हमारे शहीदों के परिवारों, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों का सम्मान हमारा दायित्व भी है और हमारी संस्कृति भी।
बाड़मेर में हुई घटना मेरे संज्ञान में आई है। इससे शहीद परिवार की भावनाओं को जो ठेस पहुँची है, उसे मैं समझता हूँ। ऐसी negligence या हमारे शहीदों के परिवारों के सम्मान में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं है।
मैंने इस विषय में राजस्थान के मुख्य सचिव से बात कर ली है। साथ ही, यह भी कहा है कि राष्ट्रीय पर्वों एवं सैनिक सम्मान से जुड़े आयोजनों में शहीद परिवारों, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों की सहभागिता एवं सम्मान के लिए प्रदेश में एक uniform और centralised protocol होना चाहिए, ताकि राजस्थान में आयोजन कहीं भी हो, सम्मान और व्यवस्था के standards एक समान रहें।
जिस परिवार ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व दिया है, उसे अपने सम्मान के लिए कभी व्यवस्था से आग्रह न करना पड़े।
शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता हमारी भावना, हमारी व्यवस्था और व्यवहार का भी अभिन्न हिस्सा है यही हमारा प्रयास और संकल्प है।
जय हिंद 🇮🇳
फोटो नहीं, सम्मान चाहिए...
दिखावा नहीं, अधिकार चाहिए...
VIP पास नहीं, VIP सम्मान चाहिए...
शहीद परिवारों को औपचारिकता नहीं—सम्मान और न्याय चाहिए...
राजस्थान में शहीद परिवारों, वीरांगना बहनों, माता-पिता और पूर्व सैनिकों को केवल फोटो खिंचवाने के लिए कार्यक्रमों में बुलाने की मानसिकता अब बंद होनी चाहिए।
15 अगस्त, 26 जनवरी, कारगिल विजय दिवस, गलवान दिवस, पुलवामा दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर भी यदि शहीद परिवारों और सैनिक परिवारों को VIP Entry या मुख्य अतिथि का सम्मान नहीं दिया जाएगा, तो फिर देश में सम्मान और व्यवस्था में सुधार आखिर कब होगा ?
जिन वीरांगनाओं और परिवारों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उन्हें कार्यक्रम में केवल मंच के सामने बैठाकर या दो-चार फोटो खिंचवाकर सम्मानित करने का दिखावा करना पर्याप्त नहीं है।
केवल फोटो खिंचवाने मात्र से सैनिकों और शहीद परिवारों के प्रति जिम्मेदारी पूरी नहीं होती।
आज ऐसी घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जहाँ वीरांगनाओं, सैनिकों और पूर्व सैनिकों की बात तक नहीं सुनी जाती और उन्हें यह तक सुनने को मिलता है—
“क्या हो गया, फौज में थे… नौकरी करके आए हो, पेंशन तो ले रहे हो....”
यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सैनिक समाज और देश की सेवा करने वालों का अपमान है।
माननीय मुख्यमंत्री जी और सैनिक कल्याण मंत्री जी, आवश्यकता है कि इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए कि राष्ट्रीय एवं सैनिक सम्मान से जुड़े प्रत्येक कार्यक्रम में शहीद परिवारों और सैनिक परिवारों को वास्तविक प्राथमिकता, VIP सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व मिले।
@BhajanlalBjp@Bhajanlalofc@Ra_THORe@OfficeofRR@m_dadheech@AvinashGehlot_@RavindraBhati__@kkvishnoibjp
@hanumanbeniwal पेपर चोरों फ़ुर्सत मिले तो इनपे भी आवाज उठाना
5 वर्ष की मासूम बालिका के साथ हुई दरिंदगी की घटना दुःखद है....
राजस्थान में कानून का कोई डर नहीं है और आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है....
#राजस्थान_में_आपातकाल
#भाजलाल_शर्मा जनता पूछ रही है कि आखिर एक गरीब महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी नहीं थी क्या? लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
#राजस्थान_में_आपातकाल
भगवान के लिए प्रसाद दान पत्र भरेगा जब ट्रांसफर हो ही जाएगा। *जोधपुर विधायक ने ट्रांसफर की अर्जी के लिए बनाया मंदिर:* बोले- भगवान की मर्जी से सबका काम होगा, हम सिर्फ डाकिया हैं
https://t.co/dwgfAflQCx