मोदी जी कितना समझाएँगे,कितनी बार समझाएँगे?शाहीन बाग में ख़ून की नदियाँ बहाने वाले ���ी ख़ूब समझते थे की उनकी नागरिकता कोई नहीं छीन रहा, लेकिन फिर भी उन्होंने दंग्गे किए देश में आतंक फैलाया और अंतरष्ट्रिया स्तर पे ख़ूब पुरस्कार भी जीते, इस देश को ज़रूरत है धर्म और नैतिक मूल्यों की..