शिक्षक भर्ती के इंतज़ार में युवाओं की उम्र निकल रही है और सरकार स्कूलों के विलय में जुटी है!
2018 में 69,000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन आया था। आखिर नई भर्ती के लिए युवा कितने साल दरवाज़े खटखटाएँ? पद खाली हैं, बच्चों को शिक्षक चाहिए, फिर भर्ती रोककर किसका भला हो रहा है?
हज़ारों स्कूलों का विलय करके शिक्षा सुधारने का दावा है। वाह सरकार! स्कूल समेट दो, भर्ती टाल दो और पोस्टरों पर ‘शिक्षित उत्तर प्रदेश’ लिखवा दो!
प्रचार से कक्षाएँ नहीं चलतीं। 60,000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती की माँग पर फैसला करो, युवाओं और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो!
शिक्षक भर्ती के इंतज़ार में युवाओं की उम्र निकल रही है और सरकार स्कूलों के विलय में जुटी है!
2018 में 69,000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन आया था। आखिर नई भर्ती के लिए युवा कितने साल दरवाज़े खटखटाएँ? पद खाली हैं, बच्चों को शिक्षक चाहिए, फिर भर्ती रोककर किसका भला हो रहा है?
हज़ारों स्कूलों का विलय करके शिक्षा सुधारने का दावा है। वाह सरकार! स्कूल समेट दो, भर्ती टाल दो और पोस्टरों पर ‘शिक्षित उत्तर प्रदेश’ लिखवा दो!
प्रचार से कक्षाएँ नहीं चलतीं। 60,000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती की माँग पर फैसला करो, युवाओं और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो!
सोचिए जिस प्रदेश के बेरोजगार युवा पिछले 9 वर्षों से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे थे आज उनको बहुत ही निराशा मिली हैं। जहां एक तरफ लाखों बेरोजगार युवा टेट व सीटेट पास करके बैठे हैं वहीं दूसरी तरफ सरकार ने लगभग 11000 पदों पर भर्ती निकाल कर बेरोजगार युवाओं के हाथ में झुनझुना पकड़ाने का काम किया है।
जनता होशियार है सब देख रही है समय आने पर अपना जवाब जरूर देगी।
BJP के एक नारे ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है।
“अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया”
मोदी के इस सपने को पूरा करने के लिये योगी दिन रात मेहनत कर रहे हैं।
बाराबंकी,
25 प्रा.वि. 0 शिक्षक
200 प्रा.वि. एक-एक शिक्षक
15 जू.हाई 0 शिक्षक
80 जू.हाई एक-एक शिक्षक
UP में 60 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं.
बीएड, बीटीसी और डीएलएड करके लाखों युवा सड़कों पर धक्के खा रहे हैं, लेकिन योगी सरकार को 60,000+ खाली पद दिख ही नहीं रहे!
रोजगार के मोर्चे पर योगी सरकार नाकाम साबित हुई है.
Uttar Pradesh | Teacher Vacancy | Youth Protests | Gen z | BJP | School Conditions
यूपी की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती (2018) में OBC और दिव्यांग अभ्यर्थियों के साथ बड़ा छलावा!
पिछड़ा वर्ग आयोग के सख्त आदेशों के बावजूद 22,000 से अधिक पद खाली हैं, जिनमें 9,000 सीटें OBC की हैं।
आरक्षण नियमों को ताक पर रखकर इन्हें आरक्षित श्रेणी से बाहर कर दिया गया।
हमारी मांग है कि राज्य सरकार आयोग के आदेश का पालन करे, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति मिले।
आम आदमी पार्टी युवाओं के हक की इस लड़ाई को संसद में पूरी मजबूती के साथ उठाएगी!
नवीन जी (68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी)
यूपी की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती (2018) में OBC और दिव्यांग अभ्यर्थियों के साथ बड़ा छलावा!
पिछड़ा वर्ग आयोग के सख्त आदेशों के बावजूद 22,000 से अधिक पद खाली हैं, जिनमें 9,000 सीटें OBC की हैं।
आरक्षण नियमों को ताक पर रखकर इन्हें आरक्षित श्रेणी से बाहर कर दिया गया।
हमारी मांग है कि राज्य सरकार आयोग के आदेश का पालन करे, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति मिले।
आम आदमी पार्टी युवाओं के हक की इस लड़ाई को संसद में पूरी मजबूती के साथ उठाएगी!
नवीन जी (68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी)
कितना झूठ बोलेंगे मुख्यमंत्री जी? 🤔
@myogiadityanath जी, सवाल सीधा है—आपके अधिकारी आपको गुमराह कर रहे हैं या फिर आप जानबूझकर ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं?
69,000 शिक्षक भर्ती में उत्तर-कुंजी से लेकर आरक्षण तक मामला अदालतों के सामने रहा है। उत्तर-कुंजी को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएँ हुईं और बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत लंबित उत्तर-कुंजी मामलों को लेकर भी आदेश हुए। �
आरक्षण के मामले में तो आपकी सरकार के सामने सवाल और भी गंभीर हैं। लखनऊ बेंच के फैसले में 69,000 की चयन सूची को नियमावली के अनुसार नए सिरे से तैयार करने का निर्देश दिया गया था। �
अब सबसे बड़ा सवाल—
एक तरफ 6800 आरक्षित अभ्यर्थियों की सूची सामने आई, दूसरी तरफ अब विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में 8270 अभ्यर्थियों का आंकड़ा रखा गया है—जिसमें 3324 OBC अभ्यर्थी और 4946 ऐसे पद बताए गए हैं जिन पर पहले चयनित अभ्यर्थियों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। �
तो फिर सवाल है कि 8270 का आंकड़ा सामने रखने के बाद भी समाधान 4900 के आसपास क्यों?
वाह बाबाजी!
आंकड़े बदलते रहे, सूचियां बदलती रहीं, सरकार का पक्ष बदलता रहा… लेकिन पिछले वर्षों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों की जिंदगी नहीं बदली!
अगर अदालतों में मामला इतना स्पष्ट है, अगर आपकी सरकार के अधिकारी खुद अलग-अलग आंकड़े और तथ्य न्यायालय के सामने रख रहे हैं, तो फिर OBC को 27% और SC को 21% आरक्षण के सवाल पर साफ-साफ निर्णय क्यों नहीं?
मुख्यमंत्री जी,
आरक्षण कोई सरकार की कृपा नहीं है—यह कानून और संविधान से मिला अधिकार है।
अब बहाने नहीं,
स्पष्टता चाहिए।
सही आंकड़े चाहिए।
न्याय चाहिए।
और 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के भविष्य पर अंतिम समाधान चाहिए।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
#आरक्षण_हमारा_अधिकार_है
#OBC_27_प्रतिशत
#SC_21_प्रतिशत
#69000TeacherRecruitment
Anupriya Patel अनुप्रिया पटेल | Akhilesh Yadav
कितना झूठ बोलेंगे मुख्यमंत्री जी? 🤔
@myogiadityanath जी, सवाल सीधा है—आपके अधिकारी आपको गुमराह कर रहे हैं या फिर आप जानबूझकर ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं?
69,000 शिक्षक भर्ती में उत्तर-कुंजी से लेकर आरक्षण तक मामला अदालतों के सामने रहा है। उत्तर-कुंजी को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएँ हुईं और बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत लंबित उत्तर-कुंजी मामलों को लेकर भी आदेश हुए। �
आरक्षण के मामले में तो आपकी सरकार के सामने सवाल और भी गंभीर हैं। लखनऊ बेंच के फैसले में 69,000 की चयन सूची को नियमावली के अनुसार नए सिरे से तैयार करने का निर्देश दिया गया था। �
अब सबसे बड़ा सवाल—
एक तरफ 6800 आरक्षित अभ्यर्थियों की सूची सामने आई, दूसरी तरफ अब विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में 8270 अभ्यर्थियों का आंकड़ा रखा गया है—जिसमें 3324 OBC अभ्यर्थी और 4946 ऐसे पद बताए गए हैं जिन पर पहले चयनित अभ्यर्थियों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। �
तो फिर सवाल है कि 8270 का आंकड़ा सामने रखने के बाद भी समाधान 4900 के आसपास क्यों?
वाह बाबाजी!
आंकड़े बदलते रहे, सूचियां बदलती रहीं, सरकार का पक्ष बदलता रहा… लेकिन पिछले वर्षों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों की जिंदगी नहीं बदली!
अगर अदालतों में मामला इतना स्पष्ट है, अगर आपकी सरकार के अधिकारी खुद अलग-अलग आंकड़े और तथ्य न्यायालय के सामने रख रहे हैं, तो फिर OBC को 27% और SC को 21% आरक्षण के सवाल पर साफ-साफ निर्णय क्यों नहीं?
मुख्यमंत्री जी,
आरक्षण कोई सरकार की कृपा नहीं है—यह कानून और संविधान से मिला अधिकार है।
अब बहाने नहीं,
स्पष्टता चाहिए।
सही आंकड़े चाहिए।
न्याय चाहिए।
और 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के भविष्य पर अंतिम समाधान चाहिए।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
#आरक्षण_हमारा_अधिकार_है
#OBC_27_प्रतिशत
#SC_21_प्रतिशत
#69000TeacherRecruitment
Anupriya Patel अनुप्रिया पटेल | Akhilesh Yadav
उप्र में जो 26 हज़ार प्राथमिक विद्यालय भाजपा सरकार ने बंद किए हैं, उन सभी स्कूलों में समाजवादी पार्टी आज शिक्षक दिवस 5 सितंबर के दिन ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिसका मूल उद्देश्य ये संदेश देना है कि ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा’।
इस कार्यक्रम के पीछे मूल भावना ये है कि शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए क्योंकि शिक्षा से ही शोषित-वंचित, ग़रीब-पीड़ित समाज में वो सामाजिक-राजनीतिक चेतना और जागरूकता आएगी जो प्रभुत्ववादियों के वर्चस्व को चुनौती देकर भेदभाव को ख़त्म करेगी, बराबरी लाएगी और समता-समानता पर आधारित ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाएगी, हमारे ‘बंधु राष्ट्र’ के संकल्प को साकार कर दिखाएगी।
#PDA
#पीडीए_पाठशाला_पुकारे