भारत में आज भी महिलाओं को दोयम दर्जे का समझा जाता है । इसकी जङ में मनुस्मृति है।
पर अंजना ओम कश्यप की चिंता है कि ईरान में किसी ईरानी महिला के साथ भेदभाव किया , कांग्रेस को उनकी चिंता क्यों नहीं है ?
गुड कोश्चन @anjanaomkashyap
सतीश के सिंह ने C-VOTER के यशवंत देशमुख को बहुत खूबसूरती से आईना दिखाया ।
देश की सच्चाई से कोसों दूर C-Voter सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए भाजपा की गिरती साथ को बचाने के लिए पेड सर्वे को जारी किया है
सुनो भाजपा वालों
ये AI का बच्चों वाला झूठा खेल खेलना बंद करो, समाजवादियों ने तो अभी सच्चा खेल खेलना अभी शुरू भी नहीं किया है,
देखो भाई, ये सोशल मीडिया है, आप शुरुआत करेंगे तो हमारे पास आपके 10 सालों का पूरा हिसाब किताब है, आप एक बनाओगे तो हमारे क्रिएटिव कार्यकर्ता और समाजवादी समर्थक आपके सारे किए धरे पर पानी फेर देंगे
फिलहाल ये पहला जवाब ले लो, अगला जवाब झेल भी नहीं पाओगे
अखिलेश यादव ने आज भरी PC में एक AI वीडियो चलाया. लगातार 3 बार ये वीडियो चला.
अखिलेश यादव ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि BJP समर्थित सोशल मीडिया हैंडल से अखिलेश यादव का AI वीडियो चलाया जा रहा है.
अखिलेश ने कहा- सरकार बच्चों के खेल ना खेले.
यूपी चुनाव शुरू हो चुका है 🔥
माननीय मुख्यमंत्री जी उप्र की राजधानी-क्षेत्र के स्कूल की बदहाली का पहले हाल देखिए फिर 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और अरबों-खरबों के निवेश का जुमला फेंकिए।
भैंस के तबेले में सरकारी स्कूल चलाएंगे लेकिन किसी ने अगर सच दिखाया तो उस पर हमले करेंगे.
ABP न्यूज के हवाले से जयपुर के पास चल रहे सरकारी स्कूल का हाल देखिए
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
पत्रकार — आप गांधी और सावरकर में से किसका समर्थन करते हैं?
प्रशांत किशोर — "दोनों लोगों का एक वाक्य में नाम लेना भी यह राष्ट्रपिता का अपमान है।"
एंकर का मुंह देखने लायक हो गया.. 🤣
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!