-An Inspiration 🙏, A Legend, A true Nationalist. Above the stupidities of all religions & castes. The only thing he loves is to educate the masses abt complex things in an extremely easy way.
#khansirpatna#khansir
This is what a good freebie looks like.
Offer free education, affordable health care and skill training instead of laadli behna and chutiya chachi yojna.
37 करोड़ के मॉडल हॉस्पिटल की सारी मॉडलिंगआधे घंटे की बारिश में धुल गई।
विकास इसी पानी में कहीं तैर रहा है, उसे छानकर बाहर निकालना पड़ेगा।
गोपालगंज, बिहार ।
छात्रों में आक्रोश ? अरे नहीं! अभी और इंतज़ार करिए। आयोग पहले दीमक से जंग जीत ले, फिर परीक्षाएँ भी हो जाएँगी। तीन साल की देरी को भी अगर प्रशासनिक प्रक्रिया कहा जा सकता है, तो धैर्य भी अभ्यर्थियों का ही कर्तव्य है
हमारे इस प्रिय योद्धा भाई के 'चयन अभियान' की सच्चाई जानने के लिए अब माला पहनाने और पहनने वाले दोनों की जांच होगी।
हम बहुत जल्दी मिलेंगे गेंदा वाले फूल माला के साथ ।
बनें रहिए 70वीं बीपीएससी प्रोटेस्ट के रिपोर्टर उला ला जी के साथ।
ये नए नए लौंडे फ़ोन और थोड़ा कॉन्फ़िडेंस क्या पा जाते हैं
लगते हैं सहरसा नहर के 1.8cr के घोटाले को एक्सपोज़ करने।!
लोकतंत्र में सवाल, लोकतंत्र में जागरूकता लोकतंत्र में फलाना जाने क्या क्या तो बोलते हैं।
🚨 Viru drops truth bombs 🚨
Players from Bihar or MP walk into the arena without a safety net - no lobby, no shield.
Meanwhile, some keep their spots even after flop shows, simply because they wear the Mumbai tag.
Imagine if Vaibhav or Rajat had that backing.
Do you think Agarkar would’ve dared to bench them? Not a chance.
The best part about Sehwag?
He doesn’t sugarcoat-he calls the game exactly as it is.
पता नहीं आपलोग ने नोटिस किया है कि नहीं,
सब नहीं लेकिन ज़्यादातर एक खास जाति वाले वैभव सूर्यवंशी से ऐसे किलसा हुआ हैं, मानो बहिन बरदा दिया हो।
#INDvsIRE
कोषाध्यक्ष स्वयं नैतिकता के किस मानदंड के आधार पर बैठे हुए हैं? कोष में ही डाका पड़ा और वह वक्तव्य-वक्तव्य खेल रहे हैं?
पूरा बोर्ड भंग होना चाहिए क्योंकि ये सब के सब चोर हैं या अंधे हैं। यदि चोर नहीं हैं तो पद पर रहने के योग्य नहीं हैं क्योंकि यह डकैती चलती रही और ये सोते रहे।
चलो अब एक बात तो कन्फर्म हो चुकी है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा दे दिया है।
पिछले दो दिनों से खूब सस्पेंस बना हुआ था कि इस्तीफा हुआ भी है या नहीं, लेकिन
अब आधिकारिक रूप से ये स्पष्ट हो गया।
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में FIR हो चुकी है और उसपर कार्रवाई भी चल रही है लेकिन ऐसा लगता है कि उसमें कुछ छूट रहा है
ढंग से इन्वेस्टिगेशन होगा तो और भी लोग रडार में आयेंगे।
>हमसे तब झूठ क्यूँ बोला गया?
>हमें हमारे शहीदों के बारे में पहले क्यूँ नहीं बताया गया?
>उनको नम आखों से श्रद्धांजलि देने का अधिकार हमसे क्यूँ छीना गया?
>क्या कारण था कि हमें तब नहीं बताया गया?
💔 आज देश का बड़ा संकट ये नहीं है कि भ्रष्टाचार के आरोप सामने नहीं आते, मंत्री या मुख्यमंत्री Exposed नहीं होते। बल्कि कुछ ही घंटों बाद इतनी बड़ी PR active हो जाती है कि पूरा narrative बदल जाता है।
किसी पर बड़ा आरोप लगता है, कोई मामला सामने आता है, कुछ तथ्य निकलते हैं... लेकिन 4–5 घंटे भी नहीं बीतते कि सोशल मीडिया पर इतनी PR , इतना propaganda और इतना शोर खड़ा कर दिया जाता है कि लोगों को लगने लगता है- शायद पहले जो बताया गया था, वही गलत था।
आज सही और गलत का फैसला अदालत से पहले सोशल मीडिया की PR मशीनें देती हैं।
सच कहीं पीछे छूट गया है। खेल सिर्फ़ इतना है कि एक झूठ को बार-बार दोहराओ, उसे इतना फैलाओ कि वही सच जैसा दिखने लगे।
सबसे बड़ा नुकसान देश का हो रहा है। जब हर मुद्दे को मैनेज कर दो। हर सवाल को ट्रेंड से दबा दो और हर आरोप को narrative बदलकर धुंधला कर दो और फिर जवाबदेही खत्म।
एक पीड़ा इस बात की है कि जिन लोगों से आवाज़ उठाने की उम्मीद थी, उनमें से बहुत से लोग चुप हैं और जो विपक्ष में हैं, उनका विरोध भी इतना हल्का होता है कि लगता है जैसे वे भी पूरी ताकत से लड़ना नहीं चाहते। शायद उन्हें भी डर है कि कहीं उनके अपने पुराने काले कारनामे सामने न आ जाएँ।
और अब हालत ये है कि बड़े-बड़े भ्रष्टाचार भी धीरे-धीरे सामान्य लगने लगे हैं।यही किसी भी लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक स्थिति है- जब जनता सवाल पूछना छोड़ दे और narrative ही सच लगने लगे।
इसका सबसे बड़ा नुकसान आज नहीं, आने वाली पीढ़ियाँ भुगतेंगी।धीरे-धीरे समाज सवाल पूछना छोड़ देगा। भ्रष्टाचार सामान्य लगने लगेगा। लोग सोचेंगे- सब चलता है, इससे लड़कर भी क्या होगा? यही किसी राष्ट्र की सबसे ख़तरनाक हार है, जिस देश की जनता सच और झूठ में फर्क करना छोड़ दे ।
आज सच बिना PR के लगभग शून्य हो गया है झूठ PR के सहारे सच में बदलता हुआ दिखने लग रहा है।💔
शुभम अग्रवाल ने 2024 में फर्जी विकलांग कोटे से UPSC निकाला , सुप्रीम कोर्ट ने उनके सर्टिफिकेट को फर्जी बता दिया,
लेकिन 2019 UPPSC क्रैक करके वे तहसीलदार बनकर मलाई खा रहे हैं
https://t.co/58a9BBlcK2
राम मंदिर मामले में आज चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है।
इसकी पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी। सही समय का इंतजार किया जा रहा था।
जीवन भर राम के लिए पटवारी कहे गए चंपत राय का आखिरी वक्त दान चोरी मामले से याद किया जाएगा।
भारत के सबसे सख्त मुख्यमंत्री योगी जी राम मंदिर की नींव रखे जाने के बाद अब तक न जाने कितनी बार अयोध्या जा चुके हैं,
>फिर राम मन्दिर ट्रस्ट में इतनी गडबड़ी और कमियाँ कैसे थी?
>क्या योगी जी के अधिकारी उनको अँधेरे में रखते हैं
?
>क्या योगी जी का डर खत्म हो चुका है?