कल बिहार के वैभव सूर्यवंशी न सिर्फ सबसे कम उम्र के भारत के इंटरनेशनल क्रिकेटर बन सकते हैं बल्कि क्रिकेट और बिहार के लिए भी नयी उम्मीद दे सकते हैं!
ऐसे समय जब हम यह तक भूलने लगे हैं की मैच कब है, एक बार फिर सूर्यवंशी के प्रति लोगों का जूनून क्रिकेट को देश में जिन्दा कर सकता है!
जिस दिन श्रीलंका A के साथ भारत का मैच था जिसमें वैभव ने सबसे तेज हाफ सेंचुरी बनाई थी,उस दिन मेरे घर के बगल वाले बाजार में एक दुकानदार रात में अफ़सोस कर रहा था की उसे मैच के बारे में जानकरी नहीं थी और उसने वैभव की पारी मिस कर दी! अलग लेवल का रोमांच पैदा हो रहा है इस लड़के के लिए! सिर्फ इसे देखने लोग जाएंगे मैच देखने! टीवी फिर से खोलेंगे! इससे अपेक्षाओं का पहाड़ भी आता है! लेकिन स्टारडम का यह स्वाभाविक साइड इफेक्ट्स हैं!
साथ ही बिहार को सालों बाद अपना एक ग्लोबल ब्रांड अम्बेसेडर मिला है!
क्या कल हम देश के पहले जेन जी सुपरस्टार के सफर एक औपचारिक आगाज देखेंगे?
@IndexBihar It's the budget for ULBs, showing both receipts and expenditures, but in reality, the total grant received by ULBs is hardly about 1/4 of the budget. In Bihar, almost all ULBs are dependent on govt grants, with their own revenue barely accounting for 1-2% of their budget.
1. ज़रूरत से ज़्यादा **बातचीत**,
2. ज़रूरत से ज़्यादा **लगाव**,
3. ज़रूरत से ज़्यादा **प्यार**,
4. ज़रूरत से ज़्यादा. **उम्मीद**,
5. ज़रूरत से ज़्यादा **भरोसा**,
6. ज़रूरत से ज़्यादा **सोचना**,
7. ज़रूरत से ज़्यादा. **परवाह**,
8. ज़रूरत से ज़्यादा **सफाई देना**,
9. ज़रूरत से ज़्यादा. **समझाना**,
10. ज़रूरत से ज़्यादा **किसी के लिए झुकना**—
**अंत में अक्सर ज़रूरत से ज़्यादा ही कष्ट दे जाते हैं।**
राजधानी पटना मे अधिकतर गर्ल्स हॉस्टल लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है। किसी गर्ल्स हॉस्टल मे किसी लड़की के साथ कुछ ग़लत होता है तो बांकी लड़कियों को या तो डराकर चुप करा दिया जाता है या कोई भी लड़की डर से इन मामलों मे चुप रहना खुद के लिए सुरक्षित समझती है या अभिभावकों के कहने पर चुप्पी साध लेती है और उस गर्ल्स हॉस्टल को छोड़कर दूसरे गर्ल्स हॉस्टल में चली जाती है। इस तरह सच्चाई सामने नही आ पाती और अपराधी बच जाता है तथा अपने अपराध को जारी रखता है।
NEET की तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा की पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल मे हुई मृत्यु के बारे मे उस गर्ल्स हॉस्टल की अन्य लड़कियों को कुछ न कुछ मालूम तो जरूर होगा।
कुछ साल पहले पटना के ही मछुआ टोली और खजांची रोड के गर्ल्स हॉस्टल मे भी छात्रा की मौत हुई थी लेकिन सच्चाई सामने नही आ पायी।
कई गर्ल्स हॉस्टलों से कुछ नेताओं और माफियाओं के संबंध रहते हैं। लोकल थाना से भी इन लोगों की सांठगांठ रहती है। यही वजह है कि ऐसे मामलों की लीपापोती आसानी से हो जाती है।
जहानाबाद की बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए।
@IndiaPostOffice Thank you for your reply. The progress made since November 1, 2025, remains the same. I request you to do the same for faster results.
03. Higher % hikes for experience! Salary increments: bigger % for seasoned employees and lower % for entry-level just like corporate top management.
#PayEquity#8thPayCommission
2. Guaranteed contributory pensions for all!
Mandate secure, shared-contribution pensions in public & private sectors.
#EmployeeWelfare#8thPayCommission