मुझे ऑनेस्ट लोग पसंद है, अपनी पढाई के बारे में क्लियर बोला की ये छह साथ घंटे पढाई करता था। बहुत से लोग बोलते है की वो बारह घंटे, सोलह घंटे पढाई किये तो उनको आप उसी टाइम झूठा बोल सकते हो, रिजेक्ट कर सकते हो।
स्कूल के समय चार घंटे से ज्यादा पढाई की जरुरत नहीं होती, नीट, आईआईटी प्रिपरेशन के समय आप छह से आठ घंटे से ज्यादा पढाई मुश्किल ही कर पाओगे। अगर आपका बच्चा स्कूल के साथ छह से आठ घंटे पढाई कर रहा है तो वो बहुत ज्यादा है और मेरे हिसाब से फोकस पढाई कर रहा है तो आराम से लाइफ में हर स्टेप क्लियर भी करता जायेगा #NEET #Toppers
गजब का मामला हो गया...
आगरा में ट्रेन स्टेशन पर रुकी। महिला उतरकर पेठा खरीदने लगी। इतने में ट्रेन चल दी। महिला ने स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र चाहर से ट्रेन रोकने की रिक्वेस्ट की,तो उन्होंने वॉकी–टॉकी से बोलकर ट्रेन रुकवा दी।
RPF पुलिस ने चेन पुलिंग के आरोप में महिला को रोक लिया। उपाधीक्षक ने इसका विरोध किया था। मामला बढ़ा तो पुलिस ने उपाधीक्षक को पीटा और घसीटकर ले जाने लगे...
बाद में इस मामले में RPF के 4 पुलिसकर्मी मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया।
हमारे राजस्थान के बारे में देश और दुनिया के कई लोगों के मन में आज भी यह धारणा है कि यहाँ सिर्फ़ रेगिस्तान ही है। लेकिन मैं आप सभी से कहना चाहूँगी कि राजस्थान की पहचान इससे कहीं अधिक व्यापक और अद्भुत है।
क्या आपने बांसवाड़ा की 100 Islands City, उदयपुर की मनमोहक झीलें और मग्रियाँ, जवाई बाँध का अनोखा प्राकृतिक सौंदर्य या मानसून के दौरान राजस्थान का बदला हुआ रूप देखा है? बारिश के मौसम में राजस्थान अपने आप में एक शानदार पर्यटन स्थल बन जाता है।
मैं राजस्थान के लोगों से भी और यहाँ आने वाले सभी पर्यटकों से भी आग्रह करना चाहूँगी कि वे राजस्थान को सिर्फ़ प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखें, बल्कि इसके ऑफबीट डेस्टिनेशन्स को भी ज़रूर खोजें और अनुभव करें।
जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी बार-बार कहते हैं, "लोकल के लिए वोकल बनिए और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा दीजिए।" जब हम स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देंगे, तो वहाँ के लोगों की आजीविका मजबूत होगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था विकसित होगी और उसी आय का उपयोग पर्यटन सुविधाओं तथा यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने में होगा।
आइए, राजस्थान को केवल रेगिस्तान नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास और अद्भुत अनुभवों से भरे एक #IncredibleRajasthan के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।🙏
#धौलपुर: जगन गुर्जर की तीये की बैठक में उबाल
बेटे आशाराम के आह्वान पर तीये की बैठक सैकड़ों लोग जुटे, अजमेर प्रदर्शन के दौरान सरकार से लिखित समझौता हुआ था, लेकिन आरोप है कि एक भी शर्त नहीं मानी गई, परिवार को पुलिस सुरक्षा नहीं मिली न ही पप्पू गुर्जर को अजमेर जेल से ट्रांसफर किया गया, श्रद्धांजलि सभा में आगे की रणनीति पर हुआ मंथन, समाज का सब्र टूट रहा है, 12 जुलाई तक मांगे नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी दी गई
@DholpurPolice@Bhanusharma1701 #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
भरत तिवारी के बाद,ये यशपाल यादव ने भी पुलिस को दिया खुला चैलेंच💪,मार सीने पर गोली मार दम है तो,पुलिस के पैरों के पास हवाई फायरिंग करने पुलिस को पीछे हटने पर विवश किया💪
भरत तिवारी की तरह इनको भी न पुलिस वाले साजिश के तहत निपटा दे🤔🙄
सीएम भजनलाल शर्मा गुरुवार को ब्यावर के देवमाली पहुंचे। देवनारायण मंदिर में दर्शन किए, फिर किसान रामलाल गुर्जर के घर चाय पीने बैठ गए। गांव के बच्चों से पढ़ाई-लिखाई पर बात की, कलक्टर को बालिका शिक्षा और ड्रॉप आउट रोकने के निर्देश भी दिए।
जयपुर में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव पर बैठे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने और पत्थरबाजी की घटना अत्यंत निंदनीय है।
यह हमारे लोकतंत्र, हमारी सामाजिक चेतना और राज्य की संवैधानिक नैतिकता की परीक्षा है। जो समुदाय सदियों से हाशिये पर धकेले गए, जिन्हें कभी औपनिवेशिक शासन ने अपराधी जातियों के कलंक से चिन्हित किया और आज़ादी के बाद भी जिनके माथे से वह अपमान पूरी तरह नहीं धुला, वे यदि अपने अधिकारों के लिए राजधानी में आवाज़ उठाते हैं तो राज्य का पहला कर्तव्य उन्हें सुनना होना चाहिए, उन्हें पीटना नहीं।समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों पर दमनात्मक कार्रवाई करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। भाजपा सरकार के पास हर समस्या का समाधान केवल लाठी, आंसू गैस और दमन ही रह गया है। भाजपा सरकार संवाद और समाधान में पूरी तरह विफल हो चुकी है।पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन कानून-व्यवस्था का अर्थ नागरिकों की आवाज़ को कुचलना नहीं हो सकता। पत्थरबाज़ी यदि हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर पूरे समुदाय की पीड़ा को अपराध की तरह देखना खतरनाक है।जनता और सरकार के बीच संवाद का रास्ता इतना बंद हो जाए कि पुलिस बैरिकेड, डंडा और आँसू गैस ही भाषा बन जाएं।
घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज की 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कोई अचानक उठी हुई राजनीतिक सनक नहीं है। यह उन समुदायों की ऐतिहासिक उपेक्षा, सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक व शैक्षिक पिछड़ेपन से निकली हुई मांग है, जिनके पास स्थायी बसावट नहीं, ज़मीन नहीं, पहचान के कागज़ नहीं, शिक्षा-संरचना तक आसान पहुँच नहीं और सरकारी योजनाओं तक पहुँचने का व्यवस्थित रास्ता भी नहीं। ऐसे समाज जब महापंचायत बुलाते हैं, तो वह केवल भीड़ नहीं होती; वह इतिहास के अंधेरे कोनों से उठी हुई सामूहिक पुकार होती है।
घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर सरकार द्वारा की गई इस दमनात्मक कार्रवाई की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ और सरकार से मांग करता हूँ कि डीएनटी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल वार्ता की जाए। @RajCMO@1stIndiaNews@DainikBhaskar@zeerajasthan_@Rajasthan_Tak@ANI@rpbreakingnews
लोग मुझे ढाबा वाले भी बुलाते हैं, की आप तो ढाबा चलाते हो,आप ढाबा वाले हो – लक्ष्यराज सिंह मेवाड़
लेक पैलेस दुनिया की सबसे खूबसूरत होटलों में से एक हैं जो दुनिया की टॉप 10 होटल में आती हैं....।
दादा श्री जी 1962 में होटल व्यवसाय शुरू किया, यदि वो इनकी सोचते तो कभी शुरू ही नहीं करते..!
जब दादा जी ने 1962 में लेक पैलेस का काम शुरू किया तब पत्रकारों ने अखबारों में लिखा अब राजा महाराजा कप प्लेट धोएंगे....!
लेकिन में मेरे जब्जे से पैशन से मेरी मेहनत से मेरी सोच से काम कर रहा हूं, मुझे मेरे काम से गर्व है, में बड़े खुशी से अपना काम करता हूं.....!
डकैत जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में भीड़
धौलपुर जिले में जगन के गांव में भारी संख्या में लोग इकठ्ठा हुए हैं। नौ थानों की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए लगाई गई है।
जगन की अजमेर जेल में हत्या कर दी गई थी
जगन गुर्जर का परिवार कितना स्वाभिमानी है....
> चाचा को यहां खतरा है, धौलपुर शिफ्ट किया जाए
> हत्या की CBI जांच की मांग
> मृतक को न्याय दिया जाए......
- नही बदला लेना जानते है घर मे भी तथा जेल मे भी
- न मुआवजा की मांग
- न सरकारी नौकरी की मांग
- न परिवार ने पेसो के लिए हाथ फैलाए