@DrSJaishankar@IndianEmbRiyadh@MEAIndia Pls help! My father passed away on 23 July during surgery in Dammam. He worked at Lion Factory for Steel, Dammam. Employer is delaying repatriation by making excuses. Family in deep trauma. Pls intervene.
Name: Ramgyan
Passport: X5899263
Found an interesting Chart, though of sharing -
Tata Technologies Ltd
FIIS/DIIS: Increase in Holdings
Best-ever recent quarter in terms of sales and profits.
A clean cup with handle pattern near the bottom, with a nice volume spike.
P.S. Not a recommendation.
Cheers!
@DrSJaishankar@IndianEmbRiyadh@MEAIndia Pls help. My father's mortal remains stuck in Saudi for 16 days due to a Labour Court issue. All documents submitted. Family is in trauma. Kindly intervene to bring his body.
Name: Ramgyan Chauhan Passport: X5899263
Location: Dammam
"दतिया उपचुनाव में जीत का श्रेय अखिलेश यादव जी को भी जाता है... उनके समर्थन के बाद बहुत से यादव परिवार हमारे साथ जुड़े"
: जीतू पटवारी (प्रदेश अध्यक्ष, मध्य प्रदेश कांग्रेस)
सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में दावा किया कि अमेरिका ने गाय के मूत्र का पेटेंट कराया है। आइए, इस दावे की वास्तविकता समझते हैं।
1. जिस अमेरिकी पेटेंट का हवाला दिया जा रहा है, वह किसी अमेरिकी संस्था का नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा दायर किया गया था।
2. यह पेटेंट 2020 में मेंटेनेंस (एक्सटेंशन) फीस जमा न होने के कारण समाप्त (Expired) हो गया।
3. यह पेटेंट गाय के मूत्र पर नहीं, बल्कि गाय के मूत्र के डिस्टिलेट (Cow Urine Distillate) के असर का है अर्थात दावा मूत्र पर नहीं, बल्कि उसके आसुत (distilled) अंश के संभावित प्रभाव पर था।
4. स्वयं पेटेंट में यह भी उल्लेख है कि इसी प्रकार का प्रभाव भैंस, ऊँट और हिरण के मूत्र के डिस्टिलेट में भी देखा गया।
डिस्टिलेशन (Distillation) क्या है?
किसी भी मिश्रण में उपस्थित विभिन्न घटकों का वाष्प दाब (Vapor Pressure) और क्वथनांक (Boiling Point) अलग-अलग होता है। इसी सिद्धांत का उपयोग करके डिस्टिलेशन के माध्यम से कुछ वाष्पशील (volatile) घटकों को अलग किया जाता है। यही तकनीक पानी के शुद्धिकरण, समुद्री जल के अलवणीकरण (desalination), रसायन उद्योग और यहाँ तक कि सीवेज के उपचार में भी उपयोग की जाती है। इसलिए किसी पदार्थ का डिस्टिलेट प्राप्त होना अपने-आप में उस मूल पदार्थ के औषधीय या सेवन योग्य होने का प्रमाण नहीं है।
अब एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है। गाय सहित लगभग सभी जानवरों के मूत्र में विभिन्न प्रकार के सूक्ष्मजीव और खरनाक रोगजनक (pathogenic) बैक्टीरिया पाए जाते हैं। यदि मूत्र में इतना शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल कंपोनेंट होता, तो सबसे पहले उसी में मौजूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाने चाहिए थे।
वास्तविकता यह है कि अनेक रसायनों और प्राकृतिक पदार्थों में प्रयोगशाला स्तर पर एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि (antimicrobial activity) पाई जाती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं होता कि वे सीधे पीने, खाने या चिकित्सा के लिए सुरक्षित और प्रभावी सिद्ध हो जाते हैं। किसी पदार्थ को दवा मानने के लिए कठोर प्रीक्लिनिकल और क्लिनिकल परीक्षण आवश्यक होते हैं।
भारत जैसे देश में, जहाँ अभी भी वैज्ञानिक साक्षरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करने की आवश्यकता है, संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच से इस प्रकार के अधूरे या भ्रामक दावे करना लोगों में भ्रम और अंधविश्वास को बढ़ावा मिलेगा । सार्वजनिक जीवन में वैज्ञानिक विषयों पर चर्चा हमेशा उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों और तथ्यों के आधार उस विषय के एक्सपर्ट को करनी चाहिए न कि प्रोपेगंडा के लिए भाषण बाजी करना चाहिए।
ये जो श्री केदारेश्वर महादेव का धाम है
यहाँ सबको मिलता ‘मनचाहा वरदान’ है
ये उस ‘शिवशक्ति अक्ष रेखा’ पर विद्यमान है
जिस पर ‘शिव जी’ के बाक़ी सारे धाम हैं
यहाँ मंदिर के आगे ‘नंदी’ विराजमान हैं
प्रवेश द्वार पर ‘प्रभु राम और श्याम’ हैं
अंदर चमत्कारी ’शालिग्राम’ हैं
जिनके दर्शन से बनते सब भाग्यवान हैं
ये जो श्री केदारेश्वर महादेव’ का धाम है
यहाँ सबको मिलता ‘मनचाहा वरदान’ है
यहाँ आने की जो मन में लेता ठान है
उसका उस पल से ही होता उत्थान है
यहाँ आकर बनते सबके बिगड़े काम हैं
यहाँ ’शंकर जी’ करते सबका कल्याण हैं
सबकी मनोकामनाओं का रखते ध्यान हैं
ये सबकी इच्छापूर्ति का ’परम स्थान’ है
ये जो श्री केदारेश्वर महादेव’ का धाम है
यहाँ सबको मिलता ‘मनचाहा वरदान’ है
श्रावण मास सबके लिए सर्वथा सर्व शुभ हो!
सबके लिए सावन सर्वथा शुभ हो!
रिजजू जी - अखिलेश जी हमने मांगे मानी ये अच्छा है या इमरजेंसी जो लगाई थी वो अच्छा है?
अखिलेश जी - मैंने इमरजेंसी तो नहीं देखा मगर इमरजेंसी में क्या जुल्म होता है वो दिल्ली की सड़कों पर देखने को मिल गया। आंसू गैस, लकड़ी में लगी हुई किले और करेंट तक लगाया गया..
बाकी चढ़ावा चोरी तक आपने की.. ये महापाप है।
संसद में पूर्व IPS अधिकारी और वर्तमान सांसद ने कहा-मैंने इस देश को एक नागरिक के रूप में भी देखा है। मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल में मैं सुरक्षा सचिव रहा,CRPF में सेवा दी,पुलिस में DGP भी रहा।मेरे अनुभव में पहले की सरकार अधिकारियों से जवाबदेही,सुनिए 👇 @HC_meenaMP जी
@RahulGandhi
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
@dgpup
पेपर लीक पर सख्त कानून की चर्चा के बीच यूपी में NDA के दो सहयोगी दलों के विधायक खुद पेपर लीक के मामलों में आरोपी हैं। सुभासपा विधायक बेदीराम और निषाद पार्टी विधायक विपुल दुबे का नाम 2006 के रेलवे ग्रुप-D पेपर लीक मामले में सामने आया था, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। बेदीराम के खिलाफ रेलवे भर्ती, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग और पुलिस भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मामले बताए जाते हैं। विपुल दुबे पर गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज है। कोर्ट में इनके ट्रायल लटके हुए हैं। कानूनी दांवपेंच का इस्तेमाल करके ट्रायल तक नहीं होने दे रहे हैं।
इस देश के युवजन के भविष्य को तबाह कर दिया है इस भ्रष्ट और बेग़ैरत सरकार ने। जिस तरह वाजिब मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों-युवतियों पर सरकार के इशारे पर पुलिस हिंसक और क्रूर हुई, रोड़े-पत्थर बरसाये; वह इस सरकार की कायराना हरकत है। जिस तरह का हैवानी बर्ताव देश की बेटियों के साथ किया गया, एक बच्ची के गुप्तांग में पुलिस द्वारा लाठी डालने का जो घिनौना और अक्षम्य अपराध किया गया; उस मानसिकता को देखकर किसी भी ग़ैरतमंद सरकार का माथा शर्म से झुक जाना चाहिए था। दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफ़ा दें। "निर्लज्ज मौन" धारण किये हुए प्रधानमंत्री मिस्टर मोडी को अपने पद पर बने रहने का कोई हक़ नहीं है।
जिन अभ्यर्थियों की जान गई, उसके लिए ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए। निकम्मे शिक्षा मंत्री फ़ौरन इस्तीफ़ा दें।
राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में गंभीर रूप से घायल लोगों का नियमित मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाए। जो लोग जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनका समुचित इलाज हो ताकि उनकी जान बचायी जा सके।
और, डेढ़ सौ से अधिक परीक्षाओं का पेपर लीक रोकने में नाकाम इस अकर्मण्य शिक्षा मंत्री को नमूना न कहा जाए, तो क्या मौलाना आज़ाद, एम सी छागला, नुरूल हसन, एस आर बोम्मई और अर्जुन सिंह से भी महान शिक्षा मंत्री बताया जाए?