सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
प्रयागराज के “विवेक Sir” रोते हुए
मोदी जी योगी जी और गोदी मीडिया क्या आप लोगों को “विवेक SIR” के आँसू नही दिखाई देते?
ऊपर वाले के पास जब हिसाब होगा तो क्या बोलोगे बच्चों की कोचिंग पर बुलडोजर चलाया, किसी का मकान उजाड़ा, किसी की दुकान उजाड़ी, करोड़ों नौजवानों की ज़िंदगी बर्बाद की।
@minmpkrishi@DrMohanYadav51 सभी खसरा नंबर चंदला तहसीलदार साहब #असत्यापित दिखा रहे है। सिर्फ एक खसरा नंबर में तहसीलदार स्टेट्स आ रहा है।मैं एक छोटे किसान का बेटा हूँ। मेरे पिता जी रोज सुबह परेशान होकर कहते हैं – “बेटा, गेहूं का स्लॉट बुक करके देखो।" हम मेहनत से गेहूं उगाते हैं।"
भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के महान प्रेरणास्रोत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
#AmbedkarJayanti#IndiaPost#DakSewaJanSewa
सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव—भारतीय डाक जीवन बीमा के साथ 🛡️
कम प्रीमियम में अधिक लाभ, परिवार की आर्थिक सुरक्षा और हर परिस्थिति में भरोसेमंद सहारा।
आज ही डाक जीवन बीमा अपनाएं और अपने प्रियजनों के भविष्य को बनाएं सुरक्षित।
@IndiaPostOffice@JM_Scindia@PemmasaniOnX
MP High Court में OBC का केस 23 मार्च को लिस्टेड हो गया है! 
27% OBC आरक्षण की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर।
हमारी आवाज़ दबने नहीं देंगे!
OBC हक़ के लिए एकजुट रहो, न्याय मिलेगा! 
#OBCReservation#MPHighCourt#OBCArakshan#23March#UnholdOBC"
भारतीय टीम के खिलाड़ी Axar Patel ने ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद गुजरात के Narendra Modi Stadium, अहमदाबाद में अपनी पत्नी और बेटे के साथ ट्रॉफी थामकर जीत का जश्न मनाया। यह पल भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत और परिवार के साथ साझा की गई खुशी का भावुक दृश्य बन गया।
#AxarPatel #T20WorldCup2026 #TeamIndia #CricketCelebration #IndianCricket #NarendraModiStadium #Ahmedabad #FamilyMoments #CricketChampion #VictoryCelebration #CricketLife #CricketFans
(Axar Patel, ICC T20 World Cup 2026, Team India, cricket victory, Narendra Modi Stadium, Ahmedabad, Gujarat, cricket family celebration, cricket champion moments, Indian cricket news)
📮 ज़िंदगी में जब आप जोखिम लेते हैं, तब भारतीय डाक बनता है आपका सुरक्षित पैराशूट।
PLI और RPLI जैसी भरोसेमंद पॉलिसियों के साथ — सुरक्षित निवेश, जीवन सुरक्षा और भविष्य की निश्चिंतता एक साथ।
आज बचत करें, ताकि कल सुकून से जिया जा सके।
#भारतीयडाक#PLI#RPLI#LifeInsurance #SecureFuture #भरोसेकीनीति #SafeInvestment 🇮🇳🪂💼
@IndiaPostOffice@JM_Scindia@PemmasaniOnX
हे ओबीसी के लोगों! वोट करते हुए क्या तुम्हें यह याद नहीं आता है??
सरकारी नौकरी के जिस विज्ञापन में ओबीसी की 270 सीट होनी चाहिए थी उसमें मात्र 126 सीट है। EWS को पूरी 100 सीट दी गयी है!
यानी ओबीसी समाज की 144 सरकारी नौकरियों को सरकार ने लील लिया है!
विदिशा से आई यह रुला देने वाली तस्वीर देश और मध्य प्रदेश में भाजपा के दशकों के कुशासन का सबूत है!
गरीब कल्याण की योजनाओं के नाम पर रोटियां गरीबों तक पहुंचने से पहले ही सड़ जाती है!
ज़रूरमत कचरे में भूख मिटाने की जद्दोजहद करता है!
मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर सरकार बार-बार वक्त क्यों मांग रही है? पिछली सुनवाई में भी सरकार पूरी तैयारी के साथ नहीं पहुँची थी और अब एक बार फिर वही बहाना दोहराया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने खुद सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, यह साफ़ दिख रहा है कि मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार ओबीसी समाज को 27% आरक्षण देना ही नहीं चाहती। जो हक कांग्रेस सरकार ने दिलाया था, वही हक बीजेपी ने छीन लिया।
मेरे नेतृत्व में गठित मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की आधी आबादी को न्याय दिलाते हुए ओबीसी आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% किया था। यह फैसला ओबीसी समाज की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को मज़बूत करने वाला था। लेकिन सत्ता में आते ही बीजेपी ने इस आरक्षण को रोक दिया और कोर्ट में बहानेबाज़ी शुरू कर दी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है कि सरकार बिना तैयारी के बार-बार सुनवाई टालने की कोशिश कर रही है। यह वही सरकार है जो चुनावी मंचों पर ओबीसी हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन असल में अदालत में ओबीसी आरक्षण के खिलाफ खड़ी दिखती है।
अगर बीजेपी सरकार ईमानदार होती, तो अब तक ओबीसी आरक्षण पर ठोस कदम उठा चुकी होती। मगर सच्चाई यह है कि उसे न तो सामाजिक न्याय की चिंता है, न पिछड़े वर्ग के हक की। उसकी प्राथमिकता केवल वोट बैंक की राजनीति है।
अब सुप्रीम कोर्ट के रुख से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि बीजेपी सरकार ओबीसी समाज को उनका संवैधानिक हक़ देने के बजाय टालमटोल और भ्रम की राजनीति कर रही है।
कांग्रेस पार्टी ने जो अधिकार दिया था, वही आज ओबीसी समाज बीजेपी की नाकामी के कारण खो बैठा है, और इसका हिसाब मध्यप्रदेश का ओबीसी वर्ग ज़रूर लेगा।