सरकारें पहले भी होती थी,
सरकारें अब भी हैं,
शाहिद पहले भी होते थे,
शाहिद अब भी होते हैं,
शाहिद पहले घर भी आता था,
अब भी शाहिद घर आता है,
फर्क सिर्फ इतना है ।
पहले शाहिद लाल कपड़े में मुठी भर बॉक्स दो साथी ले कर आते।
अब राष्ट्रीय सन्मान के साथ तिरंगे में लिपट कर लोकल एडमस्टेटिव और इलाके के भारी संख्या के जंबावाड़े में आता।
हिमाचल पर लगी नजर,नशे और गुंडागर्दी का प्रवेश, हिमाचल सब को साफ पानी, हवा ,बतावरण और कुदरती मनमोहक दृश्य देता पर बाहर के लोगों ने दिया तो देव भूमि की लहूलुहान ।
जागो नेता जागो
Hum sabhi himachaliyon ko Social media par narrative banana zaruri hai ki Himachal me waqf board ka koi bhi niyam lagu na ho . Jaise bahar ka koi vykti hp main jamin nehi
kharid sakte ।