नए हाई कोर्ट जजों को शपथ दिलाई जाएगी
झारखंड उच्च न्यायालय में
श्री मनोज प्रसाद, श्री अखिल कुमार एवं श्री राम शर्मा
को न्यायाधीश पद की शपथ
📅 23 सितंबर 2026 (बुधवार)
⏰ सुबह 10:15 बजे
📍 हाई कोर्ट परिसर, धुर्वा, राँची
#JharkhandHighCourt#NewJudges#SwearingIn
यह है झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री, कांग्रेस नेता और बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद साव… बेटी अंबा प्रसाद भी वहीं से विधायक रहीं, पत्नी भी। यानी परिवार का पूरा राजनीतिक साम्राज्य।
लेकिन हजारीबाग शहर अंचल अधिकारी के साथ जमीन के मामले में जो पब्लिक बर्ताव दिखाया, वो देखकर लग रहा है वह सही नही है। मामला कुछ भी हो, अधिकारी के साथ ऐसा रवैया शोभा नहीं देता
✈️ लंदन से ढाका जा रही फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच झगड़ा हाथापाई में बदल गया!
वीडियो में दो पुरुष यात्रियों को मारपीट करते देखा जा सकता है। इस झगड़े से बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों समेत पूरे केबिन में दहशत फैल गई।
#FlightFight#LondonToDhaka
प्रिंस खान के भाई बंटी खान गिरफ्तार: कोलकाता से पकड़े जाने के बाद धनबाद की सड़कों पर पुलिस घेरे में, फर्जी पासपोर्ट-वीजा बरामद
कोलकाता से गिरफ्तार किए गए कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान को सोमवार को धनबाद लाया गया। पूछताछ के बाद पुलिस उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए पैदल लेकर निकली। इस दौरान सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और उन्हें देखने की कोशिश करने लगे।
धनबाद पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से कोलकाता में कार्रवाई करते हुए बंटी खान को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, वे फर्जी दस्तावेजों के सहारे देश छोड़कर दुबई जाने की तैयारी में थे। उनके कब्जे से वैध और कथित फर्जी पासपोर्ट तथा वीजा बरामद किए गए हैं। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि फर्जी पासपोर्ट और वीजा किसने तैयार कराए, विदेश जाने की व्यवस्था में कौन-कौन शामिल थे और क्या इसे किसी संगठित तंत्र ने संचालित किया था।
बंटी खान के खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी में है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे प्रिंस खान के नेटवर्क और उनकी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।
प्रिंस खान का आतंक और गिरोह का विस्तार
धनबाद के वासेपुर इलाके से जुड़े प्रिंस खान (असली नाम हैदर अली) लंबे समय से कोयलांचल में आतंक का पर्याय बने हुए हैं। 2021 के आसपास फरार होने के बाद वे पहले दुबई और बाद में कथित तौर पर पाकिस्तान में शरण लिए हुए बताए जाते हैं। उनके गिरोह पर हत्या, रंगदारी, हथियारों की आपूर्ति और जमीन से जुड़े अवैध सौदों के कई गंभीर आरोप हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि उनके नाम का भय दिखाकर स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रंगदारी वसूली जाती रही। कई व्यवसायी हर महीने रकम देने के लिए मजबूर बताए जाते हैं। रंगदारी की राशि हवाला, बैंक खातों और अन्य माध्यमों से विदेश पहुंचाई जाती थी। गिरोह जमीन खरीद-बिक्री में भी सक्रिय पाया गया। पुलिस ने पिछले कई महीनों में उनके दर्जनों सहयोगियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें उनके करीबी ‘मेजर’ समेत कई महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं। लगातार कार्रवाई से गिरोह का स्थानीय नेटवर्क कमजोर पड़ा है।
बंटी खान की गिरफ्तारी को पुलिस प्रिंस खान के गिरोह पर एक और बड़ा प्रहार मान रही है। जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
@dhanbadpolice@iprddhanbad@dhanbad
झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का कार्डियक अरेस्ट से निधन, अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी थी हालत
रांची:झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से निधन हो गया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाए जाने से करीब दो घंटे पहले घर पर ही उन्हें पहला अटैक आया था। गंभीर हालत में उन्हें रात 2:15 बजे मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तमाम कोशिशों के बाद तड़के 4:00 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रास्ते में बिगड़ी तबीयत, फेफड़ों में फंसी उल्टी
मर्सी अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक, मंत्री सुदिव्य कुमार पहले से ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे। शनिवार देर रात सीने में तेज दर्द उठने पर परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर निकले। रास्ते में उन्हें उल्टी हुई, जो श्वसन नली और फेफड़ों में चली गई (एस्पिरेशन)। इससे सांस लेने का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर गया।
अस्पताल में बीपी हुआ शून्य, ईसीजी में मैसिव अटैक की पुष्टि
अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचने पर डॉक्टरों ने पाया कि उनका ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था। ईसीजी जांच में मैसिव हार्ट अटैक के स्पष्ट लक्षण मिले। सांस की नली बाधित होने के कारण उन्हें तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।
डेढ़ घंटे चला सीपीआर, सुबह 4 बजे डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल पहुंचने के 10-15 मिनट बाद स्थिति और बिगड़ने पर डॉक्टरों की टीम ने सीपीआर देना शुरू किया। लगभग डेढ़ घंटे तक जीवन रक्षक दवाओं और सीपीआर के जरिए उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन सुबह 4 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, अटैक के तुरंत बाद समय पर प्राथमिक उपचार न मिल पाना और फेफड़ों में उल्टी का फंसना मौत की प्रमुख वजह बना।
🚨 जमशेदपुर में सीएनजी हादसा: पाइप फटने से 24 वर्षीय कर्मचारी की मौत
जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में हावड़ा ब्रिज के पास आरके जैन भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप पर 27 अगस्त रात करीब 10:40 बजे सीएनजी भरते समय पाइप अचानक फट गया। नोजल 24 वर्षीय कर्मचारी तुषार खामरी (सोनारी निवासी) के सिर में जोर से लगा। उन्हें तुरंत टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
तुषार घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था और महज दो महीने बाद उसकी शादी तय थी। घटना का CCTV फुटेज अब वायरल हो रहा है।
ताजा अपडेट:
• पंप को सील कर दिया गया है।
• पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) की टीम जांच कर रही है।
• परिवार और प्रबंधन के बीच मुआवजे पर सहमति बनी (रिपोर्ट्स में 10 लाख से 18 लाख तक का जिक्र)। GAIL से भी सहायता का आश्वासन।
• पुलिस लापरवाही की जांच कर रही है।
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पुरी में झारखंड सरकार का अपना गेस्ट हाउस बनेगा, 99 करोड़ रुपये होंगे खर्च
रांची: ओडिशा के पुरी में समुद्र के समीप जल्द ही झारखंड सरकार का अपना गेस्ट हाउस होगा। इसके निर्माण पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल पुरी में झारखंड का गेस्ट हाउस किराए के भवन में संचालित हो रहा है। नए गेस्ट हाउस के निर्माण का प्राक्कलन तैयार हो चुका है और भवन निर्माण विभाग ने इसका तकनीकी अनुमोदन भी दे दिया है।
गेस्ट हाउस की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंजूरी दे दी है। अब प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नए भवन में झारखंड से पुरी आने वाले मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा आम लोगों के ठहरने की भी सुविधा उपलब्ध होगी। आम लोगों को संबंधित विभाग के माध्यम से बुकिंग करानी होगी।
जगन्नाथ मंदिर से करीब 8 किमी दूर होगा निर्माण
ओडिशा सरकार ने अपने इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (इडको) के माध्यम से पुरी सदर के ग्राम बालुखंडा में 0.35 एकड़ जमीन झारखंड सरकार को उपलब्ध कराई है। यह जमीन कोणार्क वन्यजीव अभयारण्य के समीप है और भगवान जगन्नाथ मंदिर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
जमीन के लिए झारखंड सरकार ने इडको को 49.70 लाख रुपये लीज प्रीमियम, 7.20 लाख रुपये स्टांप ड्यूटी, वार्षिक किराया और रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान कर दिया है। दोनों पक्षों के बीच लीज एग्रीमेंट भी पहले ही हो चुका है।
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यह सांकेतिक तस्वीर है
रांची में JSCA की AGM: क्रिकेट के फैसलों से ज्यादा विवाद चर्चा में!
400 सदस्यों की मौजूदगी में वार्षिक आमसभा संपन्न।
एस.बी. सिंह की सदस्यता समाप्त करने के फैसले पर AGM की मुहर।
झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वीरेंद्र सिंह को Ombudsman & Ethics Officer नियुक्त किया गया।
वित्तीय रिपोर्ट पास, चयनकर्ता घोषित। झारखंड ने पिछले सत्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीती।
सवाल वही—JSCA को सुर्खियां उपलब्धियों की मिलेंगी या प्रशासनिक विवादों की?
रांची में JSCA की AGM: क्रिकेट के फैसलों से ज्यादा फिर चर्चा में आया विवाद!
झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) की रविवार को हुई वार्षिक आमसभा में करीब 400 सदस्य जुटे। एजेंडे में वित्तीय रिपोर्ट, पिछले फैसलों की पुष्टि, नए ओम्बड्समैन की नियुक्ति और आगामी सत्र के चयनकर्ता जैसे कई मुद्दे थे। लेकिन बैठक से निकलने वाली सबसे बड़ी खबर बनी एस.बी. सिंह की JSCA सदस्यता समाप्त करने के फैसले पर AGM की मुहर।
सवाल यह है कि JSCA में आखिर ऐसे फैसले बार-बार क्यों सामने आते हैं, जिनके बाद संगठन के भीतर विवाद और हंगामे की स्थिति बनती है?
JSCA झारखंड क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था है। रांची का JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम देश के प्रमुख क्रिकेट मैदानों में गिना जाता है। झारखंड ने इसी व्यवस्था से राष्ट्रीय स्तर पर कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन क्रिकेट की उपलब्धियों के साथ-साथ JSCA का प्रशासनिक विवादों से जुड़ना भी कोई नई बात नहीं है।
इस AGM में भी पिछले साल कमेटी ऑफ मैनेजमेंट द्वारा एस.बी. सिंह को सदस्यता से निष्कासित करने के फैसले को सदस्यों ने मंजूरी दे दी।
यानी मामला अब केवल कमेटी ऑफ मैनेजमेंट के फैसले तक सीमित नहीं रहा—AGM ने भी उस पर अपनी मुहर लगा दी।
दूसरी बड़ी बात रही झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वीरेंद्र सिंह को JSCA का Ombudsman और Ethics Officer बनाया जाना।
क्या यह नियुक्ति संकेत है कि JSCA अब अपने अंदर के प्रशासनिक और नैतिक विवादों को एक मजबूत संस्थागत व्यवस्था के जरिए संभालना चाहता है?
यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि JSCA में क्रिकेट से जुड़े फैसलों के साथ-साथ सदस्यता, प्रशासन, चुनाव और अधिकारों को लेकर विवाद समय-समय पर सुर्खियों में आते रहे हैं।
AGM में वित्तीय वर्ष 2025-26 का ऑडिटेड अकाउंट भी सर्वसम्मति से पास हुआ। पिछले AGM और 25 अगस्त की Special General Meeting की कार्यवाही को भी मंजूरी मिली।
लेकिन असली सवाल फिर वही—
JSCA को सुर्खियां क्रिकेट की उपलब्धियों के लिए मिलेंगी या प्रशासनिक फैसलों और विवादों के लिए?
रांची का यह क्रिकेट स्टेडियम सिर्फ मैचों का मैदान नहीं रहा है। इसके भीतर होने वाले संगठनात्मक फैसले भी लगातार क्रिकेट जगत और झारखंड की खेल राजनीति का तापमान तय करते हैं।
अब देखना होगा कि Ombudsman और Ethics Officer की नई व्यवस्था JSCA के पुराने विवादों पर कितना ब्रेक लगा पाती है।
@cricketjsca@cricketjsca1@ShahdeoAjay@BCCI@BCCIdomestic@ETVBharatJH@newswave31
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आज राखी के दिन
जेल के बाहर खड़ी ये बहनें…
जिनके भाई सलाखों के पीछे हैं,
सिर्फ एक राखी बाँधने के लिए
लंबी कतार में घंटों इंतजार कर रही हैं।
हाथों में राखी, आँखों में उम्मीद…
और दिल में बस एक सवाल—
“भाई, कब बाहर आओगे… कब मेरी रक्षा करोगे?”
रिश्ते खून के नहीं,
भावनाओं के होते हैं।
और राखी… उन भावनाओं की सबसे मार्मिक मिसाल।
ये फोटो सिर्फ एक तस्वीर नहीं,
बहुत कुछ कहती है। ❤️
#RakshaBandhan #Rakhi #बहन_भाई
🔋 भारत का EV क्रांति का दौर शुरू!
2030 तक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार 20 लाख करोड़ का हो जाएगा और इससे 5 करोड़ नए रोजगार पैदा होंगे।
बैटरी निर्माण, चार्जिंग स्टेशन, सॉफ्टवेयर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन रखरखाव और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भारी अपॉर्चुनिटीज खुलने वाली हैं।
अभी देश में सिर्फ 57 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं और कुल बाजार में EV की हिस्सेदारी महज 7% है। यानी अभी बहुत बड़ा विस्तार बाकी है।
सरकार का लक्ष्य साफ है — अगले 5 साल में वाहन उद्योग को 22 लाख करोड़ का बनाना। अमेरिका और चीन के मुकाबले भारत अभी पीछे है, लेकिन तेजी से आगे बढ़ रहा है।
तेल आयात घटेगा, पर्यावरण सुधरेगा और युवाओं के लिए नए करियर के दरवाजे खुलेंगे।
जो अभी इस सेक्टर में स्किल्स सीखेगा, इन्वेस्ट करेगा या बिजनेस शुरू करेगा — वही आगे तरक्की करेगा।
भारत की नई इंडस्ट्रियल क्रांति का नाम है — Electric Mobility 🇮🇳
@nitin_gadkari@OfficeOfNG@MORTHIndia@NITIAayog
#EVIndia #GreenJobs #MakeInIndia #InvestmentOpportunity
🚨 BREAKING |
BSNL सिम यूज करने वाले और मोबाइल चलाने वालों यूजर्स को बड़ा तोहफा! 🇮🇳📶
देशभर में BSNL के 18,685 नए 4G टावर लगेंगे। 1 लाख 4G साइटों के एक्टिव होने के बाद सरकारी टेलीकॉम कंपनी ने नेटवर्क विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है।
खास बात—BSNL का 4G नेटवर्क पूरी तरह ‘Made in India’ तकनीक पर आधारित है। TCS और Tejas Networks की मदद से नेटवर्क का विस्तार होगा। Tejas Networks को BSNL के लिए RAN Equipment और Accessories सप्लाई करने का ऑर्डर मिला है।
👉 BSNL ग्राहकों को क्या मिलेगा?
📡 ज्यादा नेटवर्क कवरेज
⚡ बेहतर 4G इंटरनेट की उम्मीद
📱 नए इलाकों में कनेक्टिविटी
🇮🇳 स्वदेशी तकनीक से तैयार नेटवर्क
🚀 भविष्य में 5G अपग्रेड का रास्ता और मजबूत
महंगे होते निजी टेलीकॉम रिचार्ज के बीच BSNL का यह नेटवर्क विस्तार ग्राहकों के लिए बड़ी राहत बन सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो कम कीमत में मोबाइल इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा चाहते हैं।
सबसे बड़ा सवाल—18,685 नए टावर कब तक चालू होंगे? फिलहाल ऑर्डर जारी हुआ है, लेकिन पूरा होने की समयसीमा सामने नहीं आई है।
🇮🇳 BSNL का दांव साफ है—स्वदेशी 4G को मजबूत करो, ग्राहकों को जोड़ो और 5G की जमीन तैयार करो।
Ranchi Report | बड़ी खबर, सीधे आपकी नजर में।
@BSNLCorporate@MIB_India
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राँची के डीसी मंजूनाथ भजंनत्री की सादगी और अपनापन और संवेदनशीलता एक बार फिर से देखने को मिला.
वीडियो देखकर डीसी साहब के बच्चों के साथ का आत्मीय खुशी देखने लायक है.
जब गवर्नमेंट मिडिल स्कूल नवीन आरक्षी, रांची-1 की छात्राओं ने राखी (हैंड मेड ) बांधकर रक्षाबंधन के पावन पर्व को प्रशासनिक परिसर में जीवंत बना दिया।
@prdjharkhand@JharkhandCMO@HemantSorenJMM@mbhajantri@IASassociation
22,006 करोड़ का कर्ज, निपटारा सिर्फ ₹6.5 करोड़ में! आखिर सुभाष चंद्रा के मामले में NCLT ने ऐसा क्यों किया?
यह खबर सिर्फ एक बड़े “haircut” की कहानी नहीं है। इसे समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि ₹22 हजार करोड़ का आंकड़ा सुभाष चंद्रा द्वारा व्यक्तिगत रूप से लिया गया कर्ज नहीं, बल्कि एस्सेल ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के कर्ज की उनकी personal guarantees से पैदा हुई देनदारी है।
कंपनियों के default के बाद कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने चंद्रा की personal guarantee के आधार पर दावे किए। सभी admitted claims मिलाकर रकम करीब ₹22,006.57 करोड़ हो गई।
अब चंद्रा के लिए insolvency resolution process चला। उनके repayment plan में कुल ₹6.5 करोड़ देने का प्रस्ताव था—जिसमें करीब ₹6.25 करोड़ creditors के लिए और ₹25 लाख प्रक्रिया की लागत के लिए हैं।
यानी ₹22,006 करोड़ के दावों के मुकाबले creditors को करीब 0.03% रकम मिलेगी। लगभग 99.97% का haircut।
लेकिन NCLT ने इसे मंजूर क्यों किया?
इस plan को करीब 80.81% voting share वाले creditors का समर्थन मिला था। कुछ lenders, खासकर LIC Housing Finance, ने इसका विरोध किया और कहा कि इतनी कम recovery स्वीकार नहीं की जा सकती।
NCLT ने माना कि Resolution Professional की valuation के अनुसार चंद्रा की व्यक्तिगत संपत्तियां इतनी नहीं हैं कि bankruptcy की स्थिति में creditors को इससे ज्यादा रकम मिल सके। इसलिए उपलब्ध विकल्पों में approved plan को बेहतर माना गया।
एक और महत्वपूर्ण बात—इस फैसले से मूल कंपनियों का पूरा कर्ज खत्म नहीं होता। Lenders के पास मूल borrowers की संपत्तियों, collateral और अन्य recovery mechanisms से वसूली के अधिकार बने रह सकते हैं।
मामले में NCLT की दो सदस्यीय बेंच की राय अलग थी। बाद में तीसरे सदस्य नीलेश शर्मा ने बहुमत के आधार पर repayment plan को मंजूरी दी। अब औपचारिक consequential order और आगे की implementation प्रक्रिया होगी।
इस मामले का बड़ा संदेश क्या है?
IBC में सवाल सिर्फ यह नहीं होता कि “कितना पैसा बकाया है”, बल्कि यह भी देखा जाता है कि वास्तव में कितना recover किया जा सकता है।
लेकिन ₹22 हजार करोड़ के सामने ₹6.5 करोड़ की recovery ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा किया है—
क्या यह creditors के लिए बेहद बड़ा नुकसान है, या bankruptcy की स्थिति में इससे भी कम मिलने की संभावना के बीच यही व्यावहारिक समाधान था?
यही सुभाष चंद्रा केस को भारत के IBC, personal guarantee और banking recovery system के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाता है।
#SubhashChandra #NCLT #IBC #Banking #Insolvency #Zee
Ranchi, Jharkhand |
बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे लोगों पर दित्या घोष (राम प्रसाद की भाभी) ने कहा, “…हम कल से उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। वह नेपाल में हैं… अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली, संपर्क भी नहीं हो पाया। कल से न्यूज़ देखकर हम चिंतित हैं… झारखंड सरकार से अनुरोध है कि वे केंद्र सरकार से आग्रह करें कि नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर सहायता सुनिश्चित करें… राम प्रसाद एडमिन भूमिका में काम कर रहे थे और उनके साथ 200 से ज्यादा भारतीय हो सकते हैं…”
#NepalFloods #Jharkhand