राजस्थान पत्रिका का दो दिन में दो विरोधाभास.. क्यों?
पहली खबर है आज की जिसमें नियमित की झूठी व बेबुनियाद हैडलाइन दी!
दूसरी खबर है कल 20 जून की, जिसमें स्वयं संविदाकर्मियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की राजस्थान पत्रिका में!
फिर आज ये नियमित की खबर छापना कहाँ औचित्य ?
@rpbreakingnews
19 सालों से हताश दुखी पीड़ित संविदा कर्मी बजट घोषणा 2026 में नियमित कर्मचारियों के साथ ही #संविदाकर्मियों को भी CSR रूलअनुभव में 2 वर्ष छूट प्रदान करने की घोषणा हुई थी
परंतु संविदा कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार उनकी छूट का आदेश भी जारी कर तत्काल नियमित करो
@RajCMO@BJP4India
माननीय मुख्यमंत्री जी, यह केवल खबर नहीं, बल्कि लाखों संविदाकर्मियों की पीड़ा है। वर्षों की सेवा के बाद भी सम्मानजनक वेतन और भविष्य की सुरक्षा नहीं है। कृपया स्थायीकरण पर शीघ्र निर्णय लें।@BJP4Rajasthan @DrkirodilalBJP
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी यह केवल खबर नहीं, बल्कि लाखों संविदाकर्मियों की पीड़ा है। वर्षों की सेवा के बाद भी भविष्य की सुरक्षा नहीं है।
कृपया स्थायीकरण पर शीघ्र निर्णय लें एवं संविदा रूल्स 2022 के तहत सृजित #नियमित पदों पर नियुक्ति प्रदान करें @rpbreakingnews@RajCMO