अनंत अंबानी अमीर हैं, वहां मोदी गए, इसलिए विराट कोहली उनकी तारीफ कर रहे हैं। लेकिन सदियों से आदिवासी और राजस्थान का विश्नोई समाज वन्यजीवों और जंगलों की रक्षा कर रहे हैं लेकिन उनकी कभी चर्चा नहीं होती। असली हीरो वे हैं, जो बिना प्रचार प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा में लगे हैं। लोगों को भ्रम था कि आप मोदी जी की व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फॉरवर्ड मैसेज ट्वीट नहीं करते, लेकिन अब आपकी हकीकत सामने आ चुकी है। अनंत अंबानी की संपत्ति और प्रभाव के कारण उनकी वन्यजीव संरक्षण पहल की चर्चा हो रही है, लेकिन सदियों से आदिवासी समुदाय बिना किसी प्रचार के जंगलों और जीवों की रक्षा कर रहे हैं उनका योगदान कहीं ज्यादा गहरा और निःस्वार्थ है। विराट कोहली द्वारा की गई प्रशंसा सत्ता और पू���जी के गठजोड़ की ओर इशारा करती है, जबकि असली नायक वे हैं जो बिना किसी कैमरे या प्रचार के प्रकृति के संरक्षक बने हुए हैं। दुर्भाग्यवश, जिनके पास संसाधन और मीडिया की पहुंच होती है, वही सुर्खियां बटोरते हैं, जबकि असली रक्षक उपेक्षित रह जाते हैं। यह विडंबना ही है कि जो सदियों से प्रकृति के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनकी कोई चर्चा नहीं होती, लेकिन जब सत्ता और धन का मेल होता है, तो प्रशंसा की बौछारें शुरू ���ो जाती हैं।