वर्षों का इंतजार, आखिर कब खत्म होगा? ✍️📚
लाखों योग्य एवं प्रशिक्षित युवा रोजगार की राह देख रहे हैं, जबकि परिषदीय विद्यालयों में पद रिक्त हैं। सदन से लेकर सड़क तक एक ही मांग— नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन तुरंत जारी किया जाए!
#UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती@CMOfficeUP
8 वर्षों से प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतज़ार कर रहे लाखों अभ्यर्थी आज भी जवाब मांग रहे हैं
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन कब आएगा?
युवा अब वादे नहीं, भर्ती विज्ञापन चाहते हैं
#UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती#UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
We request @aajtak to host an open debate on any topic between Khan Sir and Anjana Om Kashyap (without a teleprompter)
I am backing Anjana. I believe she can take on 10 Khan Sirs in a debate.
Make it happen, please.