चीन में लोग नदियों को “मां” नहीं कहते, उनका पूजन नहीं करते, नारियल, कलावा, धूप-अगरबत्ती नहीं चढ़ाते। इसके बावजूद उनकी नदियाँ साफ़ और स्वच्छ रहती हैं।
वहीं भारत में लोग नदियों को माता कहकर आरती करते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन पूजा के बाद वही नदियाँ कचरे, फूलों, प्लास्टिक और अन्य गंदगी से भर जाती हैं।
पूजा से नदी स्वच्छ नहीं होती। जागरूकता और सही व्यवहार ही उसे जीवन्त और साफ़ रख सकते हैं।