पुष्णामि चौषधी: सर्वा: सोमो भूत्वा रसात्मक: गीता १५/१३
चन्द्रमा के रूप में मैं ही रसात्मक सोम होकर समस्त औषधियों का पोषण करता हूँ।
सोलह कला युक्त व सुधा सम्पन्न शरद पूर्णिमा का दिव्य चन्द्रमा सभी के जीवन में आयुष्य-आरोग्यता, दिव्यता व श्री-सौभाग्य की की शरद पूर्णिमा की बधाई