“संस्कृतं नाम दैवी वागन्वाख्याता महर्षिभिः।”
समस्त देशवासियों को देववाणी संस्कृत के प्रचार-प्रसार, संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान, दर्शन, संस्कृति, विज्ञान और आध्यात्मिक चिंतन की समृद्ध परंपरा की वाहक है। वेद-उपनिषदों से लेकर पुराण, शास्त्र, साहित्य, व्याकरण और आयुर्वेद तक, संस्कृत ने भारतीय ज्ञान-विरासत को युगों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित और प्रवाहित किया है।
आइए, देववाणी संस्कृत के अध्ययन, अध्यापन एवं दैनिक जीवन में प्रयोग को प्रोत्साहित करें और ‘संस्कृतं सर्वत्र’ के भाव को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लें।
अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
#विश्व_संस्कृत_दिवस #WorldSanskritDay
विश्व संस्कृत दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
देववाणी संस्कृत हमारी सनातन संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा की आधारशिला है। आइए, इस गौरवशाली भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं जन-जन तक इसके प्रचार-प्रसार का संकल्प लेकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाएं।
Sanskrit Day
संस्कृत भारतीय ज्ञानचिरनवीना संस्कृता एषा, गीर्वाणभाषा चिरनवीना संस्कृता एषा॥
Sanskrit, the bearer of India’s timeless wisdom, remains eternally renewed; this divine language remains forever young.
सभी देशवासियों को विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
संस्कृत भारत की उस अमर ज्ञान परंपरा का आधार है, जिसने हमारे दर्शन, साहित्य, विज्ञान, संस्कृति और सभ्यता को समृद्ध किया है। यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली विरासत और सांस्कृतिक चेतना की जीवंत अभिव्यक्ति है।
विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर आइए, इस महान भाषा के संरक्षण, संवर्धन और इसके समृद्ध ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें।
सर्वेभ्यः ‘विश्वसंस्कृतदिवसस्य’ हार्दिक्य: शुभकामनाः।
भारतस्य ज्ञानपरम्परायाः, संस्कृतेः, चेतनायाश्च मूलाधारभूता संस्कृतभाषा यावती प्राचीना, तावती एव वैज्ञानिकदृष्ट्या समृद्धा अपि अस्ति। संस्कृते रचिताः अस्माकं वेदाः, उपनिषदः, शास्त्राणि च शताब्देभ्यः मानवजातेः ज्ञानमार्गं प्रदर्शयन्ति।
संस्कृतभाषायाः संरक्षणे तस्याः प्रसारे च अविस्मरणीयं योगदानं प्रदत्तवद्भ्यः सर्वेभ्यः विद्वद्भ्यः आचार्येभ्यश्च सादरं नम:।
सभी को 'विश्व संस्कृत दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भारत की ज्ञान परंपरा, संस्कृति और चेतना का मूल आधार संस्कृत भाषा जितनी प्राचीन है उतनी वैज्ञानिक भी है। संस्कृत में लिखे हमारे वेद, उपनिषद और शास्त्र सदियों से मानवता को ज्ञान का मार्ग दिखा रहे हैं।
संस्कृत भाषा को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने में अविस्मरणीय योगदान देने वाले सभी विद्वानों व आचार्यों को नमन करता हूँ।
विश्व संस्कृत दिवस की सभो को हार्दिक शुभ कामनाये !
देववाणी संस्कृत और भारतीय संस्कृती का गहरा रिश्ता हमारी सांस्कृतिक एकात्मता का परिचायक है!
।। संस्कृत सभी की और सभी संस्कृत के ।।
विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
संस्कृत भारत के ज्ञान, दर्शन और सभ्यता की कालजयी भाषा है। इसने युगों-युगों से हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक परंपराओं को आकार दिया है।
आइए, हम संस्कृत की इस अमूल्य धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार का संकल्प लें तथा भावी पीढ़ियों को इसकी शाश्वत ज्ञान-परंपरा से जोड़ते हुए आधुनिक विश्व में इसके महत्व को और व्यापक बनाएँ।
সংস্কৃত ভাষা শুধু একটি ভাষা নয়, এটি ভারতীয় সংস্কৃতি, সভ্যতা, দর্শন ও জ্ঞানের অক্ষয় ও অমূল্য ভাণ্ডার। বেদ, উপনিষদ, রামায়ণ, মহাভারত থেকে শুরু করে গণিত, জ্যোতির্বিজ্ঞান, চিকিৎসাশাস্ত্র সবকিছুর মূলে রয়েছে এই সুপ্রাচীন ভাষা।
"যত্র বিশ্বং ভবত্যেকনীড়ম্" যেখানে সমগ্র বিশ্ব এক নীড়ে পরিণত হয়, সেই বাণী আজও সংস্কৃতের মধ্য দিয়ে অনুরণিত হয়।
আজকের এই বিশেষ দিনে আসুন আমরা এই প্রাচীন ও সমৃদ্ধ ভাষাকে নতুন প্রজন্মের কাছে পৌঁছে দেওয়ার প্রতিজ্ঞা করি।
#SanskritDay
विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर हम अपनी उस दिव्य भाषा का उत्सव मनाते हैं, जिसने हमारी संस्कृति, परंपराओं और ज्ञान को गहराई से आकार दिया है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में भारत संस्कृत को आधुनिक युग में जीवंत, समृद्ध और जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
आइए, देववाणी संस्कृत की समृद्ध विरासत का सम्मान करें और इसके शाश्वत ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें।
#विश्वसंस्कृतदिवस
जयतु संस्कृतम्, जयतु भारतम्!
संस्कृत केवल हमारी प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान, दर्शन, विज्ञान और संस्कृति की अमूल्य विरासत है। इसकी समृद्ध परंपरा हमारी सभ्यता के गौरव और सांस्कृतिक चेतना का आधार है।
आइए, संस्कृत दिवस के अवसर पर संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार का संकल्प लें।