मैं कोविड निगेटिव हूं तो फिर मुझे क्वारन्टीन सेंटर वीरपुर क्यों भेजा गया है? क्या मुझे कोरोना पॉजिटिव कर मेरे सेहत से खिलवाड़ करना है?
जब सुप्रीम कोर्ट का गाइडलाइन है कि बहुत आपात स्थिति न हो तो किसी को गिरफ्तार न किया जाय।किसी को जेल न भेजा जाय, तो फिर मुझ पर ���ह जुल्म क्यों?
5 घंटे से गांधी मैदान थाने में बैठा रखा है।
इतनी देर में कितने लोगों के लिए ऑक्सीजन हॉस्पिटल बेड, रेमडीसीवीर आदि का प्रबंध कर पाता!
कितनी जिंदगी बचाने का प्रयास कर पाता!
@NitishKumar जी जो करना है जल्दी करें!
आप भाजपा के दबाव में क्रूरता की हद न पार करें!
इतिहास माफ नहीं करेगा!
नीतीश जी
प्रणाम
धैर्य की परीक्षा न लें।अन्यथा जनता अपने हाथों में व्यवस्था लेगी,तो आपका प्रशासन सारा लॉकडाउन प्रोटोकॉल भूल जाएगा
मेरा एक माह पहले ऑपेरशन हुआ है।तब भी अपना जीवन दांव पर लगा जिंदगियां बचा रहे हैं।अभी मेरा टेस्ट हुआ,कोरोना निगेटिव आया।आप पॉजिटिव ���र मारना चाहते हैं
कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है।
ऐसे मामलों की पहले न्यायिक जाँच हो तब ही कोई कारवाई होनी चाहिए नहीं तो जन आक्रोश होना लाज़मी है।
सुबह के 9 बजे से रात के 1 बजे तक 16 घंटे से मुझे बैठाकर रखा गया है। मैं शुगर का मरीज हूं, पांव की पूर्व में सर्जरी हुई थी। ��क माह पहले गॉल ब्लैडर की सर्जरी हुई है। मुझे पूरा आराम करने डॉक्टरी सलाह दी गयी थी। मेरे सारे सहयोगी एक दाना-पानी नहीं पिये हैं।
आखिर मेरा क्या जुर्म है?
@drmkota@gmwcrailway@PiyushGoyal@RailMinIndia@IR_CRB@PMOIndia कोटा में कल हुए हादसे में ट्रैकमैन की मौत दुःखद है, दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए एवं ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करके कार्यवाही करे।
मृत ट्रैकमैन के परिवार को मुआवजा दे।
नही तो 31मई को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
दोस्तो��� LDCE OPEN to Trackman के लिए यूनियन Election में कुछ साथी चमचागिरी बंद करे और एक सैंक्शन से किसी ट्रैकमैन साथी को खड़ा कर के विजय हासिल करो ।
वर्तमान में एक यहीं तरीका सबसे आसान है #LDCE_OPEN_FOR_TRACKMAN