आर्या सिंह ने NEET का एग्जाम दिया
• OMR शीट के अनुसार 609 नंबर आने चाहिए
• रिजल्ट आने पर सिर्फ 540 नंबर आए
परिवार को भरोसा नहीं हो रहा था, वो बार-बार वेबसाइट चेक करे थे. इसी बीच रात 2 बजे अचानक से नंबर घटकर 167 हो गया.
जी हां, 540 नंबर, अपने आप 167 हो गया.
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अभी कुछ दिन पहले #देवेंद्र#फडणवीस की सरकार इस रेलवे के जमीन को खाली करवाया हैं ।
झोपड़पट्टी का निर्माण फिर से शुरू किया जा रहा है वेल्डिंग का काम हो रहा है
ये जिहादी देश के लिए जहर है कभी नहीं सुधरेंगे
इनको योगी जी जैसा सख्त कार्रवाई की जरूरत है😡
इस वीडियो को शेयर करें ताकि इस कीड़ों को फिर से बुलडोजर के तले कुचला जा सके
अगर यह बीमारी फिर से बढ़ गई तो फिर कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ेगी रेलवे को।
#devendra @MumbaiPolice
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शिक्षकों के स्थानांतरण पर सरकार का संवेदनशील निर्णय, महासंघ ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री का जताया आभार
दूरस्थ स्थानों पर स्थानांतरित शिक्षकों को संशोधित आदेश जारी कर राहत देने तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित शेष संवर्गों के स्थानांतरण की भी उठाई मांग
जयपुर। प्रदेश में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांग के बीच राज्य सरकार द्वारा लिया गया निर्णय शिक्षक समुदाय के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान विद्यालय शिक्षा) की निरंतर पहल एवं सकारात्मक संवाद के परिणामस्वरूप सरकार ने स्थानांतरण प्रतिबंध में शिथिलता प्रदान करते हुए मानवीय आधार पर राहत देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महासंघ ने इस शिक्षक-हितैषी एवं संवेदनशील निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी एवं माननीय शिक्षा मंत्री श्री @madandilawar जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री @RCPushkarnaRSSR ने कहा कि संगठन लंबे समय से शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं को सरकार के समक्ष तथ्यात्मक एवं सकारात्मक ढंग से रखता रहा है। सरकार द्वारा स्थानांतरण प्रतिबंध में शिथिलता प्रदान कर शिक्षकों को राहत देना न केवल उनकी भावनाओं का सम्मान है, बल्कि इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सम्पत सिंह, अतिरिक्त महामंत्री श्री बसंत जिन्दल तथा कोषाध्यक्ष श्री कैलाशचंद्र कच्छावा ने कहा कि सरकार ने स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी एवं मानवीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार विशेष परिस्थितियों वाले कार्मिकों के प्रकरणों के परीक्षण एवं निस्तारण हेतु समितियों का गठन किया गया है, जिससे पात्र शिक्षकों को समयबद्ध राहत मिल सकेगी।
महिला उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी स्वामी एवं प्रदेश मंत्री श्री अमरजीत सिंह ने कहा कि एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग शिक्षक-शिक्षिकाओं, मेडिकल बोर्ड अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित कैंसर, मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े एवं किडनी जैसे गंभीर एवं असाध्य रोगों से पीड़ित कार्मिकों तथा राजकीय सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के प्रकरणों में राहत प्रदान करने का निर्णय शिक्षा विभाग की संवेदनशीलता का परिचायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गठित समितियाँ सभी परिवेदनाओं का निष्पक्ष, सूक्ष्म एवं त्वरित निस्तारण करेंगी।
प्रदेश महामंत्री श्री महेंद्र कुमार लखारा एवं संगठन मंत्री श्री उमरावलाल वर्मा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय शिक्षक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की सकारात्मक सोच सराहनीय है।
महासंघ ने साथ ही सरकार से आग्रह किया है कि जिन शिक्षकों के स्थानांतरण दूरस्थ अथवा अत्यंत प्रतिकूल स्थानों पर हुए हैं, उन्हें रिक्त पदों के विरुद्ध यथाशीघ्र संशोधित आदेश जारी कर राहत प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित शेष सभी संवर्गों के शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में भी शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें न्यायोचित राहत प्रदान की जाए।
महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार भविष्य में भी शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के प्रति इसी प्रकार संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाती रहेगी।
महेंद्र कुमार लखारा
प्रदेश महामंत्री
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा)
@Bhajanlalofc@RajCMO@RajGovOfficial@rajeduofficial
राजस्थान सरकार की तबादला नीति को लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश है: शिक्षकों का आरोप है कि सरकार तबादलों को उत्पीड़न का हथियार बना रही है: सरकार ने गंभीर रूप से बीमार, असाध्य रोगों से पीड़ित, विधवा महिला टीचर्स और दिव्यांग शिक्षकों के तबादले बहुत दूर ग्रामीण इलाकों में कर दिए हैं:
#पहले_ट्रांसफर_फिर_नई_नियुक्ति#जयपुर_कूच_शीघ्र
*👆🏻हैश टैग*
*19 जुलाई यानी कल, रविवार को ट्विटर अभियान(X)*
*सुबह 6 बजे से लगातार*
*सभी तृतीय श्रेणी शिक्षक साथी अभियान का हिस्सा बने,सोशल मीडिया पर भी सरकार को घेरते रहे*
शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर पर कभी भी ताला नहीं लगाना चाहिए। आवश्यकतानुसार कभी भी ट्रांसफर किए जा सकते हैं ऐसा शिक्षा नियम बनना चाहिए। शिक्षक मानसिक रूप से स्वस्थ होगा तो वो पूरी एनर्जी के साथ बच्चों को अपना ज्ञान प्रेषित करेगा। लेकिन जो शिक्षक प्रताड़ित है वो कभी भी बच्चों को अपना ज्ञान प्रेषित नहीं कर सकता।
इसलिए राष्ट्रनिर्माताओं पर राजनीति मत करो।उनको इच्छित स्थान पर तबादला कर दो।
आपातकाल का ढोल पीटने वाले आज देश में अघोषित आपातकाल चला रहे हैं। धरना-प्रदर्शन का अधिकार छीन रहे हैं, बोलने की आज़ादी पर पहरा बिठा रहे हैं। और जो सरकार से सवाल पूछे, उसे एजेंसियों व पुलिस के दम पर चुप करा रहे हैं.. यही BJP का नया लोकतंत्र है।
युवाओं के भविष्य और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर 21 दिन से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जबरन उठाकर बता दिया कि मोदी सरकार संविधान में नहीं, सत्ता के अहंकार और तानाशाही में विश्वास करती है।
ये सिर्फ़ @Wangchuk66 जी का अपमान नहीं, संविधान के अनुच्छेद 19 और हर भारतीय के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है। BJP की सरकारें संवाद से नहीं, पुलिस, दमन, डर और षड्यंत्र से देश चलाना चाहती हैं। उन्हें हर वो नागरिक दुश्मन दिखाई देता है जो सिस्टम से सवाल पूछता है।
लेकिन इतिहास गवाह है.. सत्ता का अहंकार कभी नहीं चला। सत्याग्रहियों पर लाठी, गिरफ़्तारी और दमन से आवाज़ें नहीं दबतीं, बल्कि और बुलंद होती है। जिस तरह किसानों, खिलाड़ियों और युवाओं ने झुकने से इनकार किया, उसी तरह पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की लड़ाई भी रुकने वाली नहीं है।
#NEETPaperLeak #Protest
#SonamWangchuk
आदरणीय प्रदेश अध्यक्ष महोदय, संरक्षक महोदय, प्रदेश कार्यकारिणी के सम्मानित सदस्यगण एवं राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के समस्त जिला अध्यक्षों के नाम।
सादर निवेदन है कि वर्तमान समय में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण का विषय पूरे राजस्थान में एक अत्यंत ज्वलंत एवं संवेदनशील मुद्दा बन चुका है। मेरे जिले राजसमंद में भी संगठन से जुड़े सभी कर्मचारी साथी इस विषय पर संगठन द्वारा प्रदेश स्तर पर प्रभावी पहल एवं व्यापक आंदोलन की अपेक्षा कर रहे हैं।
अतः आप सभी से मेरा विनम्र आग्रह है कि इस जनभावना को देखते हुए हम आगामी सोमवार से पूरे राजस्थान के प्रत्येक उपखंड स्तर पर तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर इस आंदोलन का विधिवत शुभारंभ करें।
यदि यह अभियान पूरे प्रदेश में एक साथ प्रारंभ किया जाता है, तो निश्चित रूप से सरकार तक शिक्षकों की आवाज़ सशक्त रूप से पहुँचेगी और संगठन की एकजुटता का भी प्रभावी संदेश जाएगा।
आशा है कि आप सभी इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की कृपा करेंगे।
सादर।
महेश कुमार शेरावत
जिला अध्यक्ष
राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत, राजसमन्द