युवाओं की एकजुटता के आगे आखिरकार सिस्टम को झुकना पड़ा!
धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। आज एक बहुत बड़ी 'जवाबदेही' तय हुई है। यह इस बात की गारंटी है कि भविष्य में जो भी शिक्षा मंत्री बनेगा, वो अपने काम को लेकर पूरी तरह जवाबदेह रहेगा, क्योंकि उसे युवाओं की ताकत का अंदाज़ा लग चुका है।
#DharmendraPradhan
एक और पेपर लीक… एक और परीक्षा रद्द…
अब यह “घटना” नहीं रही, यह एक संगठित उद्योग बन चुका है।
हर बार छात्र पपढ़ेगा
हर बार सिस्टम फेल होगा
हर बार परीक्षा रद्द होती रहेगी
और हर बार जिम्मेदार system को बता दिया जाएगा ।
अब तो यही लगता है कि पेपर लीक रोकना सरकार के बस की बात नहीं है।
हर बार दावा, हर बार आश्वासन…
और हर कुछ दिनों में एक नया पेपर लीक।
"जब जब मोदी डरता है, हिंदू मुस्लिम करता है"
वाह, बस यही समझने की देर थी। सुकून है कि देश के युवा BJP-RSS की विभाजनकारी साज़िश को समझना शुरू कर चुके हैं।
बस इसका इंतज़ार का है कि पूरा देश ये साज़िश भरा खेल समझ जाए।
⚠️बेहद जरूरी वीडियो
अगर तुम लोग इधर वापस मिला तो जेब में 50 50 ग्राम पाउडर जेब में डाल दूँगा। फिर तुम लोग जिंदगी भर के लिए गया।
बच्चों को गैरकानूनी कामों में फंसाने की धमकियाँ दी जा रही है।
हेलो @MumbaiPolice आपका ये कर्मचारी कौनसा पाउडर सप्लाई करता है ? जाँच करेंगे ?
#CJP #MUMBAI #GenZProtest
‘फूल देने गए तो लाठी मारी...'
जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान हुए लाठीचार्ज पर शख़्स ने क्या बताया?
Full Report: https://t.co/ae3EgC86LP
Jantar Mantar | Protest
सुप्रीम कोर्ट को खुद संज्ञान लेना चाहिए जब सरकार नहीं सुन रही तो जानता की उम्मीद कोर्ट ही तो होती है
ऐसे ही सच का साथ देने हिम्मत वाले #SupremeCourt के सीनियर #advocate भाई @Mishra1Narendra जी
मैं सलाम करता हूं जो देश की जनता के हर ज्वलंत मुद्दे को उठाते हैं छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर पेनड्राइव में मिश्रा जी ने दिया सबूत तो देखिए देश की मान्य सर्वोच्च न्यायालय में क्या हुआ?
देश मानता है, भाजपा आक्रांता है।
इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालय तोड़नेवाले कभी अपने लोग नहीं रहे। यूपी की भाजपा सरकार नकारात्मकता का नया इतिहास लिख रही है।
शर्मनाक!
चप्पा-चप्पा इंक़लाब के नारों से गूंज रहा है।
जब युवा अपने भविष्य, शिक्षा और रोज़गार के सवाल पर सड़क पर उतरते हैं, तो वह सिर्फ़ एक आंदोलन नहीं, बल्कि देश के आने वाले कल की आवाज़ बन जाता है।
अब यह आवाज़ किसी एक शहर की नहीं, पूरे देश की बन चुकी है। आइए, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से न्याय, शिक्षा और युवाओं के अधिकारों की इस लड़ाई में एकजुट होकर अपनी भागीदारी निभाएँ। बदलाव की शुरुआत हमेशा जागरूक समाज से होती है।