का वर्णन
01:47:15 – महर्षि दयानंद की मृत्यु और बीमारी से जुड़े प्रसंग
02:01:00 – गीता अध्याय 8 श्लोक 13 और "ॐ" नाम का महत्व
02:24:20 – साधक का अनुभव: प्रेत बाधा से मुक्ति एवं सुखमय जीवन
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