मंदिर के रखवाले मंदिर के दानपात्र से पैसे चुरा रहे हैं। इससे हिन्दू आस्था का अपमान नहीं होता।
चोरी की जांच में पारदर्शिता न हो। इससे भी हिन्दू आस्था का अपमान नहीं होता।
पर अगर कोई चोर-चोर चिल्ला दे तो हिन्दू आस्था पर चोट हो जाती है। विहिप के विनोद बंसल टाइप लोग क्या खाकर आते हैं टीवी की बहसों में।
एक विद्वान, शास्त्र-पठित लगने वाले सज्जन से ‘स्वयंभू’ मंदिरों पर यहाँ चर्चा चल पड़ी है।
क्या सचमुच कुछ देव विग्रह/शिवलिंग/हनुमान मूर्तियाँ आदि स्वयंभू होते हैं? हो सकते हैं? वे स्वयंभू हैं, स्वतः ही प्रकट हुए हैं यह जानने की क्या विधियाँ हैं? जन आस्था को कुछ देर अलग रख कर वैज्ञानिक और शास्त्रीय दोनों दृष्टियों से देखने पर क्या मिलता है?
थोड़ी सी भी यात्राएँ करने वाले प्रत्येक भारतीय ने जगह-जगह ऐसे बोर्ड लगाए हुए ‘प्राचीन स्वयंभू’ मंदिर देखे होंगे। क्या उनकी प्राचीनता, असाधारणता, स्वयंभू होने को जानने की व्यवस्था तथा विधियाँ हैं?
कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार या अपराध हुआ तो तत्कालीन पीएम-सीएम जिम्मेदार
सपा सरकार में हुआ तो मुलायम सिंह यादव जिम्मेदार
ममता सरकार में हुआ तो ममता बनर्जी जिम्मेदार
लालू यादव सरकार में हुआ तो लालू यादव जिम्मेदार
लेकिन
भाजपा के डबल इंजन में राम मंदिर लुट गया तो टुन्नू यादव जिम्मेदार
धूर्तता की कोई तो सीमा होनी चाहिए मितरों !
@ShuklaRajiv छुटभैये जब जी हुजूरी से एकाएक बड़े पद पर पहुंच जाते है तो वो बौखला जाते है।
अगर चुनाव इनके नाम पर लड़ा गया होता तो इनको मालूम चलता कि सीएम बनने के लिए सिर्फ कुशवाह नहीं बल्कि एक एक बिहारी जनमानस जरूरी है।
क्या कोई मुख्यमंत्री इस तरह सिर्फ अपनी जाति की ही बात कर सकता है? वह कह सकते थे कि किसी बिहारी को छूने की हिम्मत किसी को नहीं करना चाहिए । केवल कुशवाहा जाति की बात क्यों ।
हर जानकर और भुक्तभोगी कह रहा है कि एथेनॉल से गाड़ी का एवरेज कम होता है।
तमाम वीडियो तैर रहे हैं जो दावा करते हैं कि एथेनॉल से गाड़ियों का बैंड बज रहा है।
फिर भी मोदी सरकार जबरन लोगों को एथेनॉल मिला ईंधन दे रही है।
अगर एथेनॉल इतना ही अच्छा है तो सरकार सबको दोनों तरह का(शुद्ध और मिलावटी) तेल उपलब्ध कराए। लोगों को जिसमें फायदा दिखेगा, वो वाला इस्तेमाल करेंगे।
@RahulDev718370 अब समीर भाई भी बोलेंगे कि बड़े लोगों का नाम लूंगा तो मैं खतरे में पड़ जाऊंगा।
दबदबा वाले नेताजी और बागेश्वर वाले बाबा तो पब्लिकली ये सच्चाई स्वीकार चुके है।
गहरे मोहभंग के बाद चिंतन से निकली यह अंतर्दृष्टि सराहनीय है, समीर। साधुवाद। यह प्रक्रिया जारी रहे। वैसे ऐसे महान नेता(ओं) के नाम भी ले लेते तो लोगों को भ्रम में रहने का बहाना न मिलता।
@semeerc@vijaybaba815201 विजय ही सच्चा सनातनी है क्योंकि सच्चे सनातनियों ने अपने ही लोगों से भेदभाव किया था, उन्हें ज्ञान और जानकारी से दूर रखा, जहाँ भेद खुलने का खतरा हो प्रवेश निषेध रखा, जो सवाल और विरोध करें उन्हें धर्मद्रोह राजद्रोह घोषित करके दंडित किया।
भारतीय इतिहास गवाह है।
अब भी वही हो रहा है।
राजनीति को लंबे समय करीब से देखने और राजनेताओं की राजनीति पर गंभीर विचार करने के बाद मुझे यकीन हुआ कि एक सफल राजनेता बनने का सबसे बड़ा मंत्र है कि कभी भी लोगों को शांत मत रहने दो,कभी किसी गलती को स्वीकार मत करो,कभी विकल्प के लिए जगह मत छोड़ो,अपने ऊपर लगा दोष कभी स्वीकार मत करो,एक समय पर एक शत्रु पर ध्यान केंद्रित करो, हर ग़लत बात के लिए विरोधियों को जिम्मेदार ठहराओं, भाषण देने की कला से सबको सम्मोहित कर दो,जनता की नजर में ख़ुद को राष्ट्र के रूप में परिवर्तित कर लो और ख़ुद को सबसे बड़ा देशभक्त और विरोधियों को देशद्रोही बता दो।जनता को इतना भ्रमित कर दो कि जनता यह मान ले कि वह है तो देश है।
जो नेता इस मंत्र को साध लेता है,वह राजनीति को भी आसानी से साध लेता है।
जीतू पटवारी ने एक खाप पंचायत को संबोधित करते हुए अपने पिता को फोन लगा दिया और पूछा कहां हो -पिता बोले खेत पर
क्या बोया है -पिता बोले आलू
क्या भाव है -8 से 9 रुपए किलो
कितने बीघा में बोया -पिता बोले 90 बीघा में
लेकिन पिता अंत में दुखी हो कर बोलते है आलू का भाव इतना कम है कि खाद और बीज की लागत भी निकालना मुश्किल है।
ये हालात है किसान के इस देश में कहते थे किसान की आय दोगुनी करेंगे..जीतू पटवारी जैसे जमीनी नेता आगे बढ़ेंगे तो किसान के दर्द को समझेंगे उनके लिया न्याय कर पाएंगे क्योंकि उनके पिता खुद खेतों में काम कर रहे हैं उनका इस मिट्टी से जुड़ाव है।
“21 राज्यों में भगवान राम ने इनकी सरकार बना दी लेकिन अमित शाह अब तक दर्शन को नहीं गए हैं। ये राम को भगवान मानते ही नहीं ” -केजरीवाल
निर्माण के दौरान अमित शाह गए थे लेकिन केजरीवाल उनको घेर रहे हैं कि 2024 जनवरी में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के बाद वे दर्शन के लिए क्यों नहीं गए हैं।
में न्यूज 24 चैनल यदि छोडूंगा तो ता जिंदगी किसी दूसरे चैनल के माइक को हाथ नहीं लगाऊंगा....।
जिस "माहौल क्या है" शो से मुझे पहचान मिली वो न्यूज 24 की देन है जिसने मुझे पहचान दी थीं...।
न्यूज 24 चैनल ने मुझे फ्रीडम से काम करने दिया, जिस दिन से मैने न्यूज 24 में काम करना शुरू किया उसके बाद किसी दूसरे चैनल के बारे में सोचा नहीं....।
यदि मुझे न्यूज 24 चैनल निकाल भी देता है तो में अपने गांव आजमगढ़ चला जाऊंगा, लेकिन किसी दूसरे चैनल में नहीं जाऊंगा....।
बहुत सारे रात को मैने यूट्यूब देखा जिसमें दावा किया जा रहा मुझे न्यूज 24 चैनल ने निकाल दिया है...?
तो एक बात स्पष्ट कर दूं अगले कुछ ही घंटों में 4 जुलाई से 5 जुलाई को में "माहौल क्या है" शुरू करने जा रहा हूं, 2 दिन काम है इसलिए.....।
Imp-
सूत्र-
ये न्यूज चैनल्स के अयोध्या रिपोर्टरों को कहाँ से फोन पर फोन जा रहे हैं?
कि आपकी कितनी टीम अयोध्या आई है?
वो अयोध्या में क्या कर रही है?
अयोध्या कब तक रहेगी?
सारा डिटेल बताइए।
ये कौन सा तंत्र है जो पिछले 24 घंटों में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की खबर पर लगाम लगाने के लिए एकाएक सक्रिय हो गया है?
यह कौन सा तंत्र है जिसने पिछले 24 घंटे में एक महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस भी रद्द करवा दी?
राम मंदिर के दायरे में कवरेज की भी मनाही कर दी?
48 घंटे से अयोध्या के भीतर क्या चल रहा है?
वहां मीटिंगें करने कौन पहुँचा है?
फीडबैक कहाँ से दिया जा रहा है और फिर कहाँ से Instruction नीचे तक जा रहा है?
सरयू के तट से उठ रही ये अनिल कैसी है?
राम की मर्यादा पर किसी संकट के जैसी है?
यह युवक जंतर मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में लोगों को कई दिनों से चाय बांट रहे था ,
ये बात पुलिस की नजर में आ गई और इसके घर पुलिस पहुंच गई ,
पुलिस ने इसका आधार चेक किया और इससे पूछा कि चाय के लिए Funding कहा से मिल रही हैं?
मतलब कुछ भी चल रहा हैं हमारे देश में , चाय पिलाने के लिए भी फंडिंग की जांच हो रही है,
जहां नेता खीरा बोने के लिए 1 करोड़ की सब्सिडी डकार जाते हो , अपने चमचों पर रोज हजारों खर्च करते हो ,
वहां सामाजिक संगठन से जुड़ा हुआ आदमी लोगों को अपने पैसे से चाय भी नहीं पिला सकता !
ऐसे अनगिनत वीडियो देखने को मिल रहे हैं ! लोगों की गाड़ियाँ ख़राब हो रही है!
भरपाई कौन करेगा? गडकरी जी का बेटा?
एक पुत्रमोह में गडकरी जी ने करोड़ों भारतीय नागरिकों का नुक़सान किया है।
75$ प्रति बैरल कच्चा तेल मिल रहा है,
लेकिन जनता को तेल 110 रुपए लीटर मिल रहा है वो भी इथेनॉल ब्लेंडिंग के साथ।
सोचो पहले 110 $ प्रति बैरल में 70 रुपए लीटर तेल मिलता था वो बिना मिलावट के।
सोचो किस लेवल की लूट मची है।
तेल कंपनियों को राजा बनाया जा रहा है।
जय हो सरकार.....