प्रधानमंत्री मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से हर बेटी को बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जन धन योजना के जरिए महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुद्रा योजना के माध्यम से नौकरी तलाशने वालों को रोजगार देने वाला उद्यमी बनने का अवसर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को सपने देखने का आत्मविश्वास, सफलता पाने के साधन और नेतृत्व करने की स्वतंत्रता दी।
इसीलिए आज भारत की महिलाएं अवसरों का इंतजार नहीं कर रही हैं, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन कर रही हैं।
#12YearsOfNariShakti 🇮🇳
तोहि देखि सीतल भई छाती।
पुनि मो कहुँ सोइ दिनु सो राती॥
माता सीता हनुमान जी से कहती हैं कि आपको देखकर मेरे हृदय को शांति मिली है अब मैं उसी दिन की प्रतीक्षा कर रही हूँ जब श्रीराम आएंगे और मेरा दुःख दूर होगा
ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः ✨🔱
दिनांक 11 जून 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का प्रातः कालीन भस्म आरती श्रृंगार दर्शन
#mahakal_creation11🌍
#shrimahakaleshwarujjain
मोदी सरकार के 12 वर्ष : अन्नदाता के जीवन में विश्वास और समृद्धि के वर्ष
देश के विकास की यात्रा तब तक पूरी नहीं हो सकती, जब तक उसका किसान सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध न हो। इसी सोच के साथ यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने ‘किसान कल्याण’ को शासन की प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा और खेती-किसानी से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहलें की।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹4.3 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान के समय किसानों को महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान की है। वहीं, न्यूनतम समर्थन मूल्य में निरंतर वृद्धि और रिकॉर्ड सरकारी खरीद ने किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके साथ ही, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि अवसंरचना में निवेश और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रोत्साहन ने खेती को अधिक सक्षम और उत्पादक बनाया है। पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़कर सिंचाई को अधिक सुलभ, किफायती और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हुआ है।
यही मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान है, जहां किसान कल्याण को विकास की धुरी बनाया गया है और किसानों को केवल सहायता नहीं ‘सामर्थ्य’ दिया गया है। नीतियों और योजनाओं के माध्यम से अन्नदाता को नई सुरक्षा, नए अवसर और ‘नया आत्मविश्वास’ मिला है। यही बदलता भारत है, जहां किसान का हित ‘राष्ट्रीय प्राथमिकता’ है और गांवों की समृद्धि को देश की प्रगति का मजबूत आधार बनाया जा रहा है।
12 साल - विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के।
#12YearsOfKisanSamriddhi