देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। वही दूसरी तरफ पानी के मटके को छूने पर इतना पीटा गया कि जान ही चली गयी।
आजादी के 75 साल बाद भी 9 साल के दलित बच्चे को जालोर मे जातिवाद का शिकार होना पड़ा। हमे पानी के मटके को छूने की भी आजादी नही! फिर क्यों आजादी का झूठा ढिंढोरा पीट रहे है?
What was the point of not postponing anyway if there was nothing to happen following that for almost 3 months...students should have a clear cut clarification..
#NEETPG2022
8 गर्भ खराब होने के बाद जब डॉ अर्चना शर्मा ने 9वे बच्चे की जान बचाई तब उन्हें फरिश्ता नहीं कहा गया पर एक 22 साल की कम उम्र मे चौथे बच्चे को जन्म देते जब पीपीएच से स्वतः कोई मरीज़ मर गयी तो उन्हें कातिल बना दिया गया।वाह।उससे भी मुर्ख पुलिस प्रशासन जिन्होंने बिन जांच FIR दर्ज किया।
Dr. Archana was killed by a criminal system. Now, doctors have to die to prove their innocence in this society. The suicide note was gut wrenching. We demand arrest of involved police personnel. @sanket@ndtv@aajtak@mansukhmandviya
एक आवम है जो रात को सो नही पा रही
एक सरकार है जो आंखे बन्द कर रही है
एक देश है जिसे युवा शक्ति की जरूरत है
एक सरकार है जो आँखे बंद कर रही है
अब आवाम मेहनत के बाद अपना हक मांग रही है
सरकार है कि अब भी आंखे बन्द कर रही है ।।
#ssc_hosh_me_aao#ssc_jawab_do#UpGovtScam