@Dinehshukla जिस समाज की डर से आप लोगों ने ऐसा किया और जिस इज्जत, मान ,सम्मान के लिए आपके घर वालों ने आप लोगों को मजबूर किया अब समाज का कोई भी व्यक्ति उनके साथ खड़ा नहीं होगा!
@SatishMish48681@ajeetbharti@Uppolice मिश्रा जी ब्राह्मण हिंदू धर्म का इंजन है अगर इंजन बिगड़ गया तो समस्या सबको होगी, ब्राह्मण समुदाय तो दिशा देने वाला समुदाय है हिंदू धर्म को!
@AnujShukla00009 आप सही कह रहे हैं शुक्ला जी विनोद साहनी का वध किया है ठाकुरों ने, जिसका आप समर्थन कर रहे हैं!
श्रीमान फिर जो कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ था उसको आप क्या कहेंगे??
आज तक धक्के खा रहे हैं बेचारे उनके लिए भी कुछ बोल दीजिए!
@AnilYadavmedia1 दीदी क्यों अपने अच्छे भले करियर पर विराम लगवाना चाहती हैं! आप सरकार का विरोध करेंगे बदले में आपके घर पर बुलडोजर कार्रवाई होगी आपको झूठ मुकदमों में फसाया जाएगा!
विनोद साहनी हत्या प्रकरण में जिस प्रकार से यादव समाज के लोगों ने न्याय के लिए संघर्ष किया है वह काफी सराहनी है! संकट की इस घड़ी में निषाद समाज को भी देखना होगा कि उनके साथ कौन खड़ा है! पूरे प्रकरण में कोई भी सामंतवादी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं #vinodsahni
@BabuSahab_0003 फिर उस समयये तेवर आप लोगों के कहां थे जब मुगलों के दरबार में आपकी बहन बेटियां जाती थी? आप लोगों के अय्याशी के चक्कर में भारत गुलाम हुआ था!
@AnilYadavmedia1 एक व्यक्ति की गलती से पूरे निषाद समाज को अकेला मत छोड़िए, भैया मैं देख रहा हूं जिस प्रकार यादव समाज निषाद समाज के साथ खड़ा है कोई दूसरा नहीं आया है! आप थोड़ा साथ दे दीजिए पीड़ित परिवार को न्याय जरूर मिल जाएगा, माननीय अखिलेश यादव जी पहले ही पीड़ित परिवार के साथ है!
उत्तर प्रदेश में एक गुनाह के लिए सजा अलग-अलग क्यों मुख्यमंत्री जी? अगर यही किसी दूसरी जाति के साथ हुआ होता तो अब तक पुलिस अपराधी का एनकाउंटर कर चुकी होती और उसके घर पर बुलडोजर चला दिया गया होता!
विनोद साहनी की हत्या करके सामंतवादियों ने अपनी नीचता का परिचय दिया है!
#vinodsahni
@DrLaxman_Yadav इन सामंतवादियों को जब अपनी ताकत दिखाने का मौका था तब अपनी बहन बेटियों को मुगलों के दरबार में भेज दिया करते थे आज कमजोरों पिछड़ों पर अपनी ताकत दिखाते हैं!
शायद बुलडोजर का तेल खत्म हो गया है और पुलिस की बंदूक से गोली खत्म हो गई है!
@yadavakhilesh पूरा निषाद बिरादरी आपकी तरफ आस लगाए बैठा हुआ है, जब इन को ताकत दिखाने का मौका था तब अपनी बहन बेटियों को मुगलों के दरबारो में भेज दिया करते थे, आज सत्ता में है तो अपनी सामंतवादिता को दिखा रहे हैं!!
@upadhyayabhii अगर अपराधी सिंह सरनेम के अलावा कोई और लगाते तब शायद एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई दोनों हो जाती!
पीड़ित भी तो पिछड़ी जाति का है हत्या हो गईतो हो गई क्या फर्क पड़ता है!
विनोद साहनी को न्याय दो!
अगर विनोद निषाद जी की जगह पीड़ित कोई दूसरा पक्ष होता और अपराधी किसी छोटी जात वाले होते हैं तो अब तक एनकाउंटर कर दिया गया होता और घर पर बुलडोजर भी चला दिया गया होता!
@yadayakhilesh आपका बहुत-बहुत धन्यवाद
@yadavakhilesh आदरणीय अखिलेश जी आपने यह मुद्दा उठा दिया है तो पीड़ित को न्याय मिल जाएगा; नहीं तो संजय निषाद जी स्वयं मंत्री होकर और भाजपा में सहयोगी होकर भी शायद न्याय नहीं दिलवा पाए?
क्या पिछड़ों की यही औकात है कि कोई भी उनकी हत्या कर दे नियम कानून सिर्फ पिछड़ों को दबाने के लिए है?