होली के रंग में केमिकल,दीपावली के पटाखों में प्रदूषण,मीठाई में जहर,दही हांडी में जान का खतरा,जल्लीकट्टू में पशु क्रुरता और पतंगबाजी में पक्षी प्रेम ढ़ूंढ़ने वाले ना तो आज़तक आतंकवाद का मज़हब ढ़ूंढ़ पाए और नाहीं बकरीद पर करोंड़ों निर्दोष जानवरों की हत्या पर उनका पशु प्रेम जगा।?
@Dr_Uditraj यह सवाल केजरीवाल से क्यों नहीं पूछ रहा है जिसने स्माग टावर और उसके आड़ में अपने प्रचार पर दिल्ली वालों का करोंड़ों रूपया फूंक दिया?तुझे प्रदूषण से नहीं बस केवल मोदी और बीजेपी का विरोध से मतलब है।तू कुछ भी कर ले पर इटली वाली तुझे चाटने को नहीं देगी।